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राजा मान सिंह जिन्होंने कांग्रेस के मंच और सीएम के हेलिकॉप्टर से भिड़ा दी थी जीप

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नारायण बारेठ बीबीसी हिन्दी के लिए इस पोस्ट को शेयर करें Facebook   इस पोस्ट को शेयर करें WhatsApp   इस पोस्ट को शेयर करें Messenger   इस पोस्ट को शेयर करें Twitter   साझा कीजिए इमेज कॉपीरइट FACEBOOK/JAT KSHATRIYA CULTURE यह लम्हों की ख़ता थी. मगर इसे फ़ैसले के मकाम तक पहुंचने में 35 साल लग गए. यह 21 फरवरी ,1985 की घटना है. राजस्थान के भरतपुर ज़िले के डीग में चुनाव के दौरान उपजे एक विवाद के बाद पुलिस ने पूर्व रियासत के सदस्य मान सिंह को गोली चला कर मार डाला. मान सिंह पर आरोप था कि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान अपनी जीप से पहले कांग्रेस की सभा का मंच धराशाई कर दिया और फिर तत्कालीन मुख्य मंत्री शिव चरण माथुर के हेलीकाप्टर को जीप से टक्कर मार कर क्षतिग्रस्त कर दिया. मथुरा की एक अदालत ने अब इस मामले में 11 पुलिस कर्मचारियों को दोषी क़रार दिया है. अदालत के इस फैसले पर मान सिंह की पुत्री और पूर्व मंत्री कृषेन्द्र कौर दीपा ने संतोष व्यक्त किया है. दीपा ने बीबीसी से कहा, "हमे इंसाफ के लिए लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी है. इस घटना के बाद पूर्वी राजस्थान और उससे लगते

अदालतों पर भरोसे की बहाली का फ़ैसला...

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Ravish Kumar चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर और जस्टिस रमेश सिन्हा ने साफ कह दिया कि 50 लोगों के बैनर लगा कर यूपी सरकार ने मौलिक अधिकारों का और आर्टिकल 21 के तहत मिले जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन किया है. Published : March 10, 2020 00:26 IST पूरी दुनिया में कच्चे तेल के दामों में 30 प्रतिशत से अधिक की गिरावट से खलबली है कि कहीं अर्थव्यवस्था की सुस्त चाल अब बैठ न जाए. भारत में खलबली है कि कब मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार गिर जाए. पिछले कुछ दिनों से कमलनाथ की सरकार के मंत्री और विधायक कब गायब हो जाते हैं पता नहीं चलता. राजनीति अपने काम में लगी है और सारा कुछ हो जाने के बाद यस बैंक के पूर्व संस्थापक राणा कपूर के यहां छापेमारी हो रही है. कोई 4300 करोड़ की मनीलौंड्रिंग कर जाता है, लोगों के पैसे फंस जाते हैं तब उसके यहां छापा पड़ता हुआ दिखता है जबकि सरकार ही कहती है कि 2017 से यस बैंक भारतीय रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय की निगरानी में था. इलाहाबाद हाइकोर्ट में दो जजों की बेंच ने जो फैसला सुनाया है वो इन सब गतिविधियों से कम महत्वपूर्ण नहीं है. ऐसा फैस