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Gujarat|| 60 ki maut

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छठ का प्रसाद बनाते हुए औरंगाबाद में बड़ा हादसा, सिलेंडर फटने से 25 झुलसे

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  अनिल गोस्वामी नामक औरंगाबाद निवासी के घर में महिलाएं छठ का प्रसाद बना रही थी। घर के पुरुष सदस्य बाहर बैठे थे। इसी दौरान सिलेंडर से गैस लीक होने लगा। महिलाएं डरकर निकल गई और गर्म होकर सिलेंडर फट गया। Sudhir Kumar     लाइव हिंदुस्तान , औरंगाबाद Sat, 29 Oct 2022 10:55 AM     हमें फॉलो करें बिहार में छठ पर्व के दौरान औरंगाबाद से बड़ी खबर सामने आई है। यहां एक घर में सिलेंडर ब्लास्ट के बाद आग लगने के बाद 25 लोग बुरी तरह झुलस गए। हादसा छठ का प्रसाद बनाने के दौरान हुआ। सभी को अस्पताल में भर्ती किया गया है। हादसे में झुलसने वालों में पुलिसकर्मी भी हैं। सभी को अस्पताल भर्ती किया गया है। जानकारी के मुताबिक, घटना ओरंगाबाद के नगर थाना क्षेत्र के शाहगंज की घटना है। अनिल गोस्वामी नामक शख्स के घर में महिलाएं छठ का प्रसाद बना रही थी। घर के पुरुष सदस्य बाहर बैठे थे। इसी दौरान सिलेंडर से गैस लीक होने लगा। महिलाएं घबराकर बाहर निकल गई और गर्म होते होते सिलेंडर में विस्फोट हो गया। विस्फोट से पूरे घर में भीषण आग लग गई। आग की भीषणता देख लोग चीखने चिल्लाने लगे। मोहल्ले के लोगों की ओर से मौके पर आग को बुझाने

जब औरंगज़ेब ने अपने बेटे को हिंदी सिखाने के लिए बनवाई थी डिक्शनरी

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  फ़ैसल मोहम्मद अली बीबीसी संवाददाता, दिल्ली 27 अक्टूबर 2022 इमेज स्रोत, INDIA PICTURES इमेज कैप्शन, औरंगज़ेब का किरदार बहुत ही विवादास्पद रहा है औरंगज़ेब को हिंदुओं से नफ़रत करने वाले कट्टर इस्लामी शासक के रूप में देखा और दिखाया जाता है, लेकिन औरंगज़ेब इतिहास का काफ़ी जटिल पात्र है जिसकी कहानी में कई ऐसी बातें हैं जो लोगों को चौंका सकती हैं. औरंगज़ेब का भाई दारा शिकोह एक उदारवादी शहज़ादे के रूप में मशहूर रहा है जिसने वेदों और उपनिषदों का फ़ारसी में अनुवाद कराया था. सत्ता की लड़ाई में औरंगज़ेब ने 1659 में उसे बेहरमी से मरवा डाला था. बहरहाल, औरंगज़ेब ने एक ऐसा दिलचस्प काम ज़रूर कराया जो उसकी शख़्सियत के कम चर्चित पहलू की ओर इशारा करता है, वह काम था अपने बेटे की तालीम के लिए हिंदी-फ़ारसी शब्दकोश तैयार करवाना. इतिहासकार ओम प्रकाश प्रसाद की किताब 'औरंगज़ेब, एक नई दृष्टि' में ज़िक्र है कि 'तोहफ़तुल-हिन्द' नाम के इस हिंदुस्तानी शब्दकोश को इस तरह से तैयार करवाया गया था जिससे फ़ारसी जानने वाला व्यक्ति हिंदी सीख सके. विज्ञापन औरंगज़ेब के तीसरे बेटे आज़म शाह को स्थानीय भाषा हिंदी