8 अगस्त 2021 इमेज स्रोत, GETTY IMAGES इमेज कैप्शन, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश जस्टिस रमन्ना भारत के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमन्ना ने रविवार को दिए एक बयान में कहा है कि पुलिस स्टेशन मानवाधिकारों और मानवीय सम्मान के लिए सबसे बड़ा ख़तरा हैं. जस्टिस रमन्ना ने कहा कि मानवाधिकार सबसे पवित्र होते हैं. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि संवैधानिक गारंटी के बावजूद पुलिस हिरासत में उत्पीड़न और मौत अब भी प्रचलन में हैं. उन्होंने कहा, ''मानवाधिकारों और मानवीय सम्मान के लिए सबसे बड़ा ख़तरा पुलिस स्टेशन हैं. हाल की रिपोर्टों को देखा जाए तो विशेषाधिकार प्राप्त लोग भी थर्ड डिग्री व्यवहार से बच नहीं पाते हैं.'' विज्ञापन जस्टिस रमन्ना ने कहा कि पुलिस हिरासत में आए व्यक्ति के पास तुरंत क़ानूनी सहायता उपलब्ध नहीं होती है और हिरासत के पहले घंटे आमतौर पर ये तय करते हैं कि अभियुक्त का क्या होगा. छोड़कर और ये भी पढ़ें आगे बढ़ें और ये भी पढ़ें पीएफ़ सेविंग्स के 37 करोड़ रुपये अवैध तरीक़े से निकाले गए - प्रेस रिव्यू चीफ़ जस्टिस एनवी रमन्ना ने बताया, देश में न्याय व्यवस्था कै...
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