IMRAN QURESHI/BBC
कोरोना संक्रमण के दौर में लगता है वो वक़्त आ रहा है जब लोगों को मेटल डिटेक्टर के नीचे से गुज़रने से पहले संक्रमण से मुक्त करने वाले डिसइन्फ़ेक्शन गेट से होकर गुज़रना होगा.
केरल के एक बड़े अस्पताल ने “चित्रा डिसइन्फ़ेक्शन गेटवे“ लगाया है और अस्पताल परिसर में आने-जाने वाले हर व्यक्ति को इससे गुज़रकर जाना होगा.
तिरुअनंतपुरम स्थित श्री चित्रा तिरुनाल इंस्टीच्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़ की निदेशक डॉक्टर आशा किशोर ने बताया, “कोई व्यक्ति जब इसके नीचे से जाएगा तो उसे पाँच सेकंड तक हल्के कोहरे के जैसा महसूस होगा. मगर ना तो कोई नमी होगी, ना गंध और इससे ना ही कोई एलर्जी होगी”.
इसके बारे में इंस्टीच्यूट के वैज्ञानिक और इंजीनियर जतिन कृष्णन बताते हैं, “ये ऑटोमेटिक मशीन अपने आप समझ जाएगी कि गेट के नीचे कोई व्यक्ति आया है और वो कोहरा बनाएगी जिसमें कि हाइड्रोजन पर ऑक्साइड होगा.”
कृष्णन कहते हैं, ”वो व्यक्ति जब वहाँ से चला जाएगा तो अल्ट्रावायलेट किरणें निकलेंगी और गेटवे संक्रमण से मुक्त हो जाएगा “.
BBC/IMRAN QURESHI
40 सेकंड में होंगे डिसइन्फ़ेक्ट
हाइड्रोजन पर ऑक्साइड से व्यक्ति का शरीर, हाथ और कपड़े संक्रमण से मुक्त हो जाएँगे. और अल्ट्रावायलेट किरणों से गेटवे चेम्बर संक्रमण मुक्त हो जाएगा. इस पूरी प्रक्रिया में 40 सेकंड लगेंगे.
इस सिस्टम के इर्द-गिर्द शीशे के पैनल लगे होंगे जिनसे निगरानी की जा सकेगी. साथ ही रोशनी के ले वहाँ लाइट्स भी लगी होंगी.
डॉक्टर किशोर ने बताया कि इस गेटवे में हाइड्रोजन पर ऑक्साइड के इस्तेमाल का तरीका अमरीकी संस्था ऑक्यूपेशनल सेफ्टी हज़ार्ड्स ऐडमिनिस्ट्रेशन के तय मानकों के हिसाब से अपनाया गया है जो रसायनों के इस्तेमाल के नियम निर्धारति करती है.
कितना आएगा ख़र्चा
IMRAN QURESHI/BBC
कृष्णन और उनकी टीम ने अस्पताल में पड़ी साधारण पाइपों का इस्तेमाल कर गेटवे तैयार किया.
वो बताते हैं,“इसकी लागत 10,000 रुपए से ज़्यादा नहीं आनी चाहिए. लेकिन अगर आपको इसे सुंदर भी बनाने की भी इच्छा है तो फिर 25,000 रुपए तक ख़र्च करने पड़ सकते हैं.”
उन्होंने बताया कि इस गेट से संक्रमण मुक्त होकर जाने के बाद ही लोगों को मेटल डिटेक्टर में जाने दिया जाएगा.
बेंगलुरु स्थित राजीव गांधी इंस्टीच्यूट ऑफ़ चेस्ट डिज़ीज़ेज़ के पूर्व निदेशक डॉक्टर शशिधर बुग्गी ने कहा कि ऐसे नए उपायों का स्वागत किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा, “आप जब इनका इस्तेमाल करेंगे तभी आपको पता चलेगा कि इसका कुछ लोगों पर कोई रिऐक्शन होता है या नही. ज़्यादातर लोगों को इससे कोई नुक़सान नहीं होगा.”

- कोरोना वायरस क्या गर्मी से मर जाता है?
- कोरोना ठीक होने के बाद दोबारा हो सकता है?
- कोरोना वायरस का आपकी सेक्स लाइफ़ पर क्या असर पड़ेगा?
- कोरोना वायरस: पांच बीमारियां जिनके प्रकोप ने बदल दिया इतिहास
- इटली का वो अस्पताल जो 'कोरोना अस्पताल' बन गया है
- कोरोना वायरस का संकट कब और कैसे ख़त्म होगा?
- कोरोना वायरस से कैसे जूझ रहा है पाकिस्तान
- कोरोना वायरस: इटली के बाद इस यूरोपीय देश पर छाया संकट
- कोरोना वायरस की चपेट में एक ऐसा देश जो त्रासदी को छिपा रहा है
- कोरोना से निवेशकों में दहशत, 10 लाख करोड़ गंवाए
- कोरोना वायरस: मास्क पहनना चाहिए या नहीं?
- सबसे व्यस्त रेल नटवर्क को बंद करने से कितना असर होगा?
- कोरोना वायरस: इन मुल्कों से सीख सकते हैं भारत और बाक़ी देश
- कोरोना वायरस केवल मुसीबत लेकर नहीं आया है...
- 'कोरोना वायरस की भारत में सुनामी आने वाली है'
Comments