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इशरत फर्जी मुठभेर की जाँच , मोदी के दफ्तर तक पहुँच चुकी है।

रंग लाया मासूम इशरत जहां का खून , नहीं बच पायेंगे गुनाहगार और जेयादा दिनों तक। क्योंके इशरत मामले की जांच की आंच गुजरात दंगों के मास्टरमाइंड के दफ्तर तक पहुँच चुकी है। Posted on: 22-September-2013 इशरत जहाँ मामले की जांच मोदी के दफ्तर तक पहुंची । अहमदाबाद , 21 सितम्बर (एजेंसी) इशरत जहाँ फर्जी एनकाउंटर मामले की जांच की आंच मोदी के दफ्तर तक पहुँच गई है । सी बी आई ने मामले की जांच तेज़ कर दी है । इस सिलसिले में साबरमती जेल में वंजारा से गुजिस्ता तीन दिनों से सी बी आई की टीम पूछ ताछ कर रही है । इस टीम ने सनीचर को मुख्यमंत्री के दफ्तर में aditional चीफ secretary के ओहदे पर बहाल ए के शर्मा और जी सी मरमु से गाँधी नगर में स्थित बी एस एफ कैंप में पुछ ताछ की गई । दोनों अफसरों से रिटायर्ड आई पी एस अफसर जी एस सिंघल की दी गई सी डी और पेन ड्राइव के बारे में सवालात किये गए । बताया जाता है के अमीत शाह को बीबचाने से सम्बंधित ये सी डी और पेन ड्राइव है जिसे सिंघल ने तैयार किया था ।गुजरात हुकूमत को इस्तीफा के साथ ख़त लीख कर आड़े हाथों लेने वाले वंजारा सी बी आई के लिए अहम् कड़ी साबीत हो सकते...

bihar और भारत की असलियत www. biharbroadcasting. com

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फंस सकते हैं फंसाने वाले ? कई और वंजारा के खुलासे की संभावना बढ़ी, मील रही कामयाबी से उत्साहीत मुस्लीम संगठन लम्बी कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी में , गलत अफसरों के virudh अलग से आपराधिक् मुक़दमा चलाने की तैयारी भी चल रही , इस बात की मांग भी कर सकते हैं के क्यों नहीं दागियों के रिटायर्ड फण्ड के रूप में मिलने वाले रूपये से दोषी अधिकारियों को वंचित कर पीड़ितों को मदद की जाए? मोबीन कादीर शैख़ मामले में अदालत ने जाँच एजेंसी को झटका देते हुए आरोपी से सम्बंधित कागजात को नष्ट न करने का फरमान wishesh अदालत ने हुक़म दिया है। यही कागजात गले की हड्डी बन सकती है । मुंबई 16 september (यू एन आई) महाराष्ट्र में इंडियन मुजाहेदीन के दह्शत्गर्दाना मामले में आज यहाँ मुंबई की विशेष अदालत ने अतिरिक्त पुलीस कमिश्नर (crime branch) को हुकम दीया है के आरोपी मोबीन कादीर शैख़ से सम्बंधित जीतने भी जरुरी कागजात हैं को अदालत के हुकम के बगैर नष्ट करने की कोशिश न करे ! वाजेह रहे के आरोपी ने विशेष अदालत में एक अर्जी दाखील कर मांग की थी के वह जाँच एजेंसी को आदेश दे के वह इस मामले में एजेंसी के जरिये इस्तेमाल की गई गाडी की लाग बुक ,स्टेशन डायरी ,मेडिकल पेपर के अलावा बाकि जरुरी दस्तावेज जोकी september 2008 से नवंबर2008 के बीच के हैं नष्ट न करे । मुल्जीम की पैरवी करने वाले अधिवक्ता शरीफ शैख़ ने अदालत को बताया के उपरोक्त दस्तावेज आरोपी को बेगुनाह और अधिकारिओं को दोषी साबित करने में अहम् kirdaar नीभा सकते हैं , लेहाजा उपरोक्त कागजात और रेकॉर्ड को बचाया जाना बहुत जरुरी है , सरकारी वकील की तमाम दलील धरे के धरे रह गए और अदालत ने बचाओ pakch की दलील को तरजीह देते हुए तमाम रिकॉर्ड को बाहीफाजत रखने के आदेश दे दीए (pindaar दीनांक 17/9/2013 )

फंस सकते हैं फंसाने वाले ? कई और वंजारा के खुलासे की संभावना बढ़ी, मील रही कामयाबी से उत्साहीत मुस्लीम संगठन लम्बी कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी में , गलत अफसरों के virudh अलग से आपराधिक् मुक़दमा चलाने की तैयारी भी चल रही , इस बात की मांग भी कर सकते हैं के क्यों नहीं दागियों के रिटायर्ड फण्ड के रूप में मिलने वाले रूपये से दोषी अधिकारियों को वंचित कर पीड़ितों को मदद की जाए? मोबीन कादीर शैख़ मामले में अदालत ने जाँच एजेंसी को झटका देते हुए आरोपी से सम्बंधित कागजात को नष्ट न करने का फरमान wishesh अदालत ने हुक़म दिया है। यही कागजात गले की हड्डी बन सकती है । मुंबई 16 september (यू एन आई) महाराष्ट्र में इंडियन मुजाहेदीन के दह्शत्गर्दाना मामले में आज यहाँ मुंबई की विशेष अदालत ने अतिरिक्त पुलीस कमिश्नर (crime branch) को हुकम दीया है के आरोपी मोबीन कादीर शैख़ से सम्बंधित जीतने भी जरुरी कागजात हैं को अदालत के हुकम के बगैर नष्ट करने की कश न करे ! वाजेह रहे के आरोपी ने विशेष अदालत में एक अर्जी दाखील कर मांग की थी के वह जाँच एजेंसी को आदेश दे के वह इस मामले में एजेंसी के जरिये इस्तेमाल की गई गाड...

aasha raam ki kahaani?

आशा  राम बापू की ऐशगाह  में स्विमिंग पुल भी  इंदौर ,8 सेपतेम्बर ,एजेंसी , प्रशाशन ने जमीन नापने वाले पैमाने से ,सनीचर को इंदौर के खंडवा रोड में  स्थित आशाराम का आश्रम का चप्पा चप्पा नाप दिया , सरकारी पैमाइश के बहाने पहली बार आशाराम की ऐशगाह का नजारा भी आम हो गया आशाराम और  नारायण     शाइन की तन्हाई की जगह की गवाह रही ऐशगाह ,अच्छे खासे बंगलों को मात दे रही थी। बापू के ऐशगाह में ऐश व  आराम की तमाम सहुलतें ,और स्विमिंग पुल की मौजूदगी बापू  लगे आरोपी की गवाही दे रही थी ' आम ' के पश्चिमी कोने में बनी उसकी कुटिया की आलिशान इमारत को देख कर अफसरों की आखें  फटी की फटी रह गई। हलाके आशाराम के पालतू चेलों के आगे अफसरों की भी नहीं चली ,आशाराम के बंगलों की चहार दिवारी के बाहर  ही एस डी एम्  और बाकी अफसरों की टीम ने जुते उतार लीए  (उर्दू दैनिक पिन्दार ,पटना,दिनांक 9 /09/2013 )

www.biharbroadcasting.com: हिन्दुस्तानी पार्लियामेंट पर हमला , चंद अहम् सवाला...

www.biharbroadcasting.com: हिन्दुस्तानी पार्लियामेंट पर हमला , चंद अहम् सवाला... :                              हिन्दुस्तानी पार्लियामेंट पर हमला , चंद अहम् सवालात                                                       ( अ...