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मध्य प्रदेशः आदिवासियों की 'मॉब लिंचिंग' मामले में बजरंग दल का नाम क्यों आ रहा - ग्राउंड रिपोर्ट

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  सलमान रावी बीबीसी संवाददाता 4 मई 2022, 19:26 IST अपडेटेड एक घंटा पहले इमेज स्रोत, BBC/BIHARI LAL SONI इमेज कैप्शन, धनासाय इनवाती की पत्नी मध्य प्रदेश सरकार ने सिवनी ज़िले में 'मॉब लिंचिंग' यानी भीड़ के हाथों मारे गए दो आदिवासियों के परिजनों को एक-एक नौकरी और आठ लाख 25 हज़ार रूपए बतौर मुआवज़ा देने की घोषणा की है. इसके अलावा घटना में घायल व्यक्ति को भी मुआवज़ा देने की घोषणा की गई है. इससे संबंधित लिखित जानकारी सिवनी के ज़िला अधिकारी राहुल हरिदास फटिंग ने पीड़ित परिवारों को जारी की है जिसे बुधवार को अनुमंडल अधिकारी ने मृतकों के परिजनों और घायल हुए आदिवासी के परिजन को सौंपी है. आदेश में कहा गया है, "अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम 1989 एवं मध्य प्रदेश नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम 1995 में हत्या के प्रकरण में रोज़गार दिए जाने का प्रावधान है." इसी प्रावधान के तहत मृतकों के एक-एक आश्रित को नौकरी देने की घोषणा की गई है. सोमवार तड़के की घटना घटना सोमवार तड़के की है जिसमें '20 से 25' लोगों के समूह ने कुराई थाने के अंतर्गत पड़ने वाले सिमरिया में आदिवासियों के ग्वारी गाँव

Jinnah Desh Bhakt Yaa Desh Darohi

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Zara yah bhi Gaur se dekh lijiye

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Gaya News: गया में सरकारी स्कूल में प्राइवेट टीचर चला रहे कोचिंग, सवाल पूछने पर भड़के स्कूल प्रभारी

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  गया में सरकारी स्कूलों की क्या हालत है। इसका नजारा फतेहपुर प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय कोथर में देखा जा सकता है।सरकारी स्कूल के संचालन के टाइम में प्राइवेट शिक्षक के द्वारा धड़ल्ले से कोचिंग संचालन किया जा रहा Rahul Kumar Publish:Mon, 25 Apr 2022 03:08 PM (IST) Updated:Mon, 25 Apr 2022 03:08 PM (IST) अगली ख़बर पढ़ें फतेहपुर प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय। जागरण संवाद सूत्र,फतेहपुर(गया)।  बिहार के सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने और शिक्षा के स्तर को ठीक करने के लिए सरकार द्वारा लगातार कोशिश की जा रही है। जिलों के डीएम के द्वारा औचक निरीक्षण का कार्यक्रम चलाया जा रहा है ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके। लेकिन गया के फतेहपुर प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय कोथर में शनिवार को अजब नजारा सामने आया। सरकारी स्कूल के संचालन के टाइम में प्राइवेट शिक्षक के द्वारा धड़ल्ले से कोचिंग संचालन किया जा रहा था। वहीं कुछ नामांकित रहे छात्रों को बरामदे में पढ़ाया जा रहा था। जबकि स्कूल के प्रभारी संजय कुमार गायब थे। हद तो यह हो गयी उनसे मोबाइल पर इस मामले में संपर्क किया गया तो उन्होंने उल्टा मीडिया क