29/05/2026 10 साल से भी ज़्यादा समय तक मौलाना अब्दुल रहमान जेल में बंद रहे। अब कटक के स्पेशल सेशंस कोर्ट ने उन्हें को आतंकवाद के मामले में बरी कर दिया है। तीन अलग अलग मामलों में रहमान बरी हुए, तब जाकर दस साल बाद जेल से बहार आ पाए। रहमान का मामला अपवाद नहीं है, ऐसे मामले ढूँढने निकलेंगे तो सैंकड़ों रिपोर्ट मिल जाएँगी। आख़िर इस देश में किसी का भी जीवन बर्बाद कर देना इतना आसान क्यों हैं। रहमान को फंसाने वाला सिस्टम किसी दिनेश किसी अजय से भी इसी तरह की अवैध वसूली करता रहता है। परेशान सब हैं मगर फर्क इसलिए नहीं पड़ता कि रहमान की कहानी एक मुसलमान की है। जबकि दिख रहा है सबको सिस्टम चाहे तो किसी को भी घर से उठाकर जेल में डाल सकता है। अब तो बुलडोज़र मिल गया है जिससे किसी का भी घर गिरा दिया जाता है। शायद आपको ऐसा ही भारत चाहिए, वही भारत आपको पहले क़िस्तों में मिलता था, अब थोक में मिल रहा है।
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