शहबाज़ अनवर बिजनौर से बीबीसी हिंदी के लिए इस पोस्ट को शेयर करें Facebook इस पोस्ट को शेयर करें WhatsApp इस पोस्ट को शेयर करें Messenger साझा कीजिए इमेज कॉपीरइट SHAHBAZ/BBC Image caption बिजनौर में गिरफ़्तार किए गए सलीम की पत्नी सबा और उनकी माँ नाज़िरा "मेरे दोनों बेटों को ज़मानत मिल गई है. अब जल्दी ही मेरे जिगर के टुकड़े घर आ जाएंगे." ये शब्द उत्तर प्रदेश के बिजनौर ज़िले की नगीना तहसील में रहने वालीं नाज़िरा के हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस ने बीते 20 दिसंबर को इनके दो बेटों सलीम और शाकिर समेत 83 लोगों को सीएए के ख़िलाफ़ विरोध करने के मामले में गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया था. विज्ञापन उत्तर प्रदेश पुलिस ने इन युवकों पर हत्या के प्रयास, तोड़फोड़, बलवा और पुलिस के साथ मार-पीट जैसे संगीन मामलों की धाराओं के साथ केस दर्ज किया है. इसके बाद से नाज़िरा के दोनों बेटे जेल में बंद हैं. null और ये भी पढ़ें बिहार: हत्या के आरोप में पति और सास-ससुर जेल में, ज़िंदा लौटी महिला औरंगाबाद CAA विरोध प्रदर्शनः पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सव...
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