Arfa Khanum Sherwani के इस खास कार्यक्रम में Prof. Apoorvanand और Dr. Asma Zahra के साथ हिजाब विवाद के कानूनी, संवैधानिक, सामाजिक और राजनीतिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
क्या अदालतों को यह तय करना चाहिए कि किसी धर्म में कौन-सी प्रथा Essential है और कौन-सी नहीं? अपूर्वानंद का तर्क है कि अदालतों को धार्मिक सिद्धांतों की थियोलॉजिकल व्याख्या करने के बजाय यह देखना चाहिए कि किसी धार्मिक प्रथा से सार्वजनिक व्यवस्था, दूसरे लोगों के अधिकार या शांति व्यवस्था प्रभावित हो रही है या नहीं।
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