Skip to main content

कफ़ील ख़ान को रिहा करने से पहले रासुका लगाया गया


कफ़ील ख़ानइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में कथित तौर पर भड़काऊ बयान देने के आरोप में बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के निलंबित असिस्टेंट प्रोफ़ेसर डॉक्टर कफ़ील ख़ान के ख़िलाफ़ अलीगढ़ पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून यानी एनएसए लगा दिया है.
डॉक्टर कफ़ील ख़ान पहले से ही मथुरा जेल में बंद हैं.
अलीगढ़ के पुलिस अधीक्षक क्राइम डॉक्टर अरविंद कुमार ने बीबीसी को बताया, "डॉक्टर कफ़ील के ख़िलाफ़ यह कार्रवाई गुरुवार को की गई. एएमयू में प्रदर्शन के दौरान उन्होंने भड़काऊ भाषण दिया था. उसी मामले में उन पर एफ़आईआर दर्ज की गई थी और उनकी गिरफ़्तारी भी हुई थी."
डॉक्टर कफ़ील ख़ान को इस मामले में सोमवार को ही ज़मानत मिल गई थी लेकिन जेल से उनकी अब तक रिहाई नहीं हुई थी.
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को ही उन्हें जेल से रिहा होना था लेकिन उससे पहले ही उन पर रासुका लगा दिया गया.
डॉक्टर कफ़ील के भाई अदील ख़ान ने बीबीसी को बताया कि ज़मानत के बावजूद उनकी रिहाई नहीं की जा रही थी और शुक्रवार सुबह नौ बजे हमें बताया गया कि उनके ख़िलाफ़ रासुका लगा दिया गया है इसलिए वो रिहा नहीं होंगे.
कफ़ील ख़ानइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES

'सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद रासुका'

अदील ख़ान कहते हैं, "ज़मानत के बाद रासुका तामील नहीं किया जा सकता, ये सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला है. डॉक्टर कफ़ील के ख़िलाफ़ जो भी मामले हैं, सभी में उनको ज़मानत मिल चुकी है. फिर भी रासुका कैसे लगा दिया गया, समझ से परे है."
अदील ख़ान बताते हैं कि गुरुवार शाम चार बजे कोर्ट ने कफ़ील ख़ान को तत्काल रिहा करने के निर्देश दिए थे लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद भी रिहा नहीं किया गया.
डॉक्टर कफ़ील ख़ान पर पिछले साल 12 दिसंबर को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोप है.
यूपी एसटीएफ़ ने उन्हें 29 जनवरी को मुंबई से गिरफ़्तार किया था. पहले उन्हें अलीगढ़ जेल में रखा गया था लेकिन बाद में सुरक्षा कारणों से मथुरा जेल भेज दिया गया था.
कफ़ील ख़ानइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES
Image captionबीआरडी मेडिकल कॉलेज में 60 बच्चों की मौत के बाद चर्चा में आए थे कफ़ील ख़ान

कफ़ील महाराष्ट्र की जेल में रहना चाहते थे

गिरफ़्तारी के बाद डॉक्टर कफ़ील ने अपनी सुरक्षा को ख़तरा बताते हुए मुंबई में ही रखे जाने की मांग की थी. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा था कि उन्हें यूपी सरकार पर भरोसा नहीं है इसलिए उन्हें महाराष्ट्र में ही रखा जाए.
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम सरकार को किसी भी व्यक्ति को हिरासत में रखने की शक्ति देता है. इस क़ानून के तहत किसी भी व्यक्ति को एक साल तक जेल में रखा जा सकता है.
हालांकि तीन महीने से ज़्यादा समय तक जेल में रखने के लिए सलाहकार बोर्ड की मंज़ूरी लेनी पड़ती है. रासुका उस स्थिति में लगाई जाती है जब किसी व्यक्ति से राष्ट्र की सुरक्षा को ख़तरा हो या फिर क़ानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका हो.
डॉक्टर कफ़ील का नाम उस वक़्त चर्चा में आया था जब साल 2017 में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 60 बच्चों की मौत हो गई थी.
उत्तर प्रदेश सरकार ने लापरवाही बरतने, भ्रष्टाचार में शामिल होने सहित कई आरोप लगाकर डॉ. कफ़ील को निलंबित कर जेल भेज दिया था.
हालाँकि कई मामलों में बाद में उन्हें सरकार से क्लीन चिट मिल गई थी लेकिन उनका निलंबन रद्द नहीं हुआ था.
स्पोर्ट्स विमेन ऑफ़ द ईयर
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

Comments

Popular posts from this blog

"बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!"

सिमरन प्रजापति  with  Rekha Vinod Jain  and  4 others Mon  ·  क्या खुब लिखा है किसी ने ... "बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!" न मेरा 'एक' होगा, न तेरा 'लाख' होगा, ... ! न 'तारिफ' तेरी होगी, न 'मजाक' मेरा होगा ... !! गुरुर न कर "शाह-ए-शरीर" का, ... ! मेरा भी 'खाक' होगा, तेरा भी 'खाक' होगा ... !! जिन्दगी भर 'ब्रांडेड-ब्रांडेड' करने वालों ... ! याद रखना 'कफ़न' का कोई ब्रांड नहीं होता ... !! कोई रो कर 'दिल बहलाता' है ... ! और कोई हँस कर 'दर्द' छुपाता है ... !! क्या करामात है 'कुदरत' की, ... ! 'ज़िंदा इंसान' पानी में डूब जाता है और 'मुर्दा' तैर के दिखाता है ... !! 'मौत' को देखा तो नहीं, पर शायद 'वो' बहुत "खूबसूरत" होगी, ... ! "कम्बख़त" जो भी ...

छिनतई होती रही और सामने से चली गई पुलिस.....

 DB Gaya 28.08.23

Magar Momino pe Kushada hain rahen || Parashtish karen Shauq se Jis ki chahein

  करे गैर गर बूत की पूजा तो काफिर  जो ठहराए बेटा खुदा का तो काफिर  गिरे आग पर बहर सिजदा तो काफिर  कवाकिब में मानें करिश्मा तो काफिर  मगर मोमिनो पर कुशादा हैं राहें  परस्तिश करें शौक से जिस की चाहें  नबी को जो चाहें खुदा कर दिखाएं  इमामों का रुतबा नबी से बढ़ाएं  मज़ारों पे दिन रात नजरें चढ़ाएं  शहीदों से जा जा के मांगें दुआएं  न तौहीद में कुछ खलल इससे आये  न इस्लाम बिगड़े न ईमान जाए । ( मुसद्दस हाली ) __________________________________________________ Padhne k baad kya Samjhe ? Agar Gair Boot ki Puja , Murti Puja , Yani ek khuda k Awala ki kisi Dusre ki puja kare to Kafir  Eesha Alaihissalam ko manne wale Agar Ek Allah ki Parastish karne k sath Eesha Alaihissalam ko Khuda maan Liya to  Fir bhi Kaafir  Aag ki sijdah Jisne Kiya wah bhi kaafir ho gaya  Falkiyaat Aur chaand aur sitaron k Wajud ko Allah ka banaya hua n maan kar Sirf Karishma maan liya to bhi Kaafir ... Lekin Musalmano ki Rahen Aasan aur Wasi  kai...