Posts

Showing posts from August, 2016

Important links

IMPORTANT LINKS 1. Sarv Shiksha Abhiyan (http://ssa.nic.in/)  2. Education For All In India (http://www.educationforallinindia.com) 3. Registrar General of India (http://censusindia.net/) 4. District Information System for Education (http://dise.in/) 5. National University of Education Planning & Administration (http://nuepa.org/) 6. Website Addresses of States/Union Territories (http://www.schoolreportcards.in/ 7. Details of Primary and Upper Primary Schools In Bihar (http://www.schoolreportcards.in) 8. Bihar Madhymik Shiksha Parishad (http://www.bmsprmsa.in) 9. Mid Day Meal (http://mdmsbihar.org/) 10. Bihar Board of Open Schooling and Examination (B.B.O.S.E.)(http://bbose.org/) 11. All India School Education Survey  All India Survey on Higher Education  Bihar Education Quality Misson(http://bihar100years100pledges.sunai.in) 12. Bihar Education Project Council (http://bepcssa.in) 13. Bihar State Educational Infrastructure Development Corporation (www.

जब हमारी रोजमर्रा की ज़िन्दगी में मिलने वाले लोग "हिन्दू" या "मुसलमान" नहीं होते तो फिर क्या वजह है कि "चुनाव" आते ही हम "हिन्दू" या "मुसलमान" हो जाते हैं ?

Farhad Khan एक आम आदमी सुबह जागने के बाद सबसे पहले टॉयलेट जाता है, बाहर आ कर साबुन से हाथ धोता है, दाँत ब्रश करता है, नहाता है, कपड़े पहनकर तैयार होता है, अखबार पढता है, नाश्ता करता है, घर से काम के लिए निकल जाता है, बाहर निकल कर रिक्शा करता है, फिर लोकल बस या ट्रेन में या अपनी सवारी से ऑफिस पहुँचता है, वहाँ पूरा दिन काम करता है, साथियों के साथ चाय पीता है, शाम को वापिस घर के लिए निकलता है, घर के रास्ते में एक सिगरेट फूँकता है, बच्चों के लिए टॉफी, बीवी के लिए मिठाई वगैरह लेता है, मोबाइल में रिचार्ज करवाता है, और अनेक छोटे मोटे काम निपटाते हुए घर पहुँचता है, अब आप बताइये कि उसे दिन भर में कहीं कोई "हिन्दू" या "मुसलमान" मिला ? क्या उसने दिन भर में किसी "हिन्दू" या "मुसलमान" पर कोई अत्याचार किया ? उसको जो दिन भर में मिले वो थे.. अख़बार वाले भैया, दूध वाले भैया, रिक्शा वाले भैया, बस कंडक्टर, ऑफिस के मित्र, आंगतुक, पान वाले भैया, चाय वाले भैया, टॉफी की दुकान वाले भैया, मिठाई की दूकान वाले भैया.. जब ये सब लोग भैया और मित्र हैं तो

Is any body serious about solution to Kashmir problem...?

Dr M A Ibrahimi, IAS Is any body serious about solution to Kashmir problem...? Curfew continues in Kashmir valley. After 68 dead Kashmir remains a hell. The solution to the Kashmir problem is as remote now as it was before imposition of curfew. The authorities say that it is only 5% of Kashmiri people who are creating trouble.Then does it not indicate that authorities mishandled the situation which has annoyed rest of peace loving 95% people otherwise how the curfew would prolong indefinitely. One important realisation by authorities is that use of lethal ammunition became counter productive. Even use of pellette ammunition was criticised by several quarters. Now efforts are on to use chilli powder PAVA in grenade and tear gas guns. This will be useful in future. The problem of Kashmir is not a new phenomenon. It has been there since accesion of Kashmir with Indian Union. Since then there were Central governments of different political parties. Similarly differnt political partie

अगर स्कूली शिक्षा में गुणवत्ता लाना है तो सबसे पहले शिक्षा विभाग के अधिकारियों -कर्मचारियों से ले कर शिक्षा मंत्री का वेतन-भत्ता छः महीने के लिए बिलकुल बन्द कर दिया जाय तो फिर देखें ना सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में कैसे गुणात्मक सुधार होता ह

Deepak Jaiswal बिहार तेज़ी से सड़ रहा है... बिहार के सरकारी विद्यालयोंं के नियोजित शिक्षकों का वेतन पिछले छः-छः महीनों तक से नहीं मिला है और ऐसे में सरकार और आम जनता बिहार के सरकारी स्कूलों से शिक्षा में गुणवत्ता की उम्मीद करती है... किसी भी विद्यालय में जरूरत के मुताबिक 40% से ज्यादा शिक्षक हैं ही नहीं..... और गणित-विज्ञान- अंग्रेजी में तो बरसों से नहीं... सरकार शिक्षक नियोजन के नाम पर तमाम नौटंकीबाज़ी कर रही है... पिछले तीन साल से एक भी शिक्षक की बहाली नहीं हुई है... जबकि हर महीने हजारों शिक्षक रिटायर हो रहे हैं.... अब अगर सही तरीके से बोर्ड-इंटर परीक्षा लेने पे सरकारी विद्यालयों के 48% बच्चे फेल कर रहे हैं और राज्य में कोचिंग माफिया का प्रचार-प्रसार हो रहा है तो दोष किसका??? अरे अगर स्कूली शिक्षा में गुणवत्ता लाना है तो सबसे पहले शिक्षा विभाग के अधिकारियों -कर्मचारियों से ले कर शिक्षा मंत्री का वेतन-भत्ता छः महीने के लिए बिलकुल बन्द कर दिया जाय तो फिर देखें ना सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में कैसे गुणात्मक सुधार होता है... https://mobile.facebook.com/story.php?story_fbid=1

एक भ्यानक सत्य क्या है , पढ़ना न भूलें

जरूर पढ़ें

1857 जंगे आजादी और उल्मा ए अहले सुन्नत का किरदार जिन्होने अपने खून से हिन्दुस्तान को सींचा और लोगो को गुलामी के जंजीरो से आजाद होने का जज्बा पैदा किया. सुल्तान टीपु ये हिन्दुस्तान के पहले मुजाहीद है जिन्होने अंग्रेजो के खीलाफ अलमे जिहाद को बुलंद किया और सबसे पहले तसव्वरे आजादी का का जेहन दिया.

1857 जंगे आजादी और उल्मा ए अहले सुन्नत का किरदार जिन्होने अपने खून से हिन्दुस्तान को सींचा और लोगो को गुलामी के जंजीरो से आजाद होने का जज्बा पैदा किया. सुल्तान टीपु ये हिन्दुस्तान के पहले मुजाहीद है जिन्होने अंग्रेजो के खीलाफ अलमे जिहाद को बुलंद किया और सबसे पहले तसव्वरे आजादी का का जेहन दिया. 1857 मे जो जंगे आजादी के सबसे बडे हिरो थे इसमे  उल्मा ए किराम की एक बडी तवील फेहरिस्त है खुसुसन इस तहरीक के बानी और इस तहरीक को शूरू करने वाले सबसे पहले जिस शख्शियत का नाम आता है वो हजरते अल्लामा फजले हक खैराबादी का आता है. उसके बाद हजरत सैयद किफायत अली काफी मुरादाबादी रहम. हैं ये अपने वक्त के बहोत बडे जंगे आजादी के मुजाहिद है. मुफ्ती सदरूद्दीन आजरदह देहलवी ये 1857 के जंगे आजादी के वो उल्मा हैं जिन्होने लोगो मे आजादी का जजबा पैदा किया और एक नई रूह फूंकी. इन्ही मे अल्लामा अहमादुल्लाह शाह मडरासी जो एक बहोत बडे वलिये कामिल और एक मजजूब बुजुर्ग थे जब अल्लामा फजले हक खैराबीदी ने अंग्रेजो के खिलाफ अल्मे जिहाद का फतवा दिया तो उस फतवे पर इस बुजुर्ग के भी दस्तखत थे इस बुजुर्ग ने

जब तक जनता की आँखों में आंसू की एक बूंद भी रहेगी हमारा काम अधूरा रहेगा ( देश को आज़ाद होते समय :-पंडित जवाहर लाल नेहरू का ब्यान )

इतिहास के पन्नों में जवाहर

इसलिए अपनाया था सुनीता ने इस्लाम

Image
पढ़ना न भूलें

About maternity leave

Image

पैलेट गन का इस्तेमाल महंगा पड़ सकता है देश को ।

Image
पैलेट गन के इस्तेमाल ने बनाया कश्मीर को अंतराष्ट्रीय मुद्दा । कश्मीर मामले पर पाकिस्तान के पक्ष में 57 देश आ गए हैं जो जनमत संग्रह की मांग कर रहे ।