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पहले सीडीएस जनरल रावत और उनके विवादित बयान

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इस पोस्ट को शेयर करें Facebook   इस पोस्ट को शेयर करें WhatsApp   इस पोस्ट को शेयर करें Messenger   साझा कीजिए इमेज कॉपीरइट GETTY IMAGES जनरल बिपिन रावत ने एक जनवरी 2020 को चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेन्स स्टाफ़ (सीडीएस) का पदभार संभाल लिया. वो अब जल, थल और वायु तीनों सेनाओं के बीच समन्वय का काम करेंगे. हालांकि उनकी इस नियुक्ति पर कई राजनीतिक पार्टियां नाराज़ हैं. पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल रावत ने कई राजनीतिक बयान दिए हैं. कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने उन्हें सीडीएस बनाए जाने को ग़लत फ़ैसला बताया है. कम्युनिस्ट पार्टी के नेता डी. राजा ने कहा है कि मौजूदा सरकार ने उन्हें पुरस्कार दिया है. हालांकि, जनरल रावत ने कहा है कि देश के सैन्य बल 'राजनीति से बहुत दूर रहते हैं' और सत्तारुढ़ सरकार के निर्देशों पर काम करते हैं. उन्होंने कहा, "मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि थल सेना, नौसेना और वायुसेना सब एक टीम की तरह काम करेंगे. सीडीएस का उन पर एक नियंत्रण होगा लेकिन कोई भी कार्रवाई टीमवर्क के साथ की जाएगी." साथ ही रावत ने कहा कि 1+1+1 को सिर्फ़ 3 नहीं होना चाहिए बल्कि

छत्तीसगढ़: ITBP कैंप में एक जवान ने 5 साथियों को गोली मार आत्महत्या की

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4 दिसंबर 2019 इस पोस्ट को शेयर करें Facebook   इस पोस्ट को शेयर करें WhatsApp   इस पोस्ट को शेयर करें Messenger   साझा कीजिए इमेज कॉपीरइट ALOK PUTUL/BBC Image caption सांकेतिक तस्वीर छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित नारायणपुर ज़िले में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के एक कैंप में आपसी गोलीबारी में 6 जवानों के मारे जाने की ख़बर है. नारायणपुर ज़िले के एसपी मोहित गर्ग ने बीबीसी से बातचीत में इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि ज़िले के कड़ेनार क्षेत्र में स्थित एक कैंप में बुधवार सुबह क़रीब 8 बजे जवानों के बीच गोलीबारी हुई जिसमें 6 जवान मारे गए हैं. इनके अलावा 2 और जवान हैं जो आपसी फ़ायरिंग में गंभीर रूप से घायल हुए हैं. ये सभी जवान भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल की 45वीं बटालियन के हैं. इस घटना में घायल जवानों को इलाज के लिए हेलिकॉप्टर से रायपुर ले जाने की तैयारी चल रही है. इमेज कॉपीरइट ALOK PUTUL/BBC Image caption सांकेतिक तस्वीर जवानों के बारे में आधिकारिक सूचना घटना का ब्यौरा देते हुए स्थानीय पुलिस ने कहा कि मारे गए जवानों में से दो प्रधान आरक्षक और चार आरक्ष

8 जनवरी को क्यों होने वाली है देशव्यापी हड़ताल

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ज़ुबैर अहमद बीबीसी संवाददाता, दिल्ली  इस पोस्ट को शेयर करें Facebook   इस पोस्ट को शेयर करें WhatsApp   इस पोस्ट को शेयर करें Messenger   साझा कीजिए इमेज कॉपीरइट GETTY IMAGES देश के लगभग सभी केंद्रीय और स्वतंत्र मज़दूर संघों ने नए इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड बिल के ख़िलाफ़ 8 जनवरी को हड़ताल करने का फ़ैसला किया है. मज़दूर संघ दावा करते हैं कि हड़ताल में 25 करोड़ कर्मचारी शामिल होंगे.   अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ के सी.एच वेंकटचलम और भारतीय ट्रेड यूनियनों के फ़ेडरेशन सीटू के महासचिव तपन सेन ने बीबीसी को बताया कि ये बिल उद्योगपतियों और मालिकों के पक्ष में और मज़दूरों के ख़िलाफ़ है.  सी.एच वेंकटचलम ने कहा, "यह एक मज़दूर-विरोधी, ट्रेड यूनियन-विरोधी और लोकतंत्र-विरोधी क़दम है." तपन सेन कहते हैं, "यह सरकार श्रमिकों को बंधुआ मज़दूर बनाना चाहती है, यह उद्योगपतियों की सरकार है और यह खुलकर ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस के नाम पर ऐसा कर रही है."  null आपको ये भी रोचक लगेगा दिल्ली प्रदूषणः ड्यूटी निभाने में नाकाम सरकारें-सुप्रीम कोर्ट दिल्ली: अवैध क