इस पोस्ट को शेयर करें Facebook इस पोस्ट को शेयर करें WhatsApp इस पोस्ट को शेयर करें Messenger साझा कीजिए इमेज कॉपीरइट GETTY IMAGES केंद्र सरकार ने कहा है कि असम में ऐसे किसी भी बच्चे को डिटेंशन सेंटर नहीं भेजा जाएगा जिसका नाम एनआरसी लिस्ट में नहीं है लेकिन उसके माता-पिता में से किसी का भी नाम लिस्ट में शामिल है. सरकार ने एक ग़ैर-सरकारी संस्था सिटीज़न्स फ़ॉर जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) की ओर से एक याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को ये जानकारी दी. संस्था ने ऐसे क़रीब 60 बच्चों के माता-पिता की तरफ़ से सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी. सोमवार को मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शरद ए बोबडे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के सामने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की वकील अपर्णा भट्ट ने कहा कि इन बच्चों के सारे काग़ज़ात अधिकारियों को दिखाए गए थे, लेकिन इन बच्चों के नाम एनआरसी में नहीं आ सके, लेकिन इन बच्चों के माता-पिता का नाम एनआरसी लिस्ट में है. वकील ने अदालत से पूछा कि क्या अब इन बच्चों को डिटेंशन सेंटर में भेजा जाएगा? इस पर अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल न...
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