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मोतिहारी: दहेज में भैंस नहीं मिली तो पत्नी को चाकू से गोदकर मार डाला, शव के पास बैठकर रो रहे थे बच्चे

 


बिहार के मोतिहारी में दहेज लोभियों ने एक विवाहिता को इसलिए मार डाला क्योंकि उन्हें दहेज में भैंस नहीं मिली थी। बेटी के पिता जब ससुराल पहुंचे तो देखा कि बच्चे मां के शव के पास बैठकर रो रहे हैं।
buffalo  symbolic image
निज संवाददाता , कुंडवा चैनपुर (पूर्वी चंपारण) Sneha Baluni
Last Modified: Mon, 11 Apr 2022 1:17 PM

आपने दहेज में कार-बाइक और पैसों की डिमांड के बारे में तो जरूर सुना और पढ़ा होगा। लेकिन बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के कुंडवा चैनपुर थाना क्षेत्र के खरूहा गांव में एक पति इसलिए जानवर बन गया क्योंकि उसे दहेज में भैंस नहीं मिली। दहेज लोभियों को भैंस न मिलने की बात इतनी नागवार गुजरी की उन्होंने रविवार रात विवाहिता की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। मृतका की पहचान 24 साल की अमृता कुमारी के तौर पर हुई है जो कुंडवा चैनपुर निवासी नन्हक सिंह की पुत्री थी।

अमृता की शादी चार वर्ष पूर्व वर्ष 2018 में कुंडवा चैनपुर थाना क्षेत्र के खरूहा निवासी बैद्यनाथ सिह के पुत्र दरोगा सिंह से हुई थी। मृतका अमृता की दो बेटी और एक बेटा है। सभी बच्चे अभी छोटे-छोटे हैं। सुबह किसी पड़ोसी द्वारा सूचना पाकर नन्हक सिंह जब बेटी के ससुराल पहुंचे तो वहां कमरे में बेटी का क्षत-विक्षत शव देखकर उनके पैरों तले की जमीन खिसक गई। 

https://www.livehindustan.com/bihar/story-motihari-news-did-not-get-buffalo-in-dowry-kill-wife-by-stabbing-her-on-neck-stomach-accused-in-laws-and-husband-fled-from-house-6237004.html

वहीं मृतका के बच्चे शव के पास बैठकर रो रहे थे। चाकू से गर्दन और पेट को गोदा गया था। घटना के बाद से ही सभी आरोपी घर छोड़कर फरार हैं। कुंडवा चैनपुर पुलिस घटना की सूचना पाकर घटनास्थल पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की पुष्टि करते हुए थानाध्यक्ष रमण कुमार ने बताया कि मृतका के पिता के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है

#Bihar#Motihari #Indra_Aawas_Yojna में मिली गरीबों का पैसा घोटालेबाज़ खा गए , 16 साल बाद भी नहीं मिला पीड़ितों को इंसाफ , भाई कैसा है ये देश और कैसी है सरकार ? मामला #फेनहारा ब्लॉक और थाना के गबन्धी परसौनी का है जहां के लोगों का कहना है कि 2004 में 10000 रुपया मिला जिसमें से 5000 रुपया मुखिया जी ने ले लिए, शिकायत #BDO Phenhara से लेकर DM Motihari तक की गई लेकिन इंसाफ नहीं मिला , देखिये और सुनिए खुद पीड़ितों की जुबानी ।

#शर्म आनी चाहिए #NRC#एनपीआर की बात करने वालों को ! जिस देश में पीड़ितों को 16 साल बाद भी इंसाफ नही मिला हो , जिस देश में अफसरान और न्याय देने और दिलाने वाले लोग 16 साल बाद भी न्याय नहीं दिला पाए हों उस देश में  #NRC#एनपीआर#CAA की बात करना कितना जायज ? क्या इन जैसे करोड़ों  गरीब अगर NRC से बाहर हो जाएं ,भारतीय होने के बावजूद इन्हें अपनी नागरिकता साबित करने की नौबत आ जाये तो क्या लगता है , क्या अपनी नागरिकता साबित कर पाएंगे ?

मोतिहारी के जिलाधिकारी का शुक्रिया ।

मोतिहारी के जिलाधिकारी का शुक्रिया ।

दोस्तों पूर्वी चंपारण के कल्याणपुर ब्लॉक के मनी छपरा पंचायत के वार्ड एक में कुछ लोगों की नादानी और मनमानी की वजह से रोड पे पानी और कीचड़ का अम्बार लग गया था । कई गाँव के लोगों का उस रोड से चलना फिरना मुश्किल हो गया था ।
एक वैक्ति ने अपने घर के सामने पूर्व से सोलिंग हुए रोड पे मिटटी भर कर ऊँचा कर दिया था तो दूसरी तरफ उपरोक्त वार्ड के वार्ड सदस्य के द्वारा सरकारी नल से निकलने वाली पानी से रोड जलमग्न हो गया था । जबकि वार्ड सदस्य को चाहिए था की कल लगाने से पहले पानी की निकासी के लिए नाली का उचित प्रबंध कर लेना चाहिए था ।मगर ऐसा किये बगैर पानी बेरोकटोक गिराए जा रहा था दूसरी तरफ रोड उची कर दिए जाने के कारण पानी पास नहीं हो रहा था ,कुछ लोग रोड को अनधिकृत तरीके से कब्ज़ा कर लिया था ।
उप्रोक्र मामले को दिनांक 10 /7/14 को डी एम मोतिहारी को संग्यान में मैंने लाया उनके आदेश पर बी डी ऑ कल्यानपुर आए बी डी ऑ आये चले गए मगर गाँव वालों ने सूचना नहीं दी इसलिए मुझे पता नहीं चल पाया था की जिला के सुलझे हुए नए जिलाधिकारी हमारे सूचना पर गंभीरता पूर्वक आदेश देते हुए लोगों को तकलीफ से निजात दिलाने का आदेश भी दे चुके हैं ।
इसलिए 11/7/14 को पुनः उन्हें याद दिलाया अबकी बार की आदेश पर सीओ कल्यानपुर आये रोड की नापी सरकारी अमीन से हुआ । पानी जमाव से मुक्ति के लिए सीओ साहब आवश्वक निर्देश दिए । और चले गए जिलाधिकारी पुरबी चंपारण की तत्परतापूर्वक की गयी कार्रवाई के लिय मेरे साथ साथ उस पंचायत की जनता उनका शुक्रिया अदा करती है ।
यहाँ बताते चलें की हमारे पंचायत के लोगों ने आज़ादी से अबतक  सरकारी अमीन का चेहरा कैसा होता है नहीं देखा था ।मगर हमारी सूचना और जिलाधिकारी की संजीदा पूर्ण कार्रवाई ने ये रिकॉर्ड  तोड़ डाला । सड़क की जमीन को कब्ज़ा करने वालों से मुक्ति  भी मिल गयी । अब जिलाधिकारी पूर्वी चंपारण से एक और अनुरोध है की जलजमाव और कीचड़ जमाव के कारण जो रोड खराब हो गयी थी उसे सरकारी फण्ड से पुनः बनाने का आदेश दिला  देते साथ ही पानी की निकासी के लिए नाली का प्रबंधन  भी तो वहां की जनता का सारा दिक्कत दूर हो जाता । एक जिलाधिकारी के लिए ये बहुत बड़ी बात नहीं ।

कभी कभी किसी एक की नादानी हज़ारों सख्स की परिशानी का सबब बन जाती है , ऐसा ही एक मामला पूर्वी चंपारण के कल्याणपुर प्रखंड के तेहत मनी छपरा पंचाय के वार्ड -1 के रहने वाले एक सख्स की नादानी हजारों सख्स की परिशानी का सबब बन हुआ ।

कभी कभी किसी एक की नादानी हज़ारों सख्स की परिशानी का सबब बन जाती है ,  ऐसा ही एक मामला पूर्वी चंपारण के कल्याणपुर प्रखंड के तेहत मनी छपरा पंचाय के वार्ड -1 के रहने वाले एक सख्स की नादानी हजारों सख्स की परिशानी का सबब बन हुआ ।

सरकार ने अभी हाल ही में उपरोक्त पंचायत के वार्ड एक में लोगों की सहूलत के लिए रोड सोलिंग कराये थे । लोगों को बरसात की पानी और कीचड़ से नजात मील गया था । मगर हाल ही में उपरोक्त पंचायत के वार्ड एक के रहने वाले अफजल हुसैन अपने घर के सामने पड़ने वाले रोड जो पहले से ही सोलिंग थी , कच्ची मिटटी भर कर ऊँची कर दिए हैं , जनाब अफज़ल ने मिटटी भरते व रोड को ऊँचा करते वक़्त यह भी नहीं सोंचा की जब मेरे घर के सामने वाली सड़क बाकि सड़क से ऊँची हो जायेगी तो बरसात में होने वाली बारिश की पानी पास किधर से होगी ? और इसका असर क्या होगा ? उनके इस नादानी से हज़ारों लोगों की परिशानी में किस कद्र इजाफा होगा ?
सूत्रों से मिल रही खबर के मुताबिक उनके इस नादानी से एक तरफ पानी का अम्बार लग गया है ,लोगों का आना जाना दुश्वार हो गया है , सरकार ने जिस मनसूबे के तेहत कच्ची सड़क को सोलिंग कराया था उनकी छोटी सी नादानी से मनसूबे पर पानी फिर गया है । स्थानीय प्रसाशन के प्रति  हर आने जाने वालों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच रहा ।
लोग सवाल कर रहे की अफज़ल हुसैन को किसने अधिकार दे दिया की पहले से सोलिंग हुए रोड पर कच्ची मिटटी से भर कर रोड को ऊँचा कर ले ? क्या अफज़ल हुसैन अपनी मनमानी करते हुए रोड को जैसे चाहेंगे वैसे कर लेंगे ? क्या कानून इस बात की इज़ाज़त देता है ?

सम्बंधित प्रखंड के BDO को  उपरोक्त मामले पर फ़ौरन नोटिस लेते हुए उचित कार्रवाई करनी चाहिए ।

BDO , SDO , DM साहेब के लिए घुस की राशी पंचायत के वार्ड सदस्य वसूल रहे ?

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BDO , SDO , DM साहेब के लिए घुस की राशी पंचायत के वार्ड सदस्य वसूल रहे ?

गरीबों को इंद्रा आवास देने के बदले प्रति आवास 10, 000 घुस देना मस्ट है ? क्या 10000 जो गरीबों से वसूली जा रही उसकी रकम BDO ,SDO , DM ,और बाकी वारिये अधिकारीयों तक पहुँच रही ? क्या इस को वसूलने की जिम्मेदारी पंचायत के वार्ड सदस्यों को मिली हुई ?
कहने और सुनने में भले ही ये बातें अजीब मालुम होती है ,मगर जो हकीकत उभर कर सामने आ रही वह इसी बात की पुष्टि करती है ।

पुरबी चंपारण के कल्यानपुर प्रखंड के मनी छपरा पंचायत के वार्ड एक के रहने वाली एक गरीब महिला मखनी ,पति मैनुद्दीन से इंद्रा आवास के बदले यह कह कर दस हज़ार रूपये की माग की के बगैर घुस के इंद्रा आवास नहीं मिलता , इस दस हज़ार की राशी में तमाम अधिकारीयों BDO ,कल्याणपुर ,SDO और DM मोतिहारी का हिस्सा बंधा हुआ , बगैर ये सब किये किसी को नहीं मिलता ,इतना सब पाठ पढ़ा कर दो हज़ार रुपया एडवांस नवंबर 2013 में ले लिया , बाकी शेष राशि लाभार्थी के अकाउंट में जमा होने के बाद लाभार्थी से वसूल की जायेगी । बेचारी मखनी को न तो आज तक इंद्रा आवास ही मिला और न शातिर वार्ड सदस्य मोजम्मिल हुसैन ने पैसा ही वापस किया ।
ये कहानी सिर्फ मखनी ,पति मैनुद्दीन की है ये कहानी आम गरीबों के साथ हो रही गरीब बेचारा कानूनी चक्कर के पचरे में पड़ना नहीं चाहता और सिस्टम ऐसे भ्रष्टों की संरक्षक बनी हुई इसलिए ऐसे लोगों के हौसले बुलंद हैं ।

एक अधिकारी के कारण बढ़ रही सैकड़ों गरीबों की परेशानी ।।

जब पुरबी चंपारण जिला के कल्याणपुर प्रखंड बी डी ओ को उनके प्रखंड से जुड़े क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों के पड़ताल और शिक्षक भर्ती सहित अनेक कार्यो का जाएजा लेने हेतु आर टी आई का सहारा लिया गया तो कई चौकाने वाले तथ्यों को छुपाने की खातिर सम्बंधित पदाधिकारी यानी बी डी ओ ने कई भ्रामक बाते लिखकर कर आवेदक  को भेज डाले जिस के बाद आशंका ये जताई जा रही है कि क्या बड़े  घोटालों को दबाने के लिए ऐसा कारनामा किया गया ?
70 पेज के बदले १ पेज लिखकर भेजा गयाऔर आयोग को ये बताया के सारी  सुचना आवेदक को भेज दिया गया है ,आखिर जब घोटाला नहीं हुआ है तो फिर इतना पैंतरा देने की जरुरत क्यों पड़ी ?