Skip to main content

CAA: महमूद मदनी ने कहा, दूसरे दर्जे का नागरिक बनना मंज़ूर नहीं, चाहे ज़िंदगी रहे या जाए


बीबीसी

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के देवबंद में नए नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ हाल ही में हुए जमीयतुल-उलेमा-ए-हिंद के प्रदर्शन की काफ़ी चर्चा हो रही है.
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस विरोध प्रदर्शन के बाद जमीयतुल-उलेमा-ए-हिंद से जुड़े तीन सौ से अधिक लोगों ने अपनी गिरफ़्तारियां दी.
साथ ही इस नए संशोधन अधिनियम को 'काला क़ानून' बताते हुए यह एलान किया कि ये लड़ाई लंबी चलेगी.
जमीयतुल-उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर एक क़ौम को निशाना बनाने का आरोप लगाया है.
मदनी का कहना है कि नागरिकता संशोधन क़ानून की बात आने पर जब 'घुसपैठिया' शब्द का इस्तेमाल होता है तो उंगलियाँ सिर्फ़ मुसलमानों की तरफ़ होती हैं, इससे उन्हें शिकायत है.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुसलमान इस समय क्या सोच रहे हैं और मदनी के संगठन का इस क़ानून के बारे में क्या कहना है, इस पर बीबीसी संवाददाता शकील अख़्तर ने मौलाना महमूद मदनी से बात की.

पढ़ें पूरा इंटरव्यू:


बीबीसी
बीबीसी

  • नागरिकता संशोधन अधिनियम के ख़िलाफ़ जो प्रतिक्रिया देखने को मिली है. क्या वजह मानते हैं?
बीते एक अरसे से भारतीय मुसलमान ख़ुद को हाशिए पर महसूस कर रहा है. तमाम मामले हैं जिनकी चर्चा बीते कुछ वर्षों में होती रही है. मुसलमानों को कहीं ना कहीं यह महसूस हो रहा है कि मौजूदा दौर में उसकी कोई आवाज़ नहीं है. अब ये नया क़ानून आ गया जिसे हम काला क़ानून कह रहे हैं. इसके ख़िलाफ़ कितना ग़ुस्सा है यह आप सड़कों पर उतरे लोगों की संख्या से अंदाज़ा लगा सकते हैं.
पर यहाँ एक बात अच्छी तरह समझने की है. वो ये कि कोई भी मुसलमान इस मुल्क का किसी ग़ैर-मुसलमान को भारत की नागरिकता दिए जाने के ख़िलाफ़ बिल्कुल नहीं है. समस्या हो रही है हमें बाहर रखे जाने से.

बीबीसीइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES

मुझे इस बात को मानने में कोई हर्ज नहीं कि पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान या बांग्लादेश से कोई मुसलमान भारत क्यों आएगा. लेकिन हमारे मुल्क ने हमें एक दस्तूर दिया है और उस दस्तूर ने हमें कुछ अधिकार दिए हैं.
आप उस दस्तूर के बुनियादी ढांचे के ख़िलाफ़ जाकर इस क़ानून को ला रहे हैं. फिर इस सरकार में बैठे लोग और उनके समर्थक कह रहे हैं कि ये क़ानून मुसलमान विरोधी नहीं है.
पर जब घुसपैठिया शब्द आता है तो उन सभी की उंगलियाँ मुसलमानों की ओर इशारा करने लगती हैं. तो इस चीज़ ने देश के मुसलमान को परेशान किया है.
क्या लोग नहीं जानते हैं कि इस देश के मुसलमानों ने बड़े सब्र के साथ इससे बड़े-बड़े झटकों को बर्दाश्त किया है.
  • ...तो क्या आप कह रहे हैं कि हदें पार हो गई हैं?
हदें पार नहीं हुई हैं, पर हम ये कह रहे हैं कि एक लोकतांत्रिक देश में बात कहने का जो हमारा अधिकार है, उसे हमसे ना छीना जाए.
पहली बात ये कि आपने बुनियाद हिला दी है. दूसरी बात ये कि आप लोगों को प्रदर्शन नहीं करने दे रहे हैं. जगह-जगह धारा 144 लगाई जा रही है. कहीं प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी जा रही.



CAA Protest: उत्तर प्रदेश के रामपुर में हिंसा-आगजनी के बाद वसूली के नोटिस, लोग भड़के

जगह-जगह लोगों के साथ बदतमीज़ी की जा रही है. ये लोग नहीं समझ पा रहे हैं कि धरना-प्रदर्शन करने देना, एक अच्छा तरीक़ा होता है असहमति की आवाज़ों को शांत करने का. लोकतंत्र की यही तो ख़ासियत है.
  • मुसलमानों को कहीं ये तो नहीं लग रहा कि प्रदर्शन का ये आख़िरी मौक़ा है?
मैं कहूँगा कि आम मुसलमानों का यही अहसास है और ये ग़लत नहीं है. जब आप बोलने का हक़ छीन लेंगे तो फिर रह क्या जाता है.
आपकी पुलिस दमन करेगी, अत्याचार करेगी, लोगों से ज़बरदस्ती करेगी तो याद रखिए लोगों को दबाया नहीं जा सकता. ये और ज़्यादा बढ़ेगा.
  • बीजेपी की हुकूमत आने के बाद क्या बदला?
जमीयतुल-उलेमा-ए-हिंद मुसलमानों का वो संगठन है जिसने हमेशा 'टू नेशन थ्योरी' का विरोध किया है.
आज़ादी के बाद से ही हमारा इस बात पर ज़ोर रहा है कि 'मुसलमान बनाम अन्य' किसी क़ीमत पर नहीं होना चाहिए, बल्कि हम तो ये कहते आए हैं कि मुल्क का भला होगा तभी मुसलमान का भला होगा और मुसलमान का भला होगा, तभी मुल्क का भला होगा. ये दोनों एक-दूसरे में बसते हैं.



फ़िल्म एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने सरकार और पुलिस पर उठाए सवाल

पर बदक़िस्मती ये है कि देश में राजनीतिक तौर पर मुसलमानों को हाशिए पर धकेला गया. और अब सामाजिक तौर पर मुसलमानों को पीछे ढकेलने की कोशिश हो रही है.
हमारी बदक़िस्मती ये है कि हम इस समुदाय से बात करना चाह रहे हैं, लेकिन एक तरफ़ कुआँ है और दूसरी तरफ़ खाई है.
विरोध करने वाले लोगों के साथ खड़े होते हैं तो लोगों को यह समझाना बड़ा मुश्किल है कि हम हिंदू या अन्य किसी को नागरिकता दिए जाने के ख़िलाफ़ नहीं हैं.
इस क़ानून के साथ खड़े होते हैं तो यह नहीं समझ आता कि इस ज़ुल्म को बर्दाश्त कैसे करें. इसलिए हमारे पास कोई रास्ता नहीं बचा है.
  • एनआरसी कितनी बड़ी चुनौती लगती है?
यह वाक़ई एक बड़ी चुनौती है. लोगों में इसका डर है.
एनआरसी से भी हमारा सैद्धांतिक झगड़ा नहीं है. हम ये नहीं कह रहे कि ये बुरी चीज़ है.
लेकिन मौजूदा सरकार ने इसे लेकर जो इज़हार किया है, जिस अंदाज़ से किया है, उससे लगता है कि उंगली बस मुसलमान की तरफ़ है, तो यक़ीनन ये हमारे लिए एक चैलेंज है.



CAA और NRC पर कितना भ्रम कितना सच?

कैसे इसका मुक़ाबला किया जाएगा, ये तो सोच समझकर ही कहा जा सकता है. लेकिन एक बात तय है कि इसका मुक़ाबला हम डट कर करेंगे.
मुल्क की इतनी बड़ी आबादी (क़रीब 18 करोड़) को दूसरे दर्जे का नागरिक बना दिया जाए, ये हमें मंज़ूर नहीं है. फिर चाहे ज़िंदगी रहे या ना रहे.
  • मुसलमानों की दूसरे-तीसरे नंबर की आबादी भारत में है. क्या इतनी बड़ी आबादी के साथ, एक लोकतांत्रिक देश में भला ऐसा किया जा सकता है?
सही कह रहे हैं आप. ये बेशक एक मुश्किल काम है.
इस मुल्क ने मुसलमानों को बहुत कुछ दिया है. और मुसलमानों ने भी इस मुल्क को बहुत कुछ दिया है. दोनों तरफ़ से है.
यहाँ का मुसलमान बाइ चांस इंडियन नहीं है, हम लोग बाइ चॉइस इंडियन हैं. हम लोगों ने इस मुल्क को चुना है. और इस देश के भी बेशुमार अहसान हैं यहाँ के मुसलमानों पर. ये बात हम अपने दिल में रखते हैं.
हम मायूस नहीं हैं. बिल्कुल भी मायूस नहीं हैं. रातें लंबी होती हैं कभी-कभी. वैसे भी सर्दी का महीना है, रातें लंबी हैं.
लेकिन दिन तो आएगा, ज़रूर आएगा, हमें यह यक़ीन है.

Comments

Popular posts from this blog

"बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!"

सिमरन प्रजापति  with  Rekha Vinod Jain  and  4 others Mon  ·  क्या खुब लिखा है किसी ने ... "बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!" न मेरा 'एक' होगा, न तेरा 'लाख' होगा, ... ! न 'तारिफ' तेरी होगी, न 'मजाक' मेरा होगा ... !! गुरुर न कर "शाह-ए-शरीर" का, ... ! मेरा भी 'खाक' होगा, तेरा भी 'खाक' होगा ... !! जिन्दगी भर 'ब्रांडेड-ब्रांडेड' करने वालों ... ! याद रखना 'कफ़न' का कोई ब्रांड नहीं होता ... !! कोई रो कर 'दिल बहलाता' है ... ! और कोई हँस कर 'दर्द' छुपाता है ... !! क्या करामात है 'कुदरत' की, ... ! 'ज़िंदा इंसान' पानी में डूब जाता है और 'मुर्दा' तैर के दिखाता है ... !! 'मौत' को देखा तो नहीं, पर शायद 'वो' बहुत "खूबसूरत" होगी, ... ! "कम्बख़त" जो भी ...

Dr Neyaz Khalid ! MBBS FCGP (Delhi) Dr Arun Tiwari's Assistant ! Best General Physician in Patna ! (बेस्ट जनरल फिजिशियन इन पटना )

Nadeem E Homoeopathic Medicare Centre Dr Kausar Nadeem BEMS (Patna)  1.Old Azimabad  Colony Patna 2.New Karimganj Gaya Details k Liye  Call OR WhatsApp _ 7301014009 Note :-कैफियत बता कर डाक से भी दवा मंगवा सकते हैं  #Khandail के Sayeed Nagar (Gaya) में  #Homeopathy से सभी रोगों ( सर्दी, खाँसी, बुखार, जोड़ों का दर्द, कमर दर्द, किडनी का पत्थर, पित्ताशय में पत्थर समेत तमाम छोटी बीमारियों का सस्ता इलाज़! ज्यादा जानकारी के लिए सम्पर्क करें ---7301014009 Best Sexologist || Dermatologist ||Skin Specialist ||Hair Problems ||Kidney Stones ||Tumour ||Glands ||Cysts ज्यादा जानकारी के लिए नीचे के लिंक पर क्लिक करें  Homeopathic Doctor Gaya || Homoeopathic Treatment Gaya || Homeopathic Doctor In Cherki || Khandail || Sagahi || Saiyadih || Takiya|| Sherghati ||Shrichak Gaya ||Bishunpra ||Vishnupura  #Best_Homeopathic_Doctor_Sherghati_शेरघाटी  Jharkhand k Doctors is page par Salana 6000 k hisab se Advertisement de sakte hain.... मुझसे WhatsApp_7301014009 के जरिये ...

छिनतई होती रही और सामने से चली गई पुलिस.....

 DB Gaya 28.08.23