सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने भोपाल में 'जस्टिस जी.पी. सिंह स्मृति व्याख्यान' के दौरान वाराणसी के 'गंगा इफ्तार पार्टी' विवाद पर यह अहम टिप्पणी की है। उन्होंने साफ कहा कि चिकन बिरयानी खाना कोई अपराध नहीं है और गंगा नदी के ऊपर चिकन खाने पर रोक लगाने वाला देश में कोई कानून नहीं बना है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो कृत्य अपराध ही नहीं है, उसके लिए युवाओं को गिरफ्तार कर तीन महीने तक जेल में क्यों रखा गया?
क्या था पूरा विवाद?
यह मामला मार्च 2026 का है, जब वाराणसी में 14 मुस्लिम युवकों ने गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी की थी। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने धार्मिक भावनाएं आहत करने, नदी प्रदूषित करने जैसी विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। वाराणसी कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद, उन्हें करीब दो महीने से अधिक समय जेल में बिताना पड़ा था और मई के मध्य में इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिली थी।
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