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मथुरा के मंदिर में नमाज़ पढ़ने पर गिरफ़्तार होने वाले फ़ैसल ख़ान कौन हैं

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  समीरात्मज मिश्रा बीबीसी हिंदी के लिए 3 नवंबर 2020 इमेज स्रोत, SAMIRATMAJ MISHRA इमेज कैप्शन, फ़ैसल ख़ान उत्तर प्रदेश के मथुरा ज़िले में मंदिर में नमाज़ पढ़ने के जुर्म में सामाजिक कार्यकर्ता फ़ैसल ख़ान को गिरफ़्तार कर लिया गया है. एक दिन पहले फ़ैसल ख़ान और उनके तीन अन्य साथियों के ख़िलाफ़ इस मामले में एफ़आईआर दर्ज की गई थी. यूपी पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 153A, 295 और 505 के तहत एफ़आईआर दर्ज की है. आरोप हैं कि फ़ैसल ख़ान और चांद मुहम्मद ने 29 अक्तूबर को मथुरा के नंदबाबा मंदिर परिसर में नमाज़ पढ़ी थी. विज्ञापन उस वक़्त उनके दो अन्य साथी नीलेश गुप्ता और आलोक रतन भी वहां मौजूद थे. छोड़कर और ये भी पढ़ें आगे बढ़ें और ये भी पढ़ें बाबरी विध्वंस कथा के पाँच सबसे अहम पड़ाव अयोध्या में राम मंदिर बनने का असर क्या काशी-मथुरा पर भी होगा? मथुरा के एक मंदिर में नमाज़ पढ़ने पर एफ़आईआर दर्ज, क्या है पूरा मामला? असम में मंदिरों के निर्माण में मदद करने वाले मुस्लिम जोड़े की कहानी समाप्त ये सभी लोग ब्रज की चौरासी कोसी परिक्रमा करने के लिए दिल्ली से मथुरा गए थे और इस दौरान नंदबाबा मंदिर में भी प
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प्रभाकर मणि तिवारी बीबीसी हिंदी के लिए, कोलकाता से इस पोस्ट को शेयर करें Facebook   इस पोस्ट को शेयर करें WhatsApp   इस पोस्ट को शेयर करें Messenger   साझा कीजिए इमेज कॉपीरइट SANJAY DAS/BBC मदरसों का नाम लेते ही आंखों के सामने आमतौर पर एक ऐसे स्कूल की तस्वीर उभरती है जहां अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र पारंपरिक तरीके से तालीम हासिल करते हैं. लेकिन पश्चिम बंगाल के मदरसों में यह तस्वीर बदल रही है. राज्य के मदरसों में न सिर्फ ग़ैर-मुसलमान छात्र पढ़ते हैं, बल्कि उनकी तादाद भी लगातार बढ़ रही है. राज्य में सोमवार से शुरू मदरसा बोर्ड की परीक्षा ने इस बार एक नया रिकॉर्ड बनाया है. इस परीक्षा में शामिल 70 हज़ार छात्रों में से लगभग 18 फ़ीसदी हिंदू हैं. मदरसा बोर्ड की यह परीक्षा दसवीं के समकक्ष होती है. इससे पहले साल 2019 की परीक्षा में ग़ैर-मुस्लिम छात्रों की तादाद 12.77 फ़ीसदी ही थी. राज्य में सरकारी सहायता-प्राप्त 6,000 से ज़्यादा मदरसे हैं. पश्चिम बंगाल मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष अबू ताहेर कमरुद्दीन बताते हैं, "बीते कुछ वर्षों से परीक्षा में