जैक गुडमैन बीबीसी रियलिटी चेक 20 अप्रैल 2020 इस पोस्ट को शेयर करें Facebook इस पोस्ट को शेयर करें WhatsApp इस पोस्ट को शेयर करें Messenger साझा कीजिए सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस को लेकर झूठी और भ्रामक बातें जंगल की आग की तरह फैलती हैं और बीबीसी की टीमें इन फ़र्जी ख़बरों के फ़ैक्ट चेक के बाद वास्तविक तस्वीर अपने पाठकों के सामने रखने की कोशिश करती है. बीबीसी मॉनिटरिंग, ट्रेंडिंग और रियलिटी चेक की टीमों ने बीते हफ़्ते जिन ख़बरों की जांच-परख की, आइए डालते हैं, उन पर एक नज़र. बीसीजी वैक्सीन के बारे में फ़र्ज़ी दावा विज्ञापन व्हॉट्सऐप पर ऐसे मैसेज फ़ॉरवर्ड किए जा रहे थे जिनमें ये दावा किया गया था कि बीसीजी वैक्सीन कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकता है. ये दावा बेबुनियाद और ग़लत था. बीसीजी यानी बैसिलस कैलमेट गुएरिन का टीका बच्चों को तपेदिक की बीमारी से बचाव के लिए दिया जाता है. null और ये भी पढ़ें कोरोना वायरसः क्यों समझदार लोग भी झूठी बातों पर यक़ीन कर लेते हैं? कोरोना क्या नासा ने भारत की तालियां सुनी थी? -फ़ै...
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