Skip to main content

चीन अरुणाचल प्रदेश में यूरेनियम की खोज से क्यों है परेशान?

 


  • दिलीप कुमार शर्मा
  • गुवाहाटी से बीबीसी हिन्दी डॉट कॉम के लिए
भारत चीन

इमेज स्रोत,DILIP SHARMA

अरुणाचल प्रदेश में यूरेनियम के भण्डार का पता लगाने से जुड़ी ख़बरों पर चीनी अधिकारियों के ऐतराज़ का जवाब देते हुए प्रदेश की सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी ने कहा है कि 'भारत अपने अधिकार-क्षेत्र में विकास का कोई भी काम करे, उसमें चीन को बोलने का कोई हक नहीं है.'

अरुणाचल प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता डोमिनिक तादार ने बीबीसी से कहा, "हम अपने राज्य के भीतर अपनी ज़मीन पर कोई काम कर रहे हैं और अगर उस पर चीन बोलता है तो यह ग़लत बात है. हम ऐसी प्रतिक्रियाओं को बिलकुल मान्यता नहीं देते. अरुणाचल प्रदेश के शि-योमी ज़िले में जहाँ यूरेनियम के भण्डार का पता लगाने की बात हो रही है, वो हमारे राज्य का ज़िला है. शि-योमी भारत और अरुणाचल प्रदेश का अंग है."

बीजेपी प्रवक्ता तादार कहते हैं, "शि-योमी ज़िला हमारे अरुणाचल प्रदेश राज्य के भीतर है. चीन हमेशा इस तरह की बात करता रहा है. जब भी हम अरुणाचल प्रदेश में कुछ काम करते हैं, देश के प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति यहाँ आते हैं, तो चीन की सरकार और वहाँ के लोग इस बात को बर्दाश्त नहीं कर पाते. चीन को इस तरह की प्रतिक्रिया देने की बुरी आदतों को छोड़ना चाहिए."

चीन को क्या है आपत्ति?

दरअसल, चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स में बुधवार को छपी अरुणाचल प्रदेश में यूरेनियम के भण्डार का पता लगाने से संबंधित ख़बर में चीनी अधिकारियों ने निराशा व्यक्त करते हुए भारत के यूरेनियम अन्वेषण कार्यक्रम को ग़ैर-क़ानूनी बताया था.

ग्लोबल टाइम्स ने 17 मार्च को लिखा कि 'चीनी विशेषज्ञों ने दक्षिण तिब्बत में भारत के यूरेनियम की अवैध खोज पर सनसनीखेज़ कवरेज के लिए भारतीय मीडिया को दोषी ठहराया है. यह चीन के क्षेत्र पर कब्ज़ा करने की भारत की ज़िद्दी स्थिति को दर्शाता है.'

चीन के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तरह का अवैध व्यवहार चीन-भारत सीमा वार्ता को और जटिल बना सकता है.

भारत चीन

इमेज स्रोत,DILIP SHARMA

चीन अरुणाचल प्रदेश को विवादित क्षेत्र कहता आया है और इस राज्य को 'दक्षिण तिब्बत' बताता है और वहाँ भारतीय संप्रभुता को मान्यता देने से इनकार करता रहा है.

ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, तथाकथित 'अरुणाचल प्रदेश' की स्थापना पिछली शताब्दी में अवैध रूप से की गई थी और चीनी क्षेत्र के लगभग 90,000 वर्ग किलोमीटर इलाके पर भारत का कब्ज़ा है.

दो दिन पहले भारत के प्रमुख अख़बारों में यह ख़बर छपी थी कि भारत और चीन की सीमा से केवल तीन किलोमीटर की दूरी पर अरुणाचल प्रदेश में यूरेनियम के भण्डारों की खोज करने का काम शुरू किया गया है.

परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय (एएमडी) के निदेशक डीके सिन्हा ने सोमवार को हैदराबाद में कहा था कि 'हमें केंद्र सरकार की ओर से ज़रूरी प्रोत्साहन मिला है और हमने यूरेनियम खोजने का काम शुरू कर दिया है.'

एएमडी निदेशक सिन्हा ने कहा, "पहाड़ियों की वजह से हवाई माध्यम से खोज करने की संभावना नहीं थी, लेकिन अन्वेषण शुरू करने के लिए हम पहाड़ियों पर चढ़े."

इंडियन न्यूक्लियर सोसाइटी द्वारा आयोजित रेडिएशन एंड एनवायरमेंट विषय पर आधारित एकदिवसीय सेमिनार में बोलते हुए सिन्हा ने कहा कि वो भारत के सबसे दूर स्थित गाँव मेचूका घाटी तक गए.

भारत चीन

इमेज स्रोत,DILIP SHARMA

'यूरेनियम की खोज का काम शुरू हुआ'

इस ख़बर को द टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने डीके सिन्हा का हवाला देते हुए 16 मार्च को छापा था.

यह अन्वेषण अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम सियांग ज़िले के आलो में किया गया. यह स्थान ज़मीन से 619 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है.

हालांकि, जब पश्चिम सियांग ज़िले के उपायुक्त राजीव ताकुक से बीबीसी ने फ़ोन पर संपर्क किया तो उन्होंने कहा, "यूरेनियम के भण्डारों की खोज करने की जो बात कही जा रही है वो इलाका पहले मूल रूप से पश्चिम सियांग ज़िले में ही आता था, लेकिन अब वह इलाक़ा शि-योमी ज़िले के अंदर आता है. यह अरुणाचल प्रदेश का नया ज़िला है जो चीन की सीमा के पास है. यह इलाका मेरे ज़िले के अंदर नहीं है, लेकिन वहाँ यूरेनियम के भण्डारों की खोज का काम शुरू किया गया है, इस बात की मुझे जानकारी है."

ग्लोबल टाइम्स ने लद्दाख में गतिरोध का उल्लेख करते हुए अपनी रिपोर्ट में लिखा, "विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भारत का हाइपिंग और आक्रामक क़दम चीन-भारत सीमा वार्ता को जटिल बना सकता है जिसका उद्देश्य सीमा विवाद को हल करना है. जैसा कि पिछले गतिरोध ने प्रदर्शित किया था कि एकतरफा उकसाने वाली समस्या दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर वापस लाने के लिए अनुकूल नहीं है."

ग्लोबल टाइम्स ने सिंघुआ विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय रणनीति संस्थान में अनुसंधान विभाग के निदेशक कियान फ़ेंग का हवाला देकर लिखा है कि "तिब्बत के दक्षिणी हिस्से में भारत ने अवैध अन्वेषण किया है और ये अपने दावों को सही ठहराने के लिए विवादित क्षेत्र पर कब्ज़ा करने की भारत की मानसिकता का एक ज़बरदस्त प्रकटीकरण है."

भारत चीन

इमेज स्रोत,DILIP SHARMA

चीन से कार्रवाई करने का आह्वान

ग्लोबल टाइम्स की इस ख़बर के अनुसार, सिंघुआ विश्वविद्यालय में भारतीय अध्ययन के एक और सहायक प्रोफ़ेसर शी चाओ ने चीन से भारत के बुरे इरादों के ख़िलाफ़ जवाबी कार्रवाई करने का आह्वान किया है.

भारत-चीन सीमा विवाद से जुड़े मामलों के जानकार तथा सैन्य सुरक्षा रणनीति की समझ रखने वाले रूपक भट्टाचार्य ने बीबीसी से कहा, "अरुणाचल प्रदेश में परमाणु खनिज निदेशालय के कई शीर्ष अधिकारियों ने यूरेनियम के भण्डारों की खोज पर रिसर्च की है. राज्य के पश्चिम सियांग, पश्चिम कामेंग, लोअर सुबनसिरी और अपर सुबनसिरी ज़िलों में 1969 से ही युरेनियम की खोज की जा रही है. इन ज़िलों में यूरेनियम की एक वैराएटी मिलने की बात सामने आई थी."

"यूरेनियम के भण्डारों की खोज और इसकी माइनिंग दोनों अलग-अलग बातें हैं. यूरेनियम खोजने के दौरान रेडियोमेट्रिक सर्वेक्षण, भूवैज्ञानिक मान-चित्रण और ड्रिलिंग की जाती है. पूर्वोत्तर में यूरेनियम की माइनिंग केवल मेघालय में की गई थी, लेकिन स्थानीय आदिवासियों के विरोध के चलते वहाँ खनन पर रोक लगा दी गई."

यूरेनियम एक रेडियोएक्टिव पदार्थ होता है. इसे सामरिक खनिज कहा जाता है और इसका उपयोग परमाणु हथियार बनाने के लिए किया जाता है.

हालांकि, हथियार बनाने के लिए इसे परिष्कृत करना होता है, जो एक जटिल प्रक्रिया है.

भारत और चीन

इमेज स्रोत,GETTY IMAGES

'पहले भी ऐसी भडकाऊ ख़बरें प्रकाशित कीं'

यूरेनियम के भण्डारों की खोज को लेकर चीन की प्रतिक्रिया पर भट्टाचार्य कहते हैं, "जिन ज़िलों में अब तक यूरेनियम की तलाश की गई है, वो सारे इलाक़े वास्तविक नियंत्रण रेखा के नज़दीक हैं. बात जहाँ तक चीन के बोलने की है तो वो हमेशा ऐसी प्रतिक्रिया देते रहता है."

"ग्लोबल टाइम्स वहाँ की सत्तारूढ़ पार्टी का मुखपत्र है और उसमें जिन लोगों को कोट किया जाता है वो सभी चीनी सरकार के पैसे से चलने वाले विश्वविद्यालय में काम करते हैं. लिहाज़ा ग्लोबल टाइम्स की बात को मानयता देने का कोई मतलब नहीं है. वो डोकलाम विवाद के दौरान भी ऐसी भड़काऊ ख़बरें प्रकाशित करते रहा है."

इस साल जनवरी में कुछ भारतीय न्यूज़ चैनेलों ने सैटेलाइट की तस्वीरों के हवाले से यह दावा किया था कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में भारत के नियंत्रण वाले इलाक़ों में पक्के घरों वाला एक गाँव बसाया है.

अरुणाचल प्रदेश चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के साथ 1,129 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है.

भारत के नियंत्रण वाले इलाक़ों में चीन की घुसपैठ पर रूपक भट्टाचार्य कहते है, "चीन ने 31 दिसंबर 2020 में अपने दक्षिण-पश्चिमी प्रांत सिचुआन की राजधानी चेंगडू से तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र की राजधानी ल्हासा होते हुए न्यिंग-ची तक रणनीतिक रेलवे लाइन का काम पूरा कर लिया था."

"न्यिंग-ची अरुणाचल प्रदेश के बॉर्डर से सटा हुआ चीनी शहर है. भारत के लिए यह बात ज़्यादा चिंता की है, क्योंकि इस पटरी पर इसी साल जून में रेल गाड़ियाँ चलना शुरू हो जायेंगी. चेंगडू से ल्हासा आने में पहले 48 घंटे का समय लगता था जो अब 13 घंटे में पूरा हो जाएगा. समझने वाली बात ये है कि इसमें सुरक्षा निहितार्थ बहुत बड़ा है, ख़ासकर अरुणाचल प्रदेश के लिए."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

Comments

Popular posts from this blog

"बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!"

सिमरन प्रजापति  with  Rekha Vinod Jain  and  4 others Mon  ·  क्या खुब लिखा है किसी ने ... "बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!" न मेरा 'एक' होगा, न तेरा 'लाख' होगा, ... ! न 'तारिफ' तेरी होगी, न 'मजाक' मेरा होगा ... !! गुरुर न कर "शाह-ए-शरीर" का, ... ! मेरा भी 'खाक' होगा, तेरा भी 'खाक' होगा ... !! जिन्दगी भर 'ब्रांडेड-ब्रांडेड' करने वालों ... ! याद रखना 'कफ़न' का कोई ब्रांड नहीं होता ... !! कोई रो कर 'दिल बहलाता' है ... ! और कोई हँस कर 'दर्द' छुपाता है ... !! क्या करामात है 'कुदरत' की, ... ! 'ज़िंदा इंसान' पानी में डूब जाता है और 'मुर्दा' तैर के दिखाता है ... !! 'मौत' को देखा तो नहीं, पर शायद 'वो' बहुत "खूबसूरत" होगी, ... ! "कम्बख़त" जो भी ...

छिनतई होती रही और सामने से चली गई पुलिस.....

 DB Gaya 28.08.23

Dr Neyaz Khalid ! MBBS FCGP (Delhi) Dr Arun Tiwari's Assistant ! Best General Physician in Patna ! (बेस्ट जनरल फिजिशियन इन पटना )

Nadeem E Homoeopathic Medicare Centre Dr Kausar Nadeem BEMS (Patna)  1.Old Azimabad  Colony Patna 2.New Karimganj Gaya Details k Liye  Call OR WhatsApp _ 7301014009 Note :-कैफियत बता कर डाक से भी दवा मंगवा सकते हैं  #Khandail के Sayeed Nagar (Gaya) में  #Homeopathy से सभी रोगों ( सर्दी, खाँसी, बुखार, जोड़ों का दर्द, कमर दर्द, किडनी का पत्थर, पित्ताशय में पत्थर समेत तमाम छोटी बीमारियों का सस्ता इलाज़! ज्यादा जानकारी के लिए सम्पर्क करें ---7301014009 Best Sexologist || Dermatologist ||Skin Specialist ||Hair Problems ||Kidney Stones ||Tumour ||Glands ||Cysts ज्यादा जानकारी के लिए नीचे के लिंक पर क्लिक करें  Homeopathic Doctor Gaya || Homoeopathic Treatment Gaya || Homeopathic Doctor In Cherki || Khandail || Sagahi || Saiyadih || Takiya|| Sherghati ||Shrichak Gaya ||Bishunpra ||Vishnupura  #Best_Homeopathic_Doctor_Sherghati_शेरघाटी  Jharkhand k Doctors is page par Salana 6000 k hisab se Advertisement de sakte hain.... मुझसे WhatsApp_7301014009 के जरिये ...