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जीतन राम माँझी ने देश में हर तरह के धार्मिक जुलूस पर रोक लगाने की मांग की

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Getty Images Copyright: Getty Images बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम माँझी ने कहा है कि अब वक़्त आ गया है जब देश में हर तरह के धार्मिक जुलूस पर रोक लगा दी जाए. बिहार में सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में जीतन राम माँझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) भी शामिल है. जीतन राम माँझी ने ट्वीट कर लिखा है- अब वक्त आ गया है जब देश में हर तरह के धार्मिक जुलूस पर रोक लगा दी जाए. धार्मिक जुलूसों के कारण देश की एकता और अखंडता ख़तरे में पड़ती दिखाई दे रही है. इसे तुरंत रोकना होगा. पहले रामनवमी और फिर हनुमान जयंती के दौरान राजधानी दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में हिंसा हुई थी. View more on  Twitter View more on twitter जीतन राम माँझी ने पिछले दिनों ये कहकर नया विवाद खड़ा कर दिया था कि वे राम को नहीं मानते. राम कोई भगवान नहीं थे. उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था- तुलसीदास जी ने और वाल्मिकी जी ने अपनी बातों को कहने के लिए एक पात्र बनाया. इस पात्र के माध्यम से उन्होंने यथार्थ को इंगित किया है. काव्य और महाकाव्य में बहुत सी अच्छी बातें हैं. उसको हम मानते हैं. हम तुलसीदास जी को म

NDA के साथी मांझी का भगवान राम पर फिर विवादित बयान, कहा- हम नहीं मानते

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  बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा-जेडीयू सरकार के सहयोगी जीतन राम मांझी ने भगवान राम को लेकर विवादित बयान देते हुए कहा है कि वह भगवान राम को नहीं मानते हैं। राम को काल्पनिक पात्र बताया। लाइव हिन्दुस्तान , पटना   Sudhir Jha Last Modified: Fri, 15 Apr 2022 10:07 AM     बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा-जेडीयू सरकार के सहयोगी जीतन राम मांझी ने भगवान  राम को लेकर एक बार फिर विवादित बयान दिया है। हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने कहा है कि वह भगवान राम को नहीं मानते हैं। उन्होंने खुद को माता सबरी का वंशज तो बताया लेकिन मर्यादा पुरुषोत्तम को काल्पनिक पात्र मानते हैं। जीतनराम मांझी ने छूआछूत की समस्या पर बात करते हुए भगवान राम को लेकर यह विवादित बयान दिया है। गुरुवार को एक कार्यक्रम में जीतन राम मांझी ने सवाल किया कि जो लोग राम को मानते हैं, वह (दलितों) का जूठा क्यों नहीं खाते हैं। उन्होंने कहा कि बड़े लोगों ने सत्ता के लिए लोगों को बांट दिया है। जीतन राम मांझी ने कहा, ''हम तुलीदास जी को मानते हैं, वाल्मीकि जी को मानते हैं। लेकिन राम को हम नहीं मानते, लेक