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कोई छूटभैय्ये अपराधी आतंवादी कैसे बन जाते हैं ? उसमें सत्ता और खाकी वर्दी की भूमिका कहाँ तक होती है ? देखिये देश की बात और रवीश कुमार के साथ ।

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#Kashmiri_Journalists कार्रवाई मामले पर अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं रिपोर्टर्स सांस फ़्रंतिए और एमनेस्टी इंटरनेशल ने भारत सरकार से आरोपों को वापस लेने और प्रेस की स्वतंत्रता बहाल करने की माँग की है.

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क्यों हो रही है कश्मीरी पत्रकारों पर कार्रवाई रियाज़ मसरूर बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर इस पोस्ट को शेयर करें Facebook   इस पोस्ट को शेयर करें WhatsApp   इस पोस्ट को शेयर करें Messenger   साझा कीजिए भारत प्रशासित कश्मीर में सरकार ने सख़्त क़ानून यूएपीए (ग़ैरक़ानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम) के तहत एक महिला फ़ोटो-पत्रकार समेत तीन पत्रकारों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की है जिसकी दुनिया भर के पत्रकारों के संगठन ने भर्त्सना की है. 26 वर्षीया मसरत ज़हरा पर राष्ट्रविरोधी फ़ेसबुक पोस्ट्स लिखने का आरोप है जिसे लेकर सोशल मीडिया पर काफ़ी आक्रोश देखा गया. ज़हरा पिछले चार वर्षों से वाशिंगटन पोस्ट और गेटी इमेजेज़ के लिए कश्मीर कवर कर रही थीं. विज्ञापन राष्ट्रीय समाचार पत्र द हिंदू के संवाददाता आशिक़ पीरज़ादा को एक पुलिस हैंडआउट के अनुसार “फ़ेक न्यूज़” लिखने के आरोप में थाने तलब किया गया. उन्हें इसके लिए लॉकडाउन के बीच श्रीनगर से लगभग 100 किलोमीटर दूर अपने घर से लंबा सफ़र करना पड़ा. null और ये भी पढ़ें भारत प्रशासित कश्मीर में एक अन्य पत्रकार के ख़िलाफ़ के

#PulwamaAttack: सीआरपीएफ़ के क़ाफ़िले पर हमले की जाँच कहां तक पहुंची?

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जुगल पुरोहित बीबीसी संवाददाता इस पोस्ट को शेयर करें Facebook   इस पोस्ट को शेयर करें WhatsApp   इस पोस्ट को शेयर करें Messenger   साझा कीजिए इमेज कॉपीरइट GETTY IMAGES दक्षिणी कश्मीर का लडूमोड इलाक़ा 14 फ़रवरी 2019 की दोपहर 3 बजकर 10 मिनट से पहले तक बाक़ी कश्मीरी इलाक़ों की ही तरह था. लेकिन अगले ही मिनट हमेशा के लिए सबकुछ बदल गया. लडूमोड वो जगह बन गई जहां पर सीआरपीएफ़ के क़ाफ़िले की एक बस में आत्मघाती हमलावर मारूती सुज़ुकी ईको गाड़ी लेकर घुस गया और इससे हुए धमाके में 40 सीआरपीएफ़ के जवान मारे गए. सीआरपीएफ़ के लिए कश्मीर में ऐसा संघर्ष या उसके क़ाफ़िले पर हमला कोई नई बात नहीं थी. लेकिन भारत प्रशासित कश्मीर में तीन दशकों से चले आ रहे चरमपंथ में ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया था. इमेज कॉपीरइट GETTY IMAGES सीआरपीएफ़ ने क्या किया? लेकिन इस घटना के बाद ये सवाल उठे कि ऐसी घटना फिर न हो उसके लिए क्या किया गया है. null और ये भी पढ़ें निर्भया गैंगरेप: विनय शर्मा की दया याचिका सुप्रीम कोर्ट में ख़ारिज पुलवामा कांड: जवानों के परिजन आज भी हादसे की जा