Skip to main content

सदफ़ जफ़र की आपबीती: पुलिसवालों ने गंदी गालियां दीं, बाल पकड़कर थप्पड़ मारे


सदफ़ जफ़रइमेज कॉपीरइटSADAF JAFAR/FACEBOOK
Image captionसदफ़ जफ़र
लखनऊ में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान जेल भेजी गईं कांग्रेस नेता और अभिनेत्री सदफ़ जफ़र ने गिरफ़्तारी से पहले हिरासत के दौरान पुलिस पर उनके शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है.
सदफ़ जफ़र को 19 दिसंबर को लखनऊ में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद गिरफ़्तार किया गया था.
बीबीसी से बातचीत में सदफ़ जफ़र ने बताया कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने उन्हें न सिर्फ़ अश्लील गालियां दीं बल्कि बुरी तरह से मारा-पीटा भी.
वो बताती हैं, "हजरतगंज के महिला थाने में मुझे एक पुलिस अधिकारी के कमरे में ले जाया गया. अधिकारी ने देखते ही गालियां देनी शुरू कर दीं और कहा कि तुम लोगों को क्या कमी है जो इतना बवाल काट रहे हो? तुम लोग खाते यहां को हो और गाते वहां की हो. फिर उसने मेरे बाल पकड़ कर सिर नीचे झुका दिया और थप्पड़ भी मारा."
19 दिसंबर को शाम साढ़े चार बजे सदफ़ जफ़र अपने कुछ अन्य साथियों के साथ परिवर्तन चौक से वापस उस वक़्त घर जा रही थीं जब विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाज़ी और आगज़नी शुरू हो गई. उन लोगों को रास्ते में पकड़ लिया गया.
सदफ़ बताती हैं, "हम लोगों को पुलिस वाले मारते हुए काफ़ी दूर तक ले आए. मेरे घुटनों पर प्लास्टिक के डंडों से बुरी तरह मारा गया. मेरे साथ महिला पुलिसकर्मी थीं जो पुरुषों को भी मार रही थीं. फिर मुझे गाड़ी में बैठाकर थाने लाया गया. इस दौरान मेरे साथ कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं थी. रात भर मैं रिक्वेस्ट करती रही कि घर में बच्चों को फ़ोन करके बता दूं कि मैं कहां हूं लेकिन इसकी इजाज़त नहीं दी गई. मेरा फ़ोन पहले ही छीन लिया गया था."
सदफ़ जफ़रइमेज कॉपीरइटSAMIRATMAJ MISHRA/BBC
सदफ़ बताती हैं कि किसी भी पुलिस वाले ने अपना बैज नहीं लगा रखा था ताकि उन्हें उनके नाम से कोई पहचान न पाए.
वो कहती हैं कि ऐसा न सिर्फ़ उनके साथ बल्कि दूसरे लोगों के साथ भी हुआ. उनके मुताबिक़, उनके पुरुष साथियों को भी बहुत मारा पीटा गया और बगल के कमरे से उनके चीखने की आवाज़ें भी सुनाई पड़ रही थीं लेकिन लखनऊ में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सदफ़ के दावे में कोई सच्चाई नहीं है.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बीबीसी को बताया, "ये आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं. जेल भेजने से पहले किसी का भी मेडिकल परीक्षण कराया जाता है. इन लोगों का भी कराया गया. यदि उनके साथ मारपीट हुई होती तो चोट लगती, घाव होते, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था. यहां तक कि रात में उन्होंने बीमार होने की बात कही तो उन्हें अस्पताल ले जाया गया और दवा दिलाई गई."
दवा दिलाने की बात सदफ़ भी स्वीकार करती हैं.
उनका कहना है, "रात क़रीब दो बजे, जब मैंने अपना ब्लड प्रेशर बढ़ने की शिकायत की तो मुझे हॉस्पिटल ले जाया गया और एक इंजेक्शन लगवाया गया. वहां से वापस थाने ले आया गया. डॉक्टरों को साफ़ तौर पर निर्देश दिए गए थे कि वो मेरे शरीर पर आई दूसरी चोटों के लिए कोई दवा न दें."
सदफ़ जफ़रइमेज कॉपीरइटSADAF JAFAR/FACEBOOK
लखनऊ में एसपी (पूर्वी क्षेत्र) सुरेंद्र रावत कहते हैं कि उन्हें और दूसरे लोगों को भी क़ानूनी तरीक़े से गिरफ़्तार किया गया है और इन लोगों के ख़िलाफ़ अपराध के पूरे साक्ष्य भी हैं.
जेल भेजे जाने से पहले सदफ़ जफ़र की मेडिकल रिपोर्ट में किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले थे लेकिन उनसे जेल में मिलने गए कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू और आराधना मिश्रा ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने सदफ़ के साथ बर्बरता की थी.
कांग्रेस पार्टी ने सदफ़ की गिरफ़्तारी और उनके उत्पीड़न की न्यायिक जांच कराने की भी मांग की है.
सदफ़ जफ़र और रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी एसआर दारापुरी को सेशन कोर्ट से ज़मानत मिलने के बाद बुधवार को जेल से रिहा कर दिया गया.
उनके साथ गिरफ़्तार किए गए कुछ अन्य सामाजिक कार्यकर्ता भी रिहा कर दिए गए लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में लोग जेल में ही हैं. दारापुरी कहते हैं कि इन लोगों की ज़मानत के लिए वो प्रयास करेंगे.
दारापुरी बताते हैं कि उन्हें 19 दिसंबर को पुलिस ने सुबह से ही नज़रबंद कर रखा था. बावजूद इसके उन्हें हिंसा का षड्यंत्र रचने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया.
एसआर दारापुरीइमेज कॉपीरइटSAMIRATMAJ MISHRA/BBC
Image captionएसआर दारापुरी
बीबीसी से बातचीत में दारापुरी कहते हैं, "गिरफ़्तारी के बाद हमारे मौलिक अधिकारों का भी ध्यान नहीं रखा गया. 36 घंटे बाद मुझे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया जबकि ऐसा 24 घंटे के भीतर करना होता है. जेल में अपराधियों की तरह व्यवहार हुआ और उन्हीं के साथ रखा गया. हालांकि हमें इसकी कोई शिकायत नहीं है."
दारापुरी का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पकड़े गए लोगों को नाम और उनकी पृष्ठभूमि के आधार पर जेल भेजा गया और छोड़ा गया.
उनके मुताबिक, "जेल में मुझे बताया गया कि हजरतगंज थाने पर प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने वाले तमाम लोग भी पकड़े गए थे. लेकिन कुछ ख़ास लोगों को ही चालान करके जेल भेजा गया. कुछ लोग ख़ुद को बीजेपी का क़रीबी बताकर पुलिस हिरासत से छूट जाने में सफल रहे."
पुलिस ने लखनऊ में 19 दिसंबर के दिन क़रीब 200 लोगों को हिरासत में लिया था जिनमें से 45 लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करके जेल भेज दिया था.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

Comments

Popular posts from this blog

"बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!"

सिमरन प्रजापति  with  Rekha Vinod Jain  and  4 others Mon  ·  क्या खुब लिखा है किसी ने ... "बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!" न मेरा 'एक' होगा, न तेरा 'लाख' होगा, ... ! न 'तारिफ' तेरी होगी, न 'मजाक' मेरा होगा ... !! गुरुर न कर "शाह-ए-शरीर" का, ... ! मेरा भी 'खाक' होगा, तेरा भी 'खाक' होगा ... !! जिन्दगी भर 'ब्रांडेड-ब्रांडेड' करने वालों ... ! याद रखना 'कफ़न' का कोई ब्रांड नहीं होता ... !! कोई रो कर 'दिल बहलाता' है ... ! और कोई हँस कर 'दर्द' छुपाता है ... !! क्या करामात है 'कुदरत' की, ... ! 'ज़िंदा इंसान' पानी में डूब जाता है और 'मुर्दा' तैर के दिखाता है ... !! 'मौत' को देखा तो नहीं, पर शायद 'वो' बहुत "खूबसूरत" होगी, ... ! "कम्बख़त" जो भी ...

छिनतई होती रही और सामने से चली गई पुलिस.....

 DB Gaya 28.08.23

Dr Neyaz Khalid ! MBBS FCGP (Delhi) Dr Arun Tiwari's Assistant ! Best General Physician in Patna ! (बेस्ट जनरल फिजिशियन इन पटना )

Nadeem E Homoeopathic Medicare Centre Dr Kausar Nadeem BEMS (Patna)  1.Old Azimabad  Colony Patna 2.New Karimganj Gaya Details k Liye  Call OR WhatsApp _ 7301014009 Note :-कैफियत बता कर डाक से भी दवा मंगवा सकते हैं  #Khandail के Sayeed Nagar (Gaya) में  #Homeopathy से सभी रोगों ( सर्दी, खाँसी, बुखार, जोड़ों का दर्द, कमर दर्द, किडनी का पत्थर, पित्ताशय में पत्थर समेत तमाम छोटी बीमारियों का सस्ता इलाज़! ज्यादा जानकारी के लिए सम्पर्क करें ---7301014009 Best Sexologist || Dermatologist ||Skin Specialist ||Hair Problems ||Kidney Stones ||Tumour ||Glands ||Cysts ज्यादा जानकारी के लिए नीचे के लिंक पर क्लिक करें  Homeopathic Doctor Gaya || Homoeopathic Treatment Gaya || Homeopathic Doctor In Cherki || Khandail || Sagahi || Saiyadih || Takiya|| Sherghati ||Shrichak Gaya ||Bishunpra ||Vishnupura  #Best_Homeopathic_Doctor_Sherghati_शेरघाटी  Jharkhand k Doctors is page par Salana 6000 k hisab se Advertisement de sakte hain.... मुझसे WhatsApp_7301014009 के जरिये ...