सलमान रावी बीबीसी संवाददाता, नई दिल्ली इमेज स्रोत, GETTY IMAGES इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर दिल्ली के पूर्वोत्तर इलाक़े में पिछले साल फ़रवरी में हुए दंगों के एक पीड़ित मोहम्मद नासिर की एफ़आईआर अब शायद दर्ज हो सके, इसके लिए उन्हें थानों और अदालतों के कई चक्कर लगाने पड़े. अब भी शायद इसलिए क्योंकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि वह अदालत के जुर्माने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ ऊपरी अदालत में अपील कर सकती है. अतिरिक्त सत्र न्यायधीश विनोद यादव ने मामले की सुनवाई के बाद पिछले सप्ताह दिल्ली पुलिस पर 25 हज़ार रूपए का जुर्माना लगाया है. उसी आदेश में जज ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से ये भी कहा है कि वो नासिर के मामले की जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों के ऊपर कार्रवाई करके अदालत को इसकी सूचना दें. अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि नासिर के मामले में दिल्ली पुलिस की जांच "बेढंगी, लापरवाह और हास्यास्पद" है. आदेश में कहा गया कि नासिर ने जिन लोगों पर हमले का आरोप लगाया है, पुलिस के "अधिकारियों ने उनका बचाव करने के रास्ते बनाने की कोशिश की है." दिल्ली दंगे: अपने-अपने चश्मे, अपना-अपना सच दिल्ली ह...
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