16 ईरानी मिसाइल अमरीकी जहाज पर तनी! ईरान की शर्तों पर खुला होर्मुज! इस्राइल- ईरान के सामने झुके ट्रम्प!

 

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18/04/26
16 ईरानी मिसाइल अमरीकी जहाज पर तनी! ईरान की शर्तों पर खुला होर्मुज! इस्राइल- ईरान के सामने झुके ट्रम्प!



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16.04.2026
अब Trump लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाएंगे ? अब डील भी करेंगे , बात भी करेंगे ट्रंप ....





15.04.2026


'ट्रंप ईरान के साथ एक बड़ा समझौता करना चाहते हैं'- जेडी वेंस

जेडी वेंस

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Getty Images

अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ एक 'बड़ा समझौता' करना चाहते हैं.

सीबीएस न्यूज़ के मुताबिक़, जेडी वेंस ने जॉर्जिया के एथेंस में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि पाकिस्तान में सप्ताहांत के दौरान बातचीत में 'काफ़ी प्रगति' हुई है.

उन्होंने कहा कि ट्रंप ईरान के साथ कोई 'छोटा समझौता' नहीं, बल्कि एक "बड़ा समझौता" करना चाहते हैं.

वेंस ने यह भी माना कि दोनों देशों के बीच गहरा अविश्वास है.

उन्होंने कहा, "इस समस्या को रातों-रात हल नहीं किया जा सकता."

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14/04/2026
पाकिस्तान की पैरवी से बड़ी मुश्किल से जंग से पिंड छुड़ाया हुआ अमेरिका शायद ही किसी के झांसे में आएगा और ईरान से डायरेक्ट भिड़ेगा , बस धमकी , ये कर देंगे ओ कर देंगे इससे ज्यादा आगे नहीं बढ़ेगा ....



होर्मुज नाकेबंदी पर हूथी का पलटवार! IRGC करेगा हैरतअंगेज कारनामा? दूसरी दौर की बातचीत कब?  
     
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13 / 04 /2026

मध्यस्थता करके क्या हासिल हुआ?..
अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई अहम बातचीत किसी अंतिम समझौते तक नहीं पहुंच सकी. 21 घंटे चली इस वार्ता में कई मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन कुछ अहम मुद्दों पर मतभेद बने रहे. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बातचीत बेनतीजा रहने से क्या पाकिस्तान की कूटनीतिक भूमिका पर कोई असर पड़ेगा? उसे ये वार्तालाप की मध्यस्थता करके क्या हासिल हुआ?
रिपोर्टः असद सुहैब, बीबीसी उर्दू
आवाज़ः भरत शर्मा
एडिट: सदफ़ ख़ान

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बीबीसी हिंदी से साभार 

12/04/2026







11.04.2026



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Middle East crisis के बीच Iran की delegation Pakistan पहुँची है, जहाँ high-level peace talks शुरू हो रही हैं।

इस पूरे घटनाक्रम में:

Pakistan mediator की भूमिका निभा रहा है
US और Iran के बीच negotiations चल रही हैं
global geopolitics में बड़ा बदलाव दिख रहा है

इस वीडियो में:

Iran की Pakistan यात्रा का असली मतलब
क्या यह सिर्फ optics है या बड़ा diplomatic move?
India की भूमिका और reaction
media narratives vs ground reality

पूरी analysis के लिए वीडियो अंत तक देखें।


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पाकिस्तान कैसे बना अमेरिका‑ईरान शांति वार्ता का मंच: पर्दे के पीछे की बड़े दांव वाली कूटनीति

मोजतबा ख़ामेनेई, आसिम मुनीर, शाहबाज़ शरीफ़ और डोनाल्ड ट्रंप

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BBC / Getty Images

    • Author,
      उमर नांगियाना और सारा हसन
    • पदनाम,
      बीबीसी उर्दू
    • ........से,
      इस्लामाबाद
  • पढ़ने का समय: 8 मिनट

पाकिस्तान फ़िलहाल अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ़्ते के सीज़फ़ायर पर बनी सहमति में मदद करने की अपनी सफलता का जश्न मना रहा है.

साथ ही पाकिस्तान के नेता शांति वार्ता की मेज़बानी की तैयारी कर रहे हैं.

शनिवार से शुरू होने वाली इस बातचीत से पहले, पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दो दिन की छुट्टी घोषित कर दी गई है.

यह बातचीत असल में होगी या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन शहर ने फिर भी खुद को पूरी तरह इसके लिए तैयार कर लिया है. सड़कों पर सन्नाटा है, क्योंकि करीब 10 हजार पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है.

लेकिन दुनिया के लिए बहुत कुछ दांव पर लगा हुआ है.

दुनिया भर के देश लड़ाई खत्म होते ही होर्मुज़ स्ट्रेट के फिर से खुलने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं. युद्ध से पहले इस रास्ते से दुनिया के लगभग 20 फीसदी तेल की सप्लाई होती थी.

पाकिस्तान का भी काफ़ी कुछ दांव पर लगा हुआ है.

सोशल मीडिया में गर्व और उत्साह

इस्लामाबाद की सड़कों पर अब सन्नाटा पसरने लगा है, क्योंकि अमेरिका‑ईरान शांति वार्ता से पहले एहतियात के तौर पर पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है

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Getty Images

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अमेरिका‑ईरान शांति वार्ता के मद्देनज़र इस्लामाबाद में पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है

अगर बातचीत सफल नहीं होती है और पाकिस्तान को पड़ोसी देश ईरान के साथ जंग में घसीटा जाता है तो फिर उसे 'बुरे सपने जैसे हालात' का सामना करना पड़ सकता है. ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि पाकिस्तान ने पिछले साल सऊदी अरब के साथ एक द्विपक्षीय रक्षा समझौता किया था.

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मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

सिंगापुर की नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में दक्षिण एशियाई मामलों के विशेषज्ञ अब्दुल बासित कहते हैं कि पाकिस्तान ने "यह साफ कर दिया है कि वह सऊदी अरब को दिए गए अपने वादे को निभाएगा."

बासित बताते हैं कि इसका नतीजा यह हो सकता है, "पाकिस्तान की तीन सीमाओं पर माहौल गरमा जाए."

वह यहां पाकिस्तान के अपने दूसरे पड़ोसियों अफ़ग़ानिस्तान और भारत के साथ चल रहे तनाव का ज़िक्र कर रहे हैं. वह कहते हैं, "पाकिस्तान अपने चार में से दो प्रांतों में चल रहे विद्रोहों से लड़ रहा है. पाकिस्तान यह सब झेल नहीं सकता."

बावजूद इसके पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर गर्व और उत्साह छाया हुआ है. अलग-अलग तरह के मीम्स वायरल हो रहे हैं.

बासित कहते हैं, "यह इस मायने में एक जीत है कि दुनिया का कोई भी दूसरा देश युद्धविराम करवाने में कामयाब नहीं हो पाया. और हम एक संभावित बड़ी तबाही के कगार पर खड़े थे. पाकिस्तान ने उस तबाही को टाल दिया."

यह सफलता उस देश के लिए बेहद ज़रूरी थी, जिसने सालों तक राजनीतिक उथल-पुथल, महज़ दो साल पहले कर्ज़ चुकाने में नाकाम होने की कगार पर खड़ी कमज़ोर अर्थव्यवस्था, और भारत के साथ जबरदस्त दुश्मनी का सामना किया है.

तो आख़िर पाकिस्तान ने यह कमाल कैसे कर दिखाया?

ट्रंप के पसंदीदा

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ (बाएं), और फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर (दाएं) के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (मध्य) इमेज स्रोत,White House

इमेज कैप्शन,पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ (बाएं), और फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर (दाएं) के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

पाकिस्तान बेहतर स्थिति में है, क्योंकि अमेरिका, ईरान और खाड़ी देश उस पर भरोसा करते हैं.


सत्ताधारी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग के सांसद मुशाहिद हुसैन सैयद के मुताबिक, "सुलह की इस प्रक्रिया की अगुवाई पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर कर रहे हैं."


आसिम मुनीर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपना "पसंदीदा फील्ड मार्शल" कहते हैं.


मुनीर को शायद पाकिस्तान का सबसे ताकतवर इंसान माना जा सकता है. क्योंकि पाकिस्तान एक ऐसा देश है जहां सेना ने लंबे समय से राजनीति में अहम भूमिका निभाई है.


अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की पूर्व राजदूत मलीहा लोधी बताती हैं, "ट्रंप का दूसरा कार्यकाल शुरू होने के तुरंत बाद, मुनीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ तालमेल बिठाना शुरू कर दिया था और उन्हें 'दो शुरुआती जीत' दिलाई थीं."


सीआईए की खुफिया जानकारी पर काम करते हुए, फील्ड मार्शल ने 2021 के काबुल हवाई अड्डे पर हुए बम धमाके के कथित मास्टरमाइंड को तब अमेरिकियों के हवाले कर दिया, जब वे अफ़ग़निस्तान से निकल रहे थे.


इस आत्मघाती हमले में कम से कम 170 अफ़ग़ान और 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे.


लोधी कहती हैं, "ट्रंप इतने शुक्रगुजार थे कि उन्होंने कांग्रेस में अपने पहले भाषण में इसका ज़िक्र किया."


2021 के काबिल एयरपोर्ट धमाकों के कथित मास्टरमाइंड को डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बात राष्ट्रपति बनते ही अमेरिका को सौंप दिया गया थाइमेज स्रोत,Kash Patel/X

इमेज कैप्शन,2021 के काबुल एयरपोर्ट धमाकों के कथित मास्टरमाइंड को डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बात राष्ट्रपति बनते ही अमेरिका को सौंप दिया गया था

लोधी कहती हैं कि दूसरी जीत यह थी, "जिस तरह पाकिस्तान ने उन्हें यह बताया कि भारत के साथ एक बड़े युद्ध को रोकने में उन्होंने (डोनाल्ड ट्रंप) अहम भूमिका निभाई थी."


पाकिस्तान उन गिने-चुने देशों में से एक है, जिन्होंने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया है. इसकी डोनाल्ड ट्रंप को लंबे समय से चाहत थी.


वह कहती हैं, "याद रखिए कि ट्रंप को उस टैरिफ युद्ध से असल में कोई खास खुशी नहीं मिल रही थी, जिसे वे दुनिया के लगभग हर देश पर थोप रहे थे. इसलिए उन्हें सचमुच उस चीज़ की ज़रूरत थी, जो उन्हें पाकिस्तान से मिली."


पाकिस्तान ने अपने अहम खनिजों तक अमेरिका को पहुंच देने का भी वादा किया है. इसे अमेरिका अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हित के तौर पर देखता है.


पाकिस्तान के फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गनाइज़ेशन देश में अहम खनिजों का खनन करने वाली मुख्य संस्था है और सेना के अधीन काम करती है.


सितंबर 2025 में इसने एक अमेरिकी कंपनी के साथ पांच सौ मिलियन डॉलर के निवेश का समझौता किया. ये प्रधानमंत्री आवास पर हुआ, जिसमें मुनीर भी मौजूद थे.


इसके बाद जनवरी में, पाकिस्तान ने वर्ल्ड लिबर्टी फ़ाइनेंशियल्स की एक सहयोगी कंपनी के साथ एक समझौता किया.


वर्ल्ड लिबर्टी फ़ाइनेंशियल्स एक क्रिप्टोकरेंसी वेंचर है जिसकी सह-स्थापना ट्रंप और उनके परिवार ने की थी. इस समझौते के तहत, कंपनी अपने स्टेबलकॉइन को देश के डिजिटल-पेमेंट सिस्टम में शामिल कर सकती है. इससे ट्रंप के करीबी लोगों के साथ पाकिस्तान के रिश्ते भी मज़बूत हुए हैं.


ही संघर्ष-विराम को कमज़ोर करने की कोशिश कर रहा है."

बुधवार को इसराइल के हमलों में लेबनान में 300 से ज़्यादा लोग मारे गए. इसराइल का कहना है कि ईरान के साथ हुआ संघर्ष-विराम समझौता लेबनान पर लागू नहीं होता.

वह कहती हैं, "पाकिस्तान में अधिकारियों के बीच यह चिंता निश्चित रूप से मौजूद है. और इस मामले में, इसराइल को रोकने की ज़िम्मेदारी और दायित्व ट्रंप पर ही है."

दुर्रानी का कहना है कि पाकिस्तान शांति को बढ़ावा देने के लिए पहले ही "अपनी भूमिका निभा चुका है."

"एक ब्रोकर, मध्यस्थ या सूत्रधार के तौर पर. आपका काम घोड़े को पानी तक ले जाना होता है. आप उसे ज़बरदस्ती पानी नहीं पिला सकते. यह संबंधित पक्षों पर निर्भर करता है कि वे पाकिस्तान को दिए गए इस मौके का फ़ायदा उठाएं."

अतिरिक्त रिपोर्टिंग स्टीफ़न हॉक्स और ग्रेसी सोए

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुकएक्सइंस्टाग्रामयूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)





यह वीडियो करीब 4500 शब्दों से अधिक का है। इसे रिकॉर्ड करने में आवाज़ बैठने लगी। गला पहले से ख़राब है। पाकिस्तान में बातचीत को लेकर कई सारी बातें हो रही हैं। लंबा वीडियो बनाने का एक ही मकसद है कि हिन्दी के दर्शकों को बहुत सारी जानकारी एक जगह मिल जाए और किसी एक बड़ी घटना को अलग अलग कोण से देखा जाए। इस्लामाबाद में जो बातचीत हो रही है वह निश्चित रुप से 21 वीं सदी की बड़ी सियासी और कूटनीतिक घटना है। हर किसी को डूब कर जानना चाहिए कि क्या हो रहा है और क्यों हो रहा है। पाकिस्तान में बातचीत को लेकर भारत में भी बहस है। भारत की विदेश नीति पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस बात को भी हमने शामिल किया है। पाकिस्तान ने इतना बड़ा मंच कैसे हासिल कर लिया, इसके कारणों तक पहुँचने की कोशिश की है। धीरज के साथ इस वीडिओ को देखिए। आप देखते भी रहे हैं। आपका शुक्रिया


08/04/2026

Iran-US Ceasefire: ट्रंप पाकिस्तान को धन्यवाद कह रहे हैं, मोदी जी क्या कर रहे हैं: Sanjay Raut
News24


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ईरान अमेरिका के बीच युद्ध विराम , पाकिस्तानी बना हीरो?


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले को दो हफ्ते के लिए स्थगित करने की घोषणा की है, बशर्ते कि ईरान तुरंत हार्मुज जलडमरूमध्य खोल दे। इस फैसले को ट्रंप ने "दोतरफा युद्धविराम" (डबल-साइडेड सीजफायर) बताया है, जो क्षेत्रीय तनाव में अस्थायी कमी और कूटनीति के लिए जगह बनाने का संकेत दे रहा है इस युद्धविराम में पाकिस्तान ने कैसे की मदद जाने पूरी खबर कमेंट में

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