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RRB-NTPC: रेल मंत्री के आश्वासन पर क्या कहना है प्रभावित छात्रों का

 


  • विष्णु नारायण
  • पटना से बीबीसी हिन्दी के लिए
अश्विनी वैष्णव

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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

RRB-NTPC के नतीजों में कथित धांधली और लापरवाही के साथ रेलवे की 'ग्रुप डी' नौकरियों को लेकर जारी नोटिफ़िकेशन के बाद पैदा हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है.

छात्रों का विरोध प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी है. इस पूरे मामले को सुलझाने और सरकार का पक्ष रखने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को ख़ुद प्रेस कॉन्फ़्रेंस की.

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प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा, "मैं अपने छात्र मित्रों से निवेदन करना चाहूँगा कि रेलवे आपकी संपत्ति है. आप अपनी संपत्ति को संभालकर रखें. आपकी जो शिकायतें और बिंदु अब तक उभर कर आए हैं, उन सबको हम गंभीरता से देखेंगे. कोई भी छात्र क़ानून को हाथ में न ले."

रेल मंत्री ने आगे कहा, "कुछ लोग इसका ग़लत फ़ायदा उठा रहे हैं. मैं उनसे निवेदन करूँगा कि वे छात्रों को भ्रमित न करें. यह छात्रों और देश का मामला है. इसे हमें संवेदनशीलता से लेना चाहिए."

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रेल मंत्री ने छात्रों से अपील भी की कि छात्र 16 फ़रवरी तक समिति के अध्यक्ष के समक्ष अपनी शिकायतें प्रस्तुत कर सकते हैं. समिति शिकायतों की जाँच करेगी और चार मार्च से पहले अपनी सिफ़ारिशें प्रस्तुत करेगी.

लेकिन ऐसा लगता है कि रेल मंत्री के आश्वासन के बाद भी छात्रों की नाराज़गी ख़त्म नहीं हुई है.

रेल मंत्री की प्रेस वार्ता के बाद हमने कई प्रतियोगी छात्रों से बात की और पूछा कि वो अब क्या सोचते हैं.

रेलवे ग्रुप डी के प्रतियोगी छात्र मंटू

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रेलवे ग्रुप डी के प्रतियोगी छात्र मंटू

छात्रों की प्रतिक्रिया

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मंटू, पटना

रेलवे ग्रुप डी के प्रतियोगी छात्र मंटू (20 वर्ष) कहते हैं, "मैंने रेल मंत्री की प्रेस वार्ता देखी और मैंने नोटिस किया कि उन्होंने एक बात ग़लत बोली है. जिस वक़्त NTPC का नोटिफ़िकेशन निकला था, तो उसमें 20 गुना रिज़ल्ट की बात कही गई थी. उसमें यह बात तो नहीं कही गई थी कि सीट वाइज़ 20 गुना रिज़ल्ट देंगे, और आज रेल मंत्री सीट वाइज़ 20 गुना रिज़ल्ट देने की बात कह रहे हैं. यह ग़लत है."

रेलवे बोर्ड से बतौर अभ्यर्थी कुछ कहने के सवाल पर मंटू कहते हैं, "मैं ख़ुद भी उनका (नरेन्द्र मोदी) वोटर हूँ. बढ़-चढ़कर उन्हें वोट देता हूँ, लेकिन मैं फिर भी कहूँगा कि मोदी सरकार के आने के बाद से वैसे तो वैकेंसी आई नहीं है, लेकिन जो वैकेंसी आ भी रही है तो रेलवे को विज्ञप्ति निकालते वक़्त ही सारी बातों को स्पष्ट कर देना चाहिए."

पटना के नया टोला इलाक़े में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले आदर्श ने भी रेल मंत्री की प्रेस वार्ता देखी थी.

आदर्श, पटना

प्रतियोगी छात्रों के लिहाज़ से चर्चित नया टोला इलाक़े में रह रहे आदर्श भी RRB-NTPC के प्रतिभागी छात्र हैं.

बीबीसी से बातचीत में वो कहते हैं, "2016 में NTPC की जो परीक्षाएं हुई थीं तो उसमें सिर्फ़ एक परीक्षा हुई थी और सबका कॉमन कट ऑफ़ निकला था. इसीलिए सारे प्रतियोगी छात्र इस बार भी कॉमन कट ऑफ़ खोज रहे हैं कि उसमें 20 गुना छात्र सेलेक्ट हो जाएं जबकि ऐसा हुआ नहीं. इस बार भी परिणाम 20 गुना आया है, लेकिन रोल नंबर के हिसाब से हुआ है. बात यह है कि छात्रों ने तब नोटिफ़िकेशन को ठीक से पढ़ा नहीं था. इसीलिए आज ऐसी दिक़्क़तें हो रही हैं."

आदर्श

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आदर्श

आदर्श के अनुसार सामान्य छात्रों का रिज़ल्ट नहीं आ सका है. ग्रुप डी की परीक्षाओं के बारे में वो कहते हैं कि फ़ॉर्म भरते समय नोटिफ़िकेशन में सिर्फ़ और सिर्फ़ एक परीक्षा की बात कही गई थी, लेकिन इस बीच परीक्षा के लिए फिर एक नोटिफ़िकेशन आया है जबकि सिर्फ़ 20 दिन बच रहे हैं, और कहा जा रहा है कि ग्रुप डी में CBT-2 भी होगा, लेकिन ऐसा होना नहीं चाहिए.

वो सवाल उठाते हैं कि पहले ही परीक्षाएं इतने देर से हो रही हैं और फिर नोटिफ़िकेशन दर नोटिफ़िकेशन से छात्र कैसे पार पाए.

मुकेश, झारखंड से

पटना के इन इलाक़ों में वैसे तो बिहार भर के छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियां करते ही हैं, लेकिन कई छात्र झारखंड और उत्तर प्रदेश से भी आकर तैयारियां करते हैं.

मुकेश झारखंड के गिरीडीह ज़िले के रहने वाले हैं. उन्होंने RRB-NTPC और 'ग्रुप डी' दोनों परीक्षाओं के लिए फ़ॉर्म भरा था. वो RRB-NTPC के पहले राउंड की परीक्षा दे चुके हैं और अब ग्रुप डी की परीक्षाएं भी देंगे. उन्होंने रेल मंत्री की बहुप्रतीक्षित प्रेस वार्ता भी देख रखी थी.

मुकेश

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मुकेश

बीबीसी से बातचीत में वो कहते हैं, "रेल मंत्री की प्रेस वार्ता में ऐसी बातें थीं कि इतनी अधिक संख्या में फ़ॉर्म आए हैं तो जो भी लोग प्रतिभागी हैं वो इसी देश के हैं और बेरोज़गारी को किसी और ने पैदा नहीं किया है. पहले से ही नौकरियां देने का सिलसिला धीमा कर दिया गया है. साल 2014 से लेट-लतीफ़ी हो रही है. यदि हर साल कुछ लोगों को समाहित किया गया होता तो ऐसा संभव था कि यह संख्या कम होती. इसके अलावा रेलवे बोर्ड की ओर से कोई कैलेंडर भी नहीं जारी किया जा रहा."

छात्रों का प्रदर्शन

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प्रदीप

नया टोला में ही रहने वाले प्रदीप कहते हैं, "देखिए NTPC की परीक्षा मैंने भी दी है और पहला राउंड पास किया है, लेकिन बात तो है ही कि उसमें कट ऑफ़ बहुत ज़्यादा कर दिया गया है. कुछ बोर्ड में तो 96 तक कट ऑफ़ चला गया है. कहीं लेवल 2 का 93 चला गया है. लेवल 5 और 6 का तो सामान्य है, लेकिन फिर भी हाई है."

प्रदीप

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प्रदीप

प्रदीप आगे कहते हैं, "छात्रों का मूल मुद्दा यही है कि कट ऑफ़ हाई है और दूसरा कि कहे अनुसार 20 गुना रिज़ल्ट नहीं दिया गया. जो दिया गया उसे 11 से 12 गुना ही कहा जाएगा."

वैसे तो रेल मंत्री ने प्रेस वार्ता के माध्यम से प्रतियोगी छात्रों के ग़ुस्से को शांत करने की कोशिश की, लेकिन छात्रों का यह प्रदर्शन अब राजनीतिक रंग लेने लगा है. बिहार में महागठबंधन के नेता और राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को प्रेस वार्ता है और वामपंथी छात्र व युवा संगठनों ने पहले ही 28 जनवरी के लिए 'बिहार बंद' की कॉल दी है. इसके अलावा प्रतियोगी छात्रों ने 28 जनवरी को "भारत बंद" करने की घोषणा भी की है.

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