Skip to main content

पटना में मुश्किलों का सफर ।।

 पटना में मुश्किलों का सफर:पाटलिपुत्रा बस टर्मिनल से आसान नहीं सफर, समय के साथ जेब पर भी पड़ रही दूरी; अब 100 रुपए तक का बढ़ा बोझ

पटना 

ऑटो चालकों की मनमानी से सफर पूरी तरह से मुश्किल हो गया है। - Dainik Bhaskar

ऑटो चालकों की मनमानी से सफर पूरी तरह से मुश्किल हो गया है।

अब पटना में बस का सफर काफी मुश्किलों भरा हो गया है। बस पकड़ना समय और जेब दोनों पर भारी पड़ने वाला है। शहर से नए बस टर्मिनल का सफर आसान नहीं होगा। ऑटो चालकों की मनमानी से सफर पूरी तरह से मुश्किल हो गया है। मीठापुर बस स्टैंड को पूरी तरह से नए बस टर्मिनल पर शिफ्ट करने के साथ ही मुश्किल बढ़ गई है। प्रशासन सुविधाओं का लाख दावा करे लेकिन आम लोगों के लिए अब सफर महंगा हो गया है।


बोरिंग रोड से 100 रुपए से अधिक किराया


अब बोरिंग रोड से किसी को बस पकड़ने के लिए पाटलिपुत्रा बस टर्मिनल जाना हो तो 100 रुपए से अधिक किराया लग जाएगा। इसके साथ ही जाम और दूरी को ध्यान में रखकर समय भी अधिक देना होगा। मीठापुर बस स्टैंड जाने के लिए पहले 15 से 20 रुपए किराए में लोग पहुंच जाते थे लेकिन अब दूरी मजबूरी बन गई है। प्राइवेट टैक्सी और रिजर्व आटो से तो सफर और भी महंगा हो जाएगा। अगर रात में बस पकड़नी है तो बस टर्मिनल तक जाना आसान नहीं होगा। रात में बस से आने वालों के लिए भी घर तक पहुंचना बड़ी चुनौती होगी।


बरसात में सफर और भी मुश्किल


बरसात के समय में तो सफर और भी मुश्किल हो गया है। पानी के बीच लोगों को सामान लेकर पाटलिपुत्रा बस टर्मिनल जाना काफी मुश्किल काम है। यह उन उन परिवारों पर और भारी पड़ेगा जो प्राइवेट गाड़ी या ऑटो रिजर्व करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे लोगों के लिए बरसात में नए बस स्टेशन की व्यवस्था और सफर काफी परेशान करने वाला होगा। नए बस टर्मिनल पर पूरी व्यवस्था नहीं होने के कारण कीचड़ और अन्य संसाधनों की कमी है, हालांकि प्रशासन का दावा है कि व्यवस्था पूरी है। प्रशासन के दावे के इतर यात्रियों का कहना है कि अब पटना से बस पकड़ना मुश्किलों का सफर हो गया है।


अब मीठापुर से नहीं मिलेगी कोई बस


प्रशासन ने मीठापुर बस स्टैंड को पूरी तरह से बैरिया में नव नर्मित बस टर्मिनल में शिफ्ट कर दिया है। अब मीठापुर से कोई बस नहीं मिलेगी। बिहार के किसी भी क्षेत्र में जाना हो बस पकड़ने से पहले बस स्टैंड तक पहुंचने के लिए दिमाग लगाना होगा। अगर प्रशासन मीठापुर से नए बस स्टैंड तक के लिए बस चलाती तो यात्रियों को काफी राहत होती। मीठापुर बस स्टैंड को नवनिर्मित पाटलिपुत्रा बस टर्मिनल में शिफ्ट करने के बाद शनिवार को बिहार के विभिन्न जिलों के कुल 1320 बसों का परिचालन पाटलिपुत्रा बस टर्मिनल से हुआ। इसके तहत 737 बसों का टर्मिनल में आगमन हुआ तथा 583 बस अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के भी 52 बसों का परिचालन नवनिर्मित टर्मिनल से हुआ।


किस जिले के लिए कितनी बसें


नालंदा के लिए 115, शेखपुरा के लिए 52, नवादा के लिए 205, जहानाबाद के लिए 30 ,मुजफ्फरपुर के लिए 117, दरभंगा के लिए 72, मधुबनी के लिए 57, समस्तीपुर के लिए 137, छपरा के लिए 48, पूर्णिया के लिए 50 ,अररिया के लिए 121 बसों सहित अन्य जिलों के लिए भी बसों का परिचालन टर्मिनल से शुरू हो गया है। सोमवार को भी टर्मिनल में बसों का आगमन एवं प्रस्थान का कार्य लगातार जारी है। प्रशासन का दावा है कि मीठापुर बस स्टैंड से बेहतर एवं आधुनिक सुविधा आईएसबीटी में प्रदान की गई है जो यात्रियों एवं बस मालिकों के लिए हितकारी है।


सुविधा के साथ दूरी भी बढ़ गई


प्रशासन के मुताबिक मीठापुर बस स्टैंड 8 एकड़ में है जबकि आईएसबीटी 25 एकड़ में फैला है जिसमें 10 एकड़ में भवन का निर्माण कर आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई गई है। लगभग11 एकड़ में बसों के पार्किंग की व्यवस्था है। पाटलिपुत्रा बस टर्मिनल पर मीठापुर बस स्टैंड की अपेक्षा कई गुणा अधिक सुविधाएं उपलब्ध है। टर्मिनल पर 50 शौचालय, 14 मोबाइल शौचालय , तथा पेयजल सुविधा 12, यात्री हेल्प डेस्क की सुविधा 2, सुरक्षाकर्मी 60, सफाई कर्मी 42, प्रबंधन शाखा 65, CCTV 10 की व्यवस्था की गई है। लेकिन इन सुविधाओं के साथ जो दूरी बढ़ी है वह लोगों पर भारी पड़ रही है।


ऑटो वालों की मनमानी पर कैसे लगे लगाम


यात्रियों के गमनागमन की सुचारू एवं सुगम सुविधा के लिए टर्मिनल पर पर्याप्त संख्या में ऑटो एवं सिटी बस की व्यवस्था का दावा किया जा रहा है। लेकिन इसके बाद भी यात्रियों से ऑटो चालक मनमानी कर रहे हैं। यात्रियों को आने जाने में यह बड़ी कठिनाई है। शहर से बैरिया तक का सफर लोगों पर काफी भारी पड़ रहा है। वह नए टर्मिनल पर कैसे पहुंचे यह बड़ी चुनौती है। ऑटो चालक लोगों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं और प्रशासन के पास इस पर अंकुश लगाने का अब तक कोई प्लान या कंट्रोल रूम नहीं है।


ऐसे शिफ्ट हुआ बस स्टैंड


चरणबद्ध तरीके से बैरिया में मीठापुर बस स्टैंड को शिफ्ट किया गया है। पहले गया और जहानाबाद के लिए 15 फरवरी से बसों का परिचालन शुरू किया गया जबकि नवादा नालंदा जमुई शेखपुरा के लिए 15 जून से बसों का परिचालन टर्मिनल से शुभारंभ किया गया । शेष hi j अन्य जिलों के लिए 31 जुलाई को पूरी तरह से मीठापुर बस स्टैंड को पाटलिपुत्रा बस टर्मिनल में शिफ्ट कर दिया गया ।

Comments

Popular posts from this blog

"बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!"

सिमरन प्रजापति  with  Rekha Vinod Jain  and  4 others Mon  ·  क्या खुब लिखा है किसी ने ... "बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!" न मेरा 'एक' होगा, न तेरा 'लाख' होगा, ... ! न 'तारिफ' तेरी होगी, न 'मजाक' मेरा होगा ... !! गुरुर न कर "शाह-ए-शरीर" का, ... ! मेरा भी 'खाक' होगा, तेरा भी 'खाक' होगा ... !! जिन्दगी भर 'ब्रांडेड-ब्रांडेड' करने वालों ... ! याद रखना 'कफ़न' का कोई ब्रांड नहीं होता ... !! कोई रो कर 'दिल बहलाता' है ... ! और कोई हँस कर 'दर्द' छुपाता है ... !! क्या करामात है 'कुदरत' की, ... ! 'ज़िंदा इंसान' पानी में डूब जाता है और 'मुर्दा' तैर के दिखाता है ... !! 'मौत' को देखा तो नहीं, पर शायद 'वो' बहुत "खूबसूरत" होगी, ... ! "कम्बख़त" जो भी ...

छिनतई होती रही और सामने से चली गई पुलिस.....

 DB Gaya 28.08.23

Magar Momino pe Kushada hain rahen || Parashtish karen Shauq se Jis ki chahein

  करे गैर गर बूत की पूजा तो काफिर  जो ठहराए बेटा खुदा का तो काफिर  गिरे आग पर बहर सिजदा तो काफिर  कवाकिब में मानें करिश्मा तो काफिर  मगर मोमिनो पर कुशादा हैं राहें  परस्तिश करें शौक से जिस की चाहें  नबी को जो चाहें खुदा कर दिखाएं  इमामों का रुतबा नबी से बढ़ाएं  मज़ारों पे दिन रात नजरें चढ़ाएं  शहीदों से जा जा के मांगें दुआएं  न तौहीद में कुछ खलल इससे आये  न इस्लाम बिगड़े न ईमान जाए । ( मुसद्दस हाली ) __________________________________________________ Padhne k baad kya Samjhe ? Agar Gair Boot ki Puja , Murti Puja , Yani ek khuda k Awala ki kisi Dusre ki puja kare to Kafir  Eesha Alaihissalam ko manne wale Agar Ek Allah ki Parastish karne k sath Eesha Alaihissalam ko Khuda maan Liya to  Fir bhi Kaafir  Aag ki sijdah Jisne Kiya wah bhi kaafir ho gaya  Falkiyaat Aur chaand aur sitaron k Wajud ko Allah ka banaya hua n maan kar Sirf Karishma maan liya to bhi Kaafir ... Lekin Musalmano ki Rahen Aasan aur Wasi  kai...