रजनीश कुमार बीबीसी संवाददाता, उत्तर-पूर्वी दिल्ली से इस पोस्ट को शेयर करें Facebook इस पोस्ट को शेयर करें WhatsApp इस पोस्ट को शेयर करें Messenger साझा कीजिए क्या पिछले पाँच दिनों से दिल्ली के चाँद बाग़ में चाँद निकल रहा है? अगर निकलता भी है तो चाँदनी रात में यहां क्या दिखता है? डर में जागती आंखें, सड़कों पर बिखरे पत्थर और ईंट के टुकड़े, जली दुकानें, चीख़, सन्नाटा और मनों में पलती नफ़रतें. करावल बाग़ की सड़क तो किसी मलबे में तब्दील हो गई है. पुलिस की कड़ी गश्त और बीच में माइक से लोगों को आगाह करती आवाज़ें- सड़क पर कोई खड़ा नहीं रहेगा. सब कोई अपने-अपने घरों में चले जाएं. लोग यह सुनते ही दौड़कर अपने घरों में भाग जाते हैं. हिन्दुओं के कुछ समूह एक तरफ़ हैं और मुसलमानों के दूसरी तरफ़. इन दोनों के बीच में ही आम आदमी पार्टी के पार्षद मोहम्मद ताहिर हुसैन का घर है. करावल नगर में ताहिर हुसैन के घर से 20 क़दम आगे बढ़ने पर एक नाला है और उसी नाले में आईबी (ख़ुफ़िया विभाग) के एक कर्मी अंकित शर्मा का बुधवार को शव मिला है. हिन्दुओं का कहना है कि इलाक...