क़ुरआन में फ़रमाया गया है: जिसने किसी एक बेगुनाह इंसान का क़त्ल किया, समझों उसने पूरी इंसानियत का क़त्ल कर दिया,और जिसने एक जान बचाई, समझों उसने पूरी इंसानियत को बचा लिया! इसी तरह हज़रत मुहम्मद ﷺ ने फ़रमाया: मुसलमान वह है जिसकी ज़ुबान और हाथ से दूसरे लोग महफ़ूज़ रहें।
क़ुरआन में फ़रमाया गया है: जिसने किसी एक बेगुनाह इंसान का क़त्ल किया, समझों उसने पूरी इंसानियत का क़त्ल कर दिया,और जिसने एक जान बचाई, समझों उसने पूरी इंसानियत को बचा लिया! इसी तरह हज़रत मुहम्मद ﷺ ने फ़रमाया: मुसलमान वह है जिसकी ज़ुबान और हाथ से दूसरे लोग महफ़ूज़ रहें।