Skip to main content

कोरोना वायरस : जनता कर्फ़्यू पर क्या कर रही है आम जनता


नरेंद्र मोदीइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES
कोरोना वायरस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर रविवार सुबह सात बजे रात नौ बजे तक जनता कर्फ़्यू शुरू हो चुका है.
इस दौरान लोगों से बहुत ज़रूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने के लिए कहा गया है. प्रतीकात्मक रूप से इसे कोरोना वायरस को लेकर आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए एकजुट होकर तैयार रहने के तौर पर मनाया जा रहा है.
इस दौरान शाम पांच बजे कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ जंग में योगदान दे रहे लोगों के प्रति धन्यवाद अर्पित करने की भी योजना है.
जनता कर्फ़्यू को देश के अलग-अलग हिस्सों के लोग कैसे देख रहे हैं, उनके यहां कोरोना वायरस को लेकर कैसी चर्चा है और वे जनता कर्फ़्यू के दौरान क्या करने का प्लान बनाकर बैठे हैं?
इन सवालों को लेकर बीबीसी ने कुछ लोगों से बात की.

पढ़ाई से ब्रेक लेकर आर्ट में मन रमाने की तैयारी

श्रद्धा परमार दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर कोचिंग लेती हैं. वह इन दिनों अपने पीजी में बंद हैं. वह बताती हैं कि जनता कर्फ़्यू के दौरान उन्हें पढ़ाई से अलग हटकर अपनी पसंद की चीज़ें करने का मौक़ा मिलेगा.
उन्होंने बीबीसी को बताया, "मैं घर नहीं जा पाई और दिल्ली में ही रह गई. यहां पीजी में स्ट्रेस हो रहा था. पढ़ाई में भी ध्यान नहीं लग रहा. मगर आज मैं यहां अपनी पसंद की चीज़ें करूंगी जो नहीं कर पा रही थी."
पेंटिंगइमेज कॉपीरइटSHRADDHA PARMAR
"मैंने शनिवार को ही इसकी शुरुआत भी कर दी थी. एक पेटिंग बनाई है और थोड़ी एक्सराइज़ की क्योंकि वॉक पर नहीं जा पा रही. रविवार का शेड्यूल भी यही रहेगा. कुछ समय पढ़ाई, फिर आर्ट वर्क, फिर एक्सराइज़, फिर नेटफ्लिक्स पर अपना पसंदीदा 'फ्रेंड्स' देखूंगी क्योंकि इसे देखकर स्ट्रेस कम होता है."
कोरोना वायरस
कोरोना वायरस

तरह-तरह की चिंताएं

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सिंगर कनिका कपूर के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद थोड़ी चिंता है.
कोरोना वायरसइमेज कॉपीरइटEPA
विकास तिवारी कारोबारी हैं. वह बताते हैं कि शुक्रवार को प्रशासन के आदेश के बाद से ही अधिकतर दुकानें बंद हैं. शनिवार को भी बड़े बाज़ार बंद रहे, ऐसे में रविवार को होने वाला जनता कर्फ़्यू उसी में एक कड़ी है. ऐसे में वह दिन भर टीवी देखकर बिताने का प्लान बनाकर बैठे हैं.
लखनऊ के मुख्य बाज़ार इंदिरा नगर, महानगर, खुर्रम नगर आपस में लगे हुए हैं. यहां संदिग्ध मिलने के कारण इन्हें बंद करना पड़ा है.
हालांकि, विकास तिवारी लखनऊ के लोगों में फैली एक और चिंता को लेकर इशारा करते हैं. उन्होंने कहा, "लोगों में संशय है कि कहीं यह जनता कर्फ़्यू आगे एक दिन से अधिक न बढ़ जाए, इसलिए कुछ लोग जरूरी सामान जमा करने लगे हैं."
कोरोना वायरस
कोरोना वायरस

कहीं लापरवाही, कहीं सावधानी

कोरोना वायरसइमेज कॉपीरइटEPA
ललित खजूरिया जम्मू में पत्रकार हैं. वह अपने यहां के हालात बताते हुए कहते हैं कि जनता कर्फ़्यू के दिन वह अपने परिजनों के साथ घर पर ही रहेंगे और लोगों को भी अपने पोर्टल के माध्यम से कोरोना वायरस और उसके ख़तरों से आगाह करेंगे. मगर वह चिंता जताते हैं कि उनके यहां लोग अभी भी गंभीर नहीं है.
ललित ने कहा, "यहां पर दुकानदारों से बात हुई तो हर कोई कह रहा है कि सामने वाला खोल रहा है तो मैं भी खोलूंगा दुकान. बहुत से लोग अपने बेहत छोटे बच्चों को साथ लेकर बाज़ार के भीड़ भरे इलाक़ों में आ रहे हैं. वे गंभीर नहीं है. उन्हें लग रहा है कि कुछ नहीं है. जबकि ऐसी ही लापरवाही के कोरोना वायरस आज पूरी दुनिया को अपनी गिरफ़्त में ले चुका है."
कोरोना वायरसइमेज कॉपीरइटEPA
हालांकि, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा ज़िले के नगरोटा बगवां में रहने वाले त्रिसेन सिरहोत्रा बताते हैं उनके यहां लोग कोरोना को लेकर बहुत सजग हो गए हैं और जनता कर्फ़्यू को गंभीरता से ले रहे हैं.
उनका कहना है कि ग्रामीण पहले कोरोना वायरस के खतरे को हल्के में ले रहे थे मगर अब वे चिंतित हैं.
त्रिसेन ने कहा, "कल मैंने अपने कुछ दोस्तों को गांव में हैंड सैनिटाइज़र के साथ देखा. ये वही दोस्त हैं जो कभी किसी बात को लेकर गंभीर नहीं रहते. जो कोई मिला, कोरोना की चर्चा करता मिला."
कोरोना वायरसइमेज कॉपीरइटEPA
त्रिसेन उसी कांगड़ा जिले से हैं जहां हिमाचल के पहले दो कोरोना वायरस मामलों की पुष्टि हुई है. वह बताते हैं कि इस बात से भी लोगों में डर है.
हालांकि एक चिंता और भी है.त्रिसेन कहते हैं, "मेरे कुछ रिश्तेदार हैं जो जनता कर्फ़्यू या फिर इसी तरह कोरोना का ख़तरा बना रहने के कारण काम पर नहीं जा पाएंगे और इससे उनका घर चलना भी मुश्किल हो जाएगा."
त्रिसेन कहते हैं कि जनता कर्फ़्यू के दिन वह घर पर ही रहेंगे और इस दौरान स्मार्टफ़ोन और इंटरनेट ही उनका साथी रहेगा.
बिजेंदर कुमार हरियाणा सरकार में पलवल ज़िले डीपीआरओ हैं. यह वह पद होता है जिसमें सरकार की योजनाओं को मीडिया और लोगों तक पहुंचाना होता है.
बिजेंदर बताते हैं कि उन्हें आज घर से काम करना होगा और इस दौरान अधिकारियों से साथ संपर्क में रहकर अपने यहां होने वाली गतिविधियों को मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाएंगे ताकि कोरोना वायरस को लेकर सही जानकारियां पहुंचे और फेक़ न्यूज़ से लड़ा जा सके.
पलवल को काफ़ी संदेवनशील माना जा रहा है क्योंकि यह फ़रीदाबाद और गुड़गांव के क़रीब है जहां कोरोना के मामले मिले हैं.
कोरोना वायरस
कोरोना वायरस

सोशल मीडिया पर क्या कह रहे हैं लोग?

बीबीसी ने सोशल मीडिया पर भी लोगों से पूछा कि रविवार के दिन के लिए उनकी योजना क्या है.
कुछ लोगों ने अपनी राय व्यक्ति की है.
रितिक नाम के ट्विटर यूज़र लिखते हैं, "मैंने बड़े सोच-विचार के बाद फैसला लिया है - मैं वो करूंगा जो कि मैं बहुत अच्छा करता हूं. पूरा दिन सोऊंगा...और बचा हुआ टाइम ट्विटर, इंस्टाग्राम और नेटफ़्लिक्स में बराबर - बराबर बांट दिया जाएगा.
फ़ेसबुक पर मधुराज लाहरे सतनामी लिखते हैं, "नहा धोकर, भोजन करके टीवी सोशल मीडिया, पढूंगा, कभी कैरम खेलूंगा, घर मे ईयरफ़ोन लगाकर पुराने फिल्मी गीत सुनूंगा आदि आदि."
कोरोना वायरस

Comments

Popular posts from this blog

"बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!"

सिमरन प्रजापति  with  Rekha Vinod Jain  and  4 others Mon  ·  क्या खुब लिखा है किसी ने ... "बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!" न मेरा 'एक' होगा, न तेरा 'लाख' होगा, ... ! न 'तारिफ' तेरी होगी, न 'मजाक' मेरा होगा ... !! गुरुर न कर "शाह-ए-शरीर" का, ... ! मेरा भी 'खाक' होगा, तेरा भी 'खाक' होगा ... !! जिन्दगी भर 'ब्रांडेड-ब्रांडेड' करने वालों ... ! याद रखना 'कफ़न' का कोई ब्रांड नहीं होता ... !! कोई रो कर 'दिल बहलाता' है ... ! और कोई हँस कर 'दर्द' छुपाता है ... !! क्या करामात है 'कुदरत' की, ... ! 'ज़िंदा इंसान' पानी में डूब जाता है और 'मुर्दा' तैर के दिखाता है ... !! 'मौत' को देखा तो नहीं, पर शायद 'वो' बहुत "खूबसूरत" होगी, ... ! "कम्बख़त" जो भी ...

छिनतई होती रही और सामने से चली गई पुलिस.....

 DB Gaya 28.08.23

Magar Momino pe Kushada hain rahen || Parashtish karen Shauq se Jis ki chahein

  करे गैर गर बूत की पूजा तो काफिर  जो ठहराए बेटा खुदा का तो काफिर  गिरे आग पर बहर सिजदा तो काफिर  कवाकिब में मानें करिश्मा तो काफिर  मगर मोमिनो पर कुशादा हैं राहें  परस्तिश करें शौक से जिस की चाहें  नबी को जो चाहें खुदा कर दिखाएं  इमामों का रुतबा नबी से बढ़ाएं  मज़ारों पे दिन रात नजरें चढ़ाएं  शहीदों से जा जा के मांगें दुआएं  न तौहीद में कुछ खलल इससे आये  न इस्लाम बिगड़े न ईमान जाए । ( मुसद्दस हाली ) __________________________________________________ Padhne k baad kya Samjhe ? Agar Gair Boot ki Puja , Murti Puja , Yani ek khuda k Awala ki kisi Dusre ki puja kare to Kafir  Eesha Alaihissalam ko manne wale Agar Ek Allah ki Parastish karne k sath Eesha Alaihissalam ko Khuda maan Liya to  Fir bhi Kaafir  Aag ki sijdah Jisne Kiya wah bhi kaafir ho gaya  Falkiyaat Aur chaand aur sitaron k Wajud ko Allah ka banaya hua n maan kar Sirf Karishma maan liya to bhi Kaafir ... Lekin Musalmano ki Rahen Aasan aur Wasi  kai...