Skip to main content
प्रोफेसर जिलानी पर हमला आर एस एस के इशारे पर हुआ था . तफ्तीश के दौरान समझौता एक्सप्रेस धमाका के मुल्जिम राजेंदर चौधरी का एताराफे जुर्म। माले में दिलचस्पी न लेने कारण दिल्ली पुलिस पर भी उठे सवाल आखिर क्या वजह थी के जिलानी के हमलावरों के बारे में आज तक मुल्जिमों को खोज पाने में नाकाम रही ?
न्यू डेल्ही 26 डिसेम्बर (एजेंसी) समझौता एक्सप्रेस बम धमाका मामले में गिरफ्तार मुल्जिम ने यॆ बात कबूल की है के पार्लियामेंट हमले में मोबैयेना (कथित तौर पर शामील प्रोफेसर एस ए आर जिलानी पर हमले में भी वह शामिल था .राष्ट्रिये जाँच एजेंसी( NIA )के हिरासत में समझौता एक्सप्रेस बम धमाका मामले के मुलजिम राजेंदर चौधरी ने जाँच करने वालों को बताया के उसने और अजमेर दरगाह और मक्का मस्जिद बम धमाका के मुल्जिम लोकेश शर्मा ने मिलकर प्रोफेसर एस ए आर जिलानी को गोली मारी थी .....
उसने ये भी बताया के 8 फ़रवरी 2005 को वसंत विहार इलाके में जब जिलानी अपने वकील से गए थे तब उन्हों ने गोली मारी थी ......इस हमले में जिलानी शदीद तौर (गंभीर रूप )से घायेल हो गए थे इसके साथ ही चौधरी ने ये भी स्वीकार की के आर एस एस प्रचारक सुनील जोशी के कहने पर ये हमला किया गया था ......
वह डेल्ही हाई कोर्ट की तरफ से जिलानी को बड़ी किये जाने के बाद 2003 से हमले की योजना बना रहे थे ..............
इस दौरान प्रोफेसर जिलानी ने कहा है के दिल्ली पुलिस हमले के बाद उनसे कभी संपर्क नहीं किया ...............उन्हों ने कभी ये नहीं बताया के मुश्तबा अफराद (संदिग्ध वैक्ति )कौन थे ?मेरे खानदान को परिशान किया गया .....पुलिस ने मेरी कार और लैप टॉप जब्त कर ली .....सनद रहे के वाकेया के कई साल गुजर जाने के बाद भी पुलिस इस बात का पता नहीं लगा पाई थी के इसके पीछे किसका हाथ था? एन आई ए ने चौधरी के एकरारनामा को लेकर दिल्ली पुलिस को सूचना दी है .....पुलिस अब अजमेर धमाके के सिसिले में जयपुर जेल में बंद लोकेश शर्मा को हिराशत में लेने की कोशिश कर रही है ......चौधरी के मुताबिक़ जोशी और दुसरे साथी प्रोफेसर जिलानी के हाई कोर्ट से बड़ी होने की वजह से काफी गुस्से में थे और उसे क़त्ल करने का मंसूबा बनाया
नोट :- उपरोक्त समाचार उर्दू दैनिक पिन्दार के 27/12/2012 के अंक से ली गई है
Comments