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अगस्त में मैनुफैक्चरिंग सेक्टर से 19 लाख लोगों की नौकरियां गईं -प्रेस रिव्यू


भारत, अर्थव्यवस्था, बेरोज़गारी

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अगस्त महीने में मैनुफैक्चरिंग सेक्टर से लगभग 19 लाख लोगों ने नौकरियां गंवाई है.

कोलकाता से छपने वाले टेलीग्राफ़ अख़बार ने एक प्राइवेट रिसर्च फर्म के हवाले से देश में बेरोज़गारी की स्थिति पर ये रिपोर्ट प्रकाशित की है.

'द सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी' (सीएमआईई) द्वारा जुटाए गए आँकड़े ये कहते हैं कि रोज़गार की स्थिति में थोड़े समय के लिए सुधार देखा गया था लेकिन अगस्त में बेरोज़गारी दर बढ़कर 8.32 फ़ीसदी हो गई.

सीएमआईई के मुताबिक़, पिछले साल लॉकडाउन के बाद इसी दौरान बेरोज़गारी दर बढ़कर 8.35 फ़ीसदी थी.

आँकड़ों की बुनियाद पर सीएमआईई का कहना है कि जुलाई में 39.97 करोड़ लोग रोज़गारशुदा थे जबकि अगस्त में इनकी संख्या कम होकर 39.78 करोड़ रह गई. इससे पता चलता है कि बीते महीने में 19 लाख लोगों की नौकरियां गई हैं.

सीएमआईई के अनुसार, इस साल मई में बेरोज़गारी दर 11.9 फ़ीसदी थी और इस महीने 1.5 करोड़ लोगों की नौकरियां गई थीं.

ये वही समय था जब देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर का हाहाकार मचा हुआ था.

सुप्रीम कोर्ट

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68 हाई कोर्ट जजों की नियुक्ति की सिफ़ारिश

सुप्रीम कोर्ट में एक साथ नौ जजों की नियुक्ति के बाद कॉलेजियम ने देश की अलग-अलग अदालतों के लिए पहली बार एक बार में 68 जजों की नियुक्ति की सिफ़ारिश की है.

अंग्रेज़ी में छपने वाले हिंदू अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक़ सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों के लिए एक बार में इतनी बड़ी संख्या में जजों की नियुक्ति की सिफ़ारिश पहले कभी नहीं की गई थी.

सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम की पाँच अगस्त और एक सितंबर को इस सिलसिले में बैठक हुई थी. देश के 12 उच्च न्यायालयों में जज के पद पर नियुक्ति के लिए 112 नामों की सिफ़ारिश की गई थी जिनमें कॉलेजियम ने 68 लोगों की सिफारिश की है.

इन 68 नामों में 44 प्रैक्टिस करने वाले एडवोकेट हैं और 24 ज्युडिशियल सर्विस से आए जज हैं.

न्यायपालिका में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में एक क़दम आगे बढ़ाते हुए कॉलेजियम ने मार्ली वानकुंग नाम की एक अनुसूचित जनजाति की एक जज को गुवाहाटी हाई कोर्ट में प्रमोट करने की सिफ़ारिश की है.

हिंदू अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक़, अगर सरकार इस सिफ़ारिश को मान लेती है तो वो मिज़ोरम राज्य से हाई कोर्ट की जज बनने वाली पहली व्यक्ति होंगी.

कॉलेजियम ने जिन 68 लोगों के नामों की सिफ़ारिश की है, उनमें 10 महिलाएं हैं.

ये नियुक्तियां इलाहाबाद, राजस्थान, कलकत्ता, झारखंड, जम्मू और कश्मीर, मद्रास, मध्य प्रदेश, पंजाब और हरियाणा, केरल, छत्तीसगढ़ और गुवाहाटी उच्च न्यायालय के लिए की जानी हैं. इससे पहले 17 अगस्त को चीफ़ जस्टिस रमन्ना, जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस खानविलकर ने 17 अगस्त को तेलंगाना हाई कोर्ट के लिए 7 जजों की नियुक्ति की सिफारिश की थी.

एंटीलिया केस

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एंटीलिया केस में एनआईए ने लगाई यूएपीए की धाराएं

उद्योगपति मुकेश अंबानी के बंगले एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से लदी गाड़ी मिलने के मामले की जांच कर रही नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी ने केस के 10 अभियुक्तों के ख़िलाफ़ शुक्रवार को अपनी चार्जशीट दायर कर दी.

इंडियन एक्सप्रेस अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, इन अभियुक्तों में मुंबई पुलिस के एपीआई सचिन वाझे और रिटायर्ड एसीपी प्रदीप शर्मा भी शामिल हैं.

इन अभियुक्तों पर उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास कथित तौर पर एक एसयूवी में जिलेटिन स्टिक्स रखने और इसके कुछ दिनों बाद इस गाड़ी की चोरी की रिपोर्ट लिखवाने वाले मनसुख हिरान की हत्या करने का आरोप है.

9000 पन्ने की इस चार्जशीट में मुंबई पुलिस के बर्खास्त पुलिस अधिकारी सुनील माने, रियाज़ुद्दीन काज़ी और विनायक शिंदे के नाम शामिल हैं.

एनआईए ने चार्जशीट में यूएपीए के सेक्शन 16 (आतंकवादी गतिविधि), 18 (साज़िश) और 20 (आंतकवादी संगठन की सदस्यता) का भी केस बनाया है.

एनआईए के एक सीनियर अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि कथित साज़िश भी सभी अभियुक्तों की भूमिका के अनुसार उन पर आरोप लगाए गए हैं. कुछ अभियुक्तों पर यूएपीए क़ानून की धाराएं नहीं लगाई गई हैं.

सेबी के प्रमुख अजय त्यागी

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सेबी के प्रमुख अजय त्यागी

निवेशकों को पैन और आधार लिंक कराना होगासेबी

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में पूंजी बाज़ार की नियामक एजेंसी सेबी ने शुक्रवार को निवेशकों को कहा है कि वित्तीय लेन-देन को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए वे 30 सितंबर तक अपने पैन को आधार से लिंक करा लें.

सेबी का कहना है कि जो लोग ऐसा नहीं कर सकेंगे, उनके पैन निष्क्रिय हो जाएंगे और इसका मतलब होगा कि ग्राहक का केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) अधूरा माना जाएगा.

इससे पहले पिछले साल फरवरी में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा था कि 1 जुलाई, 2017 से पहले जारी किए गए पैन को अगर 30 सितंबर, 2021 तक आधार से नहीं जोड़ा गया तो वे निष्क्रिय हो जाएंगे.

चूंकि पूंजी बाज़ार में पैन नंबर ही निवेशक की पहचान का एकमात्र जरिया होता है, इसलिए सीबीडीटी की अधिसूचना को देखते हुए सेबी ने इसके पालन को सुनिश्चित करने के लिए कहा है.

सेबी ने कहा है कि केवल सक्रिय पैन नंबर के जरिए ही वित्तीय लेन-देन किए जा सकेंगे और सक्रिय पैन नंबर वही माने जाएंगे जिन्हें आधार से जोड़ दिया गया है.

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