बिहार: 'भागे, लेकिन भाग नहीं पाए.....उन लोगों ने छाती पर चढ़कर मैला पिलाया' सीटू तिवारी बीबीसी हिंदी के लिए, पटना से 6 मई 2020 इस पोस्ट को शेयर करें Facebook इस पोस्ट को शेयर करें WhatsApp इस पोस्ट को शेयर करें Messenger इस पोस्ट को शेयर करें Twitter साझा कीजिए इमेज कॉपीरइट ROUSHAN "गांव वालों से बचने के लिए हम लोग बहुत भागे, लेकिन उन लोगों ने हम लोगों को पकड़ लिया. रात भर पीटते रहे, ब्लाउज़ फाड़ दिया, साड़ी फाड़ डाला और छाती पर चढ़ कर मैला (मानव मल का घोल) पिलाया. सुबह गाछी में ले जाकर बाल काट दिए." मुज़फ़्फ़रपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज में भर्ती 55 साल की सुदमिया देवी (बदला हुआ नाम) ने बीबीसी से फ़ोन पर ये बात बताई. सोशल मीडिया पर सुदमिया देवी का एक वीडियो चार मई की देर शाम से वायरल है जिसमें उनके साथ अमानवीय बर्ताव करते लोग नज़र आ रहे है. सुदमिया देवी कहती हैं, "तबीयत ठीक नहीं है. मैला पिलाया तो पूरा दिन कुछ खाने का मन नहीं किया. उल्टी करते-करते परेशान हो गए, अभी दू गो सुईया(दो इंजेक्शन)पड़ा है." क्या है म...