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फेसबुक ने बजरंग दल को ख़तरनाक संगठन मानने से इसलिए किया इनकार - प्रेस रिव्यू

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  15 दिसंबर 2020,  इमेज स्रोत, GETTY IMAGES अंग्रेज़ी अख़बार  टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक ख़बर के मुताबिक़  फेसबुक इंडिया ने बजरंग दल को 'ख़तरनाक संगठन' मानने से इसलिए इनकार कर दिया था क्योंकि इससे उसके कर्मचारियों पर हमला हो सकता था और उसका कारोबार प्रभावित हो सकता था. टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने ख़बर अमेरिकी अख़बार वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के हवाले से लिखी है. इस रिपोर्ट के मुताबिक बजरंग दल को ख़तरनाक संगठन में शामिल करने की मांग जून में दिल्ली के बाहर एक चर्च पर हमले के बाद से उठी थी. बजरंग दल के सदस्यों ने इसकी जिम्मेदारी ली थी. हमला करने वालों का दावा था कि वो चर्च हिंदू मंदिर की जगह बनाया गया है. विज्ञापन अख़बार के मुताबिक रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि फेसबुक ने सनातन संस्था और श्री राम सेना पर प्रतिबंध के ख़तरे का भी ज़िक्र किया है. छोड़कर और ये भी पढ़ें आगे बढ़ें और ये भी पढ़ें अमेरिकी सांसदों ने किया किसानों का समर्थन, भारत नाराज़ - प्रेस रिव्यू कोरोना वैक्सीनः भारत में जनवरी से शुरू हो सकता है वैक्सीनेशन - प्रेस रिव्यू किसानों के लिए वॉशिंगटन में प्रदर्शन, गाँधी की मूर्

जब हमारी रोजमर्रा की ज़िन्दगी में मिलने वाले लोग "हिन्दू" या "मुसलमान" नहीं होते तो फिर क्या वजह है कि "चुनाव" आते ही हम "हिन्दू" या "मुसलमान" हो जाते हैं ?

Farhad Khan एक आम आदमी सुबह जागने के बाद सबसे पहले टॉयलेट जाता है, बाहर आ कर साबुन से हाथ धोता है, दाँत ब्रश करता है, नहाता है, कपड़े पहनकर तैयार होता है, अखबार पढता है, नाश्ता करता है, घर से काम के लिए निकल जाता है, बाहर निकल कर रिक्शा करता है, फिर लोकल बस या ट्रेन में या अपनी सवारी से ऑफिस पहुँचता है, वहाँ पूरा दिन काम करता है, साथियों के साथ चाय पीता है, शाम को वापिस घर के लिए निकलता है, घर के रास्ते में एक सिगरेट फूँकता है, बच्चों के लिए टॉफी, बीवी के लिए मिठाई वगैरह लेता है, मोबाइल में रिचार्ज करवाता है, और अनेक छोटे मोटे काम निपटाते हुए घर पहुँचता है, अब आप बताइये कि उसे दिन भर में कहीं कोई "हिन्दू" या "मुसलमान" मिला ? क्या उसने दिन भर में किसी "हिन्दू" या "मुसलमान" पर कोई अत्याचार किया ? उसको जो दिन भर में मिले वो थे.. अख़बार वाले भैया, दूध वाले भैया, रिक्शा वाले भैया, बस कंडक्टर, ऑफिस के मित्र, आंगतुक, पान वाले भैया, चाय वाले भैया, टॉफी की दुकान वाले भैया, मिठाई की दूकान वाले भैया.. जब ये सब लोग भैया और मित्र हैं तो