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असली आतंकियों को बचाकर और मासूमों को फंसाकर क्या हम आतंकवाद पे काबू पा लेंगे ?

      अधिवक्ता  पटना हाई कोर्ट बिहार एवं पूर्व अध्यक्ष 15 सूत्री कार्यक्रम कमिटी बिहार .
                भारतीय सविंधान ने देश के हर एक नागरिक को समानता का अधिकार दिया .इसमें हिन्दू ,मुसलमान ,मर्द औरत ,अनुसूचित जाति ,जनजाति के दरमयान किसी प्रकार का भेद भाव नहीं किया गया ,लेकिन क्या हमारे मुल्क में सभो को बराबरी का हक सभो को मिल सका है .जब हम अमली ( व्योहारिक) तौर पर देखते हैं तो मालूम होता है के यहाँ पुरानी  संस्कृति व रिवाज आज भी कायेम है ,जो  कभी जात पात की बुनियाद पर हुआ करती थी .देश में ब्राह्मणवाद सबसे ऊँची चोटी पर बैठा हुआ है ,मुल्क के कानून बनाने और उसको व्योहारिक (अमली )रूप देने में ब्राहमणों का पूरी तरह दखल है .इस तरह हम कह सकते है के सारे देश में ब्रह्मणवाद पूरी तरह हावी है .चाहे मोगल दौरे हुकूमत हो या अंग्रेजो का ,हर दौर में ब्राह्मण हमेशा ऊँचे ओहदे पर कायेम रहे और हिन्दुओं के अनुसूचित जाती , जनजातियों पर अपनी शासन चलते रहे ,आजादी मिलने के बाद ब्राहमणों (badhamano )ने मुसलमानों पर अपनी शासन करने के लिए कोशिशें शुरू कर दी,जब मुसलमान झुकने के लिए तैयार नहीं हुए तो दंगा कराना शुरू किया ,इसका नतीजा ये हुआ के मुसलमान आर्थिक ,शिक्षा ,राजनितिक ,और सामजिक एतबार से बद से बद तर होते चले गए ,हिन्दुस्तान में ब्राह्मणवाद पूरी तरह हर क्षेत्र में पूरी तरह हावी हो चूका है .देश का प्रधान मंत्री  हो या राष्ट्र पति सभी ब्राह्मणों के आगे सर झुकाने को मजबूर  है।देश के पहले राष्ट्र पति जनाब राजेंदर प्रसाद जब देश के राष्ट्रपति बने तो पहली फुर्सत में वह बनारस गए और वहां एक हजार  ब्राहमणों का अपने हाथों पैर धोया .पैर के धोवन का कुछ पानी पिया और कुछ अपने जिस्म पर मला तब जाकर उनको सकून व इत्मिनान हासिल हुई .,ब्राह्मणों के इशारे पर ही जनाब राजेंदर प्रसाद ने मुसलामान और और ईसाईयों को अनुसूचित जनजाति की सूची से हटाया ,जिसका खामयाजा   मुस्लिम  और इसाई  भुगत रहे हैं .क्या मुल्क के ऐसे प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से देश का मुसलामान कुछ उमीद रख सकता है .जहां का पूरा सिस्टम ही ब्राह्मणों के हाथों में गिरवी रख्खा  हुआ हो .ब्राहमणों ने मुल्क पर पकड़ बनाये रखने के लिए एक तंजीम (संगठन )बनाई  जो आरएसएस  के नाम से मशहूर है .इस से संबध 34 जेली  जुडी हुई हैं ,जो हर क्षेत्र पर अपनी पाकर बनाये हुए है .उन्ही में एक भारतीय जनता पार्टी भी है ,जो एक सियासी संगठन है .इसके जेरे निगरानी यानि देख रेख में कई और संगठन  काम करते हैं ,और ब्राह्मणवाद के नजरिये को बढ़ावा देते हैं .जब मूल में भारतीय जनता पार्टी की शासन कायेम हुई ,और एल  के आडवाणी होम मिनिस्टर बनाये गए उस वक़्त आर एस एस ने खुलकर अपने छुपे हुए एजेंडे को लागू  करना शुरू किया .अपने  ख़ास आदमियों और अफसरों को देश की IB और इंटेलिजेंस और अन्य दूसरे जांच एजेंसियों में पूरी तरह भर दिया,आई ए एस  बनाने का choaching सेंटर शुरू किया,और  बहाली में हर तरह की मदद पहुंचाई ,इसी शासन के दौरान मुस्लिम आतंकवाद का शोशा बड़े ही शातिराना अंदाज में छोड़ा गया और हजाड़ो educated बे कसूर  और मासूम मुस्लिम नौजवानों को बगैर कोई ख़ास कारण के जेल की सलाखों में बंद कर दिया गया और ऐसे ऐसे धारे  लगा दिए गए कि उसमे न कोई अपील और न कोई दलील काम आ सके।आर एस एस के की इस हरकत ने मुसलमानों तालीमी ,और समाजी हालात को बिल्कुल ही कमजोर करके रख दिया और गिरफ्तार नौजवानों के रिश्तेदार इस हालत में पहुँच गए के उनके अपने बेगाने ने भी सलाम व कलाम से कतराने लगे ,इसी बीच गुजरात में मुसलामानों के खेलाफ बड़े पैमाने पर दंगा कराकर दिखा दिया गया के मुसलामानों का कोई भी पुरसाने हाल अथवा हमदर्द नहीं है और हिंदूवादी संगठने जो चाहेंगी करेंगी और उनका कोई भी कुछ नहीं बिगार सकता।
                 इसी बीच महाराष्ट्र ATS  प्रमुख स्वर्गिय हेमंत करकरे ने कुछ ऐसे रहस्यों पर से पर्दा उठाने का काम किये के सारा देश हक्का बक्का हो गेया ---इसने माले गाँव ,समझौता एक्सप्रेस और अन्य दूसरे बम ब्लास्टों की कर बताया के इन  सारे बम ब्लास्टों में मुस्लिम संगठन नहीं बल्के हिदुत्ववादी संगठने शामिल हैं जो  देश में सवैंधानिक पदों पर कब्जा जमाये लोंगों के खेलाफ बगावत कर तख्ता पलट करने की शाजिश कर रहे हैं ताके देश में पूरी तरह बरहमनवादी हिन्दू राष्ट्र कायेम किया जा सके .इस सिलसिले में कई कट्टरवादी हिन्दू आतंकवादिओं की गिरफ्तारियां हुई .......जिनसे मालूम हुआ के भारतीय फ़ौज में भी मुल्क के गद्दार अथवा देश द्रोही शामिल हो चुके हैं ,जो देश में बगावत करने के लिए इसराइल और नेपाल इत्यादि देशों के भी सम्पर्क बनाये हुए थे ....उनके तार मुल्क में भी बरहमनवादी संगठनों से जुरे हुए थे ,जिनके इशारों पर ये सारे दहशतगर्द देश का तख्ता पलटना चाहते थे ....लेकिन हिन्दू दहशतगर्दों को ये कैसे बर्दाशत हो सकता था के कोई भी सख्श उनकी तरफ ऊँगली उठा दे .....इसका नतीजा सामने आया और मुल्क के गद्दारों और बागियों ने हेमत करकरे और अन्य जांबाजों को बड़ी चालाकी से रास्ते से हटा दिया और आनन फानन में ATS chief के ओहदे पर अपने खास चहेते रघुवंसी को बैठा दिया ,जिसने हिन्दू दहशतगर्दों को बचाने की हर मुम्किन प्रयास की . अपने आकाओं पर जाँच न हो इसलिए जाँच जी दिशा ही बदल दी और मुंबई हमलावर हेमंत करकरे ,सालसकर और अन्य दूसरे जाँबाजों की शहादत का ठीकरा पाकिस्तातानी  आतंकवादियों के सर डाल दिया .लेकिन  आई बी  के जरिये बनाई गई मनगढ़ंत कहानी अभी भी किसी को हजम नहीं हो पा रहा है , हमारे देश की सरकार न जाने क्यों मुंबई हमले में मारे गए शहीदों की जाँच कराने से कतरा रही है?
         
                   हेमंत करकरे ने अपनी जान की बाजी लगा कर जो पर्दाफाश किया है ,हिन्दू दहशतगर्दों का जो खुलासा किया है इस बेना पर केंद्रीय सरकार को हिन्दुस्तानी फ़ौज की कार्किर्दगी (काम काज )अभिनव भारत ,राम सेना ,आर एस एस ,बजरंग दल ,विश्व हिन्दू परिषद ,और दुर्गा वाहिनी  जैसे संगठनों पर फ़ौरन पाबन्दी लगाकर आतंकी हरकतों की जाँच करनी चाहिए ,तभी बेक़सूर मुस्लिम नौजवानों की जान बचेगी .
                   मुस्लिम दहशतगर्दी की भूत तो दरअसल बरहमनवादी सोंच और IB ने खड़ा किया किया है ताके इसकी आड़ में वास्तविक बर्हम्नी दहशतगर्दी को छुपाया जा सके ,जो मुल्क भर में कई जगह और कई अस्तर की जा रही हैं .उपरोक्त बातें निम्नलिखित रिपोर्टों से साफ़ (clear )हो जाती है .
                  आर एस एस ,वि एच पी और बजरंग दल की दहशतगर्दाना( आतंकी ) सर्गार्मियाँ :
                 1. मार्च 2000 बजरंग दल ने अपने कार्यकर्ताओं का एक तरतीबी( ट्रेनिंग)  कैंप  पूना में लगाया ,जिसमे दूसरी चीजों के अलावा जिलेटिन स्टैटिक्स (gelatin statics )से बम बनाने और उसे धमाका कने का तरीका भी सिखाया गया .इस कैंप में प्रदेश अस्तर के चालीस से पच्चास नामवर बजरंग दल कैडर ने हिस्सा लिया ,इनका ग्रुप लीडर नानडेड (nander )का हिमांसु पांसे था ,जो चार बाद 2006 में बम बनाते हुए मारा गया .....इस कैंप का इन ए काद बजरंग दल के कुल हिन्द के  सोबये बराए जिस्मानी (physical education wing )के चीफ मुलंद पराडे( muland parade )ने किया था। ( ये पर्दाफाश nander  बम धमाका-2006 की जाँच के दौरान  हुआ )
           2. 2001 आर एस एस और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का एक चालीस रोजा ट्रेनिंग कैंप भोंसाला मिलिट्री स्कूल  नागपूर में लगाया गया ,जिसमे देश भर से 115 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया ,इसमें महाराष्ट्र के 54 कार्यकर्ता शामिल थे ,इन लोगों को हथियार चलाने ,बम बनाने ,और इनको धमाका करने की ट्रेनिंग दी गई
ट्रेनिंग देने वालों में आई बी और फ़ौज के रिटायर्ड सीनियर ऑफिसर के अलावा कुछ ऐसे फौजी भी थे ,जो अभी रिटायर्ड नहीं हुए थे ...(.इन सच्चाइयों का खुलासा nander बम धमाका 2006 और माले गाँव बम धमाका -2008 की जांच के दौरान हुआ )
           3.2003 पुन के नजदीक सिंगाड़ रोड पर स्थित आकांक्षा (aakanksha )रिसोर्ट में एक ट्रेनिंग कैंप का इन ए काद किया गया ,जिसमे बम बनाने और धमाका करने की ट्रेनिंग दी गई ,इसमें तक़रीबन 50 नौजवानों ने हिस्सा लिया इस कैंप का असल सरबराह मिथुन चक्रवर्ती  नाम का एक सख्श था जिसने न सिर्फ ये के इन लड़कों को बम बनाने और उनको इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग दी ,बलके आखरी दिन इस सभों को बड़ी मिकदार (मात्रा )में विस्फोटक पदार्थ देकर रुखसत किया गया ....ट्रेनिंग देने वालों में बरसरे मुलाजिमत और रिटायर्ड फौजी अफसरान के अलावा हथियारों का एक्सपर्ट पुणा का निवासी राकेश धवारे ,चेमेस्ट्री के दो प्रोफसर जिनके नाम शर्द कुंशे और डॉक्टर देवता बताये गए हैं शामिल थे .(ये पर्दा फाश भी nander और माले गाँव बम धमाका की तफ्तीश के दौरान हुआ )
            4. 15 मई 2002  "संघ परिवार  के 15 से 45 साल की उम्र के 153 एक्टिव कार्यकर्ता ने पुन शहर में 21 रोजा कैंप में शिर्कित की .खाकी निकर,सफ़ेद कमीज में मलबूस इन कार्यकर्ताओं को लिजम ,लाठी ,योगा ,खोखो ,कबड्डी के साथ साथ संसकृत बोलने की मश्क कराइ गई .और डिटेल के साथ हिन्दू राष्ट्र का नजरयाती सबक पढाया गया .सरमाई तालीमात के दौरान ये कैंप ताला बंद अहाता में मुन अ कीद हुआ ,वहां न किसी को बाहर क़दम निकालने की इजाजत थी और न कोई अचानक अन्दर आ सकता था .
              इसी मुद्दत के दौरान मुल्क के दुसरे स्थानों पर भी ऐसे ही 71 कैंप लगाये गए ,लातूर (महाराष्ट्र )में 45 से 60 साल की पुख्ता उम्र वालों ने एक ख़ास कैंप लगाया गया( पूना न्यूज़ लाइन ,इंडियन एक्सप्रेस .15मई 2002)
          5. 31 मई 2002 बजरंग दल कार्यकर्ताओं का एक हफ्ता का ट्रेनिंग कैंप भोपाल (मध्य प्रदेश )में लगाया गया ,जिसमे 150 एक्टिव कार्यकर्ताओं ने ने हथियार चलाने की ट्रेनिंग हासिल की ...कहा गया के ये कैंप नौजवानों को जंग के गुर सिखाने के लिए लगाया गया था ,ताके पकिस्तान से हमले की सूरत में वह जंग में हिस्सा ले सके .
           6.18 मई 2003 विश्व हिन्दू परिषद् की महिला कार्यकर्ताओं के लिए मुंबई में 17 मई 2003 से हर्बी तरबियत कैंप (हथियार चलाने का गुण )जिसमे नौजवान लड़कियों को जुडो कड़ाटा के साथ चाकुओं और तलवारों से जंगी मश्क कराइ गई .सन्डे टाइम्स ऑफ़ इंडिया ,18 मई 2003 )
           7. 31 मई 2003 महिलाओं को हथियारों को चलाने की ट्रेनिंग देने के तेहत कुल हिन्द प्रोग्राम के तेहत कानपूर में 25 मई से एक ट्रेनिंग कैंप लगाया गया ,जिसमे तक़रीबन 70 लड़कियों ने हिस्सा लिया  और फ़ौज के रिटायर्ड अधिकारिओ ने उनको बंदूक लोड करने ,निशाना लगाने ,और गोली चलाने की ट्रेनिंग दी गई ,जबके जुड़ों के शिक्षकों ने उनको मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग दी ,प्रदेश के कई दूसरों शहरों में कैंप लगाये गए (सन्डे एस्प्रेस पुन 1 जून 2003).........
   
         8.18  मई 2001 औरंगाबाद के नागेश्वर वाड़ी गणेश मंदिर के पास पाइप बम धमाके हुए (लोकमत ,औरंगाबाद 24 मई 2006)
          9. 17 नवम्बर 2002 औरंगाबाद में गढ़ गेशवर मंदिर और निराल बाग़ इलाके में VHP के दफ्तर के पास पाइप बम धमाके हुए (लोक सत्ता  वेबसाइट .24 मई 2006 और लोक मत औरंगाबाद  17 नवम्बर 2002)
           (6 अप्रैल 2006 को nander में आर एस एस और बजरंग दल के दो एक्टिव कार्यकर्ता बम बनाते हुए धमाका होने से मारे गए .पुलिस को मौकाये वारदात से ठीक वैसे ही पाइप बम मिले जिसे औरंगाबाद में इस्तेमाल किये गए थे  लोकमत 24 मई 2006)
   
         10.एक जून 2006 नागपुर में आर एस एस के सदर दफ्तर क नजदीक कथित एनकाउंटर में एक पाकिस्तानी दहशत गर्द गिरोह के तीन आतंकी मारे गए ,जो रिपोर्ट के मुताबिक दफ्तर पर हमला करने के इरादे से आये थे।
        (सच्चाई पता करने के गरज से हाई कोर्ट के एक रिटायर्ड जज मिस्टर B G kolse  patil की सरबराही (नेतृत्त्व ) में एक फैक्ट फाइंडिंग टीम बनाई गई जो छान बीन के बाद इस नतीजे पर पहुंची के एनकाउंटर की कहानी फर्जी है .....इस committee  ने सारे मामले को जुडिसियल इन्क्वारी की सिफारिश की ......बजाहीर एनकाउंटर की ये करवाई आर एस एस के इमां पर आई बी ने अंजाम दी थी )..........
          11.21 नवम्बर 2003 परभनी के मोहम्मदया  मस्जिद पर उस वक़्त वैसी सनाखत के बम फेके गए ,जब नमाजी जुमा की नमाज अदा करके निकल रहे थे ,तीन हमलावर मोटर साइकिल पर सवार होकर आये थे और बम फेंक कर फरार हो गए .(पीटीआई  .21 नवम्बर  शाम 5:11मिनट .....)
          12. 27 अगस्त 2004 मस्जिद मेराजुल ओलुम पूना (परभणी )पर बम हमला हुआ ......
          13. 27 अगस्त 2004 कादरिया मस्जिद जालना पर हमला हुआ ..
           14.6 अप्रैल 2006 रात के डेढ़ बजे  नांदेड़ में एक रिटायर्ड इंजिनियर और आर एस एस के कार्यकर्ता "लक्छ्मन राज  कोंडआवर "के घर पर एक जबरदस्त धमाका हुआ ,जिसमे उसके 29 साला बेटे नरेश और बज्रंग्दाली हिमांशु पांसे हालाक हुए और बाकी तीन साथी जख्मी हुए ,जबके राहुल पांडे बच गया ,जिसको बाद मे पुलिस ने पकड़ा ,ये धमाका उस वक़्त हुआ जबके ये लोग घर पर बम बना रहे थे .
           15.10 फरवरी 2007 एक पुरएसरार (रहश्यमय )बम धमाके में nander में 28 वर्षीय पांडुरंग भगवान उमल कन्थुवान मारा गया और उसका साथी दानेश्वर मानक राव गोनिवार  उम्र 40 साल बुरी तरह जख्मी हो गया .दोनों का सम्बन्ध बजरंग दल से समझा जाता है .(टाइम्स ऑफ़ इंडिया पूना 11 फरवरी 2007)
           16. सितेम्बर 2007  राम पुर उत्तर प्रदेश में तीन लड़के जो खुदको" जिहादे इस्लामी " ग्रुप का कार्यकर्ता बताकर लोगों को धमकी भरे खत भेजते थे ,गिरफ्तार कर लिए गए ,ये तीनों गैर मुस्लिम यानी हिदू निकले और उनके नाम राज पाल शर्मा ,दौरी लाल ,और धर्म पाल हैं  (मिल्ली गजट 1-15 अक्टूबर 2007)
           17.26 दिसंबर 2007 क्रिकेट खिलाड़ियों की आमद से पहले पुलिस ने 6 बमों के साथ दो नौजवानों राजीव गोविन्द सिंह ,और सुमित्रा बादल राय को गिरफ्तार किया ,ये देसी किस्म के बम भीड़ में कम से कम आधा दर्जन लोगों को हालाक कर सकते थे .,ये  गिरफ्तारियाँ वर्ल्ड कप में फातेह क्रिकेट टीम (विजेता टीम )के इस्तकबालिया जुलुस (विजय जुलूस )से ठीक पहले हुई .(टाइम्स ऑफ़ इंडिया ,पूना 27 सितम्बर 2007)
                (ये सोंच कर रोंगटे खड़े हो जाते हैं के अगर ये गिरफ्तारियाँ न होंतीं और साजसी तौर पर जुलूस के दौरान बम धमाके करने में कामयाब हो जाते तो किस कद्र भयानक नतीजे सामने आते  और अगर कहीं इन दोनों का संबंध मुसलमान से होते तो पुलिस और मीडिया और भारतीय जनता की प्रतिक्रया कितना जोरदार होता?)
           18. 12 दिसंबर  2006 : को नासिक पुलिस ने शहर के पास एक गाड़ी से 50 detonator ,जेलाटीन स्टैटिक्स के 11 बॉक्स और पांच टन अमोनिअम नाइट्रेट जब्त किये ,इनका ताल्लूक (संबंध )बजरंगदल से समझा जा रहा है (मदाठी वीकली सुधान मुंबई 4 -10 जुलाई 2008 )........

         19. 2006 जिला अहमद नगर के एक गाँव मव एक शख्स शंकर सेल्के के घर से 15 किलो आर डी  एक्स जब्त किया ,शंकर बाद में रहस्यमय हालत में मरा हुआ पाया गया।(मराठी  वीकली शुधान मुंबई 4-10 जुलाई 2008 )
          20. 2006 पुलिस ने पथारी जिला अहमद नगर के एक चीनी कारखाने से बड़ी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ जब्त किये थे।(मराठी वीकली सुधान मुंबई ,4-10 जुलाई 2008)
          21. 14 अक्टूबर 2006 पुलिस ने जिला के औरंगबाद के चकाल  थाना के गाँव के सरपंच के घर से साढ़े चार किलो ग्राम अमोनियम नाइट्रेट , 18 छड़ें  जिलेटिन की बरामद की (मराठी वीकली सुधान मुंबई 4 - 10 जुलाई 2008)
          22.  2006 औरंगाबाद ....मुंबई हाई वे पर एक क्लब में पुलिस ने एक शख्स लक्ष्मण जीवंत के कब्जे से 20 किलो ग्राम अमोनियम नाइट्रेट और 18 छड़ी जिलेटिन  बरामद की (मराठी वीकली सुधान मुंबई  4-10 जुलाई 2008)
         23.   11 अक्तूबर 2007 : एक ताक़तवर बम धमाके में जिला युत महल के क गाँव में आर एस एस का संदिग्ध कार्यकर्ता डॉक्टर बाफ्ता माड़ा गया  (वीकली शुधान मुंबई ,4-10 जुलाई 2008)
       24.   2007 लातूर जिला में पुलिस ने सात नौजवानों के कब्जे से 14 लाख 72 हजार के आस पास कीमत का अमोनियम नाइट्रेट और जिलेटिन छड़ी बरामद की ......उनके  नाम विकाश मवाड, कैलास ,विनोद , धनन जय  , नितीश , महेश  और गणेश  हैं . वीकली सुधान मुंबई ,4 - 10 जुलाई 2008)
       25.    15 अक्टूबर 2007   : वार्धान में दिवाली के मौका पर कुछ लोगों को गिफ्ट के पैकटों में बम भेजे गए ,इस सिलसिले में पुलिस चार वैक्ति को गिरफ्तार किया .उनके नाम  चिंटू उर्फ़ महेश थाडवाणी, जितेश प्रधान , प्रकाश बावले ,और अजय जेव तोडे हैं . उनका सरगना baandu tel   (बंडू तेल )गोटे उर्फ़ लादन अभी तक फरार है , (दैनिक भास्कर 3 नवम्बर 2007)
       26.     20 फरवरी 2008 : मुंबई से तक़रीबन 50 मीटर के दूर क़स्बा पनुवेल के साईन राज सिनेमा हॉल में फिल्म जोधा अकबर की नुमाइश के दौरान एक बम फिट किया गया .(.कोमुनिलिज्म कॉम्बैट मुंबई :जुलाई -अगस्त 2008)
        27.     31 अक्टूबर 2008 पुलिस के बम तलाश करने और नाकारा करने वाले दस्ते ने नवी मुंबई के वाशी ऑडिटोरियम  में एक बम का पता चलाकर नकारा किया ,बाद में मालुम हुआ के बम एक बर्हम्नी संगठन ने नस्ब (फिट) किया था (कोमुनिलिज्म कॉम्बैट ,जुलाई -अगस्त 2008)
        28.   4जून 2008 : ठाणे के गदकारी रंग्याथन थिएटर में 4 जून एक बम धमाका हुआ ,जिसमे मराठी
ड्रामा "आम्ही पाँच पोते "दिखाया जाने वाला था ,इसमें सात वैक्ति जख्मी हुए थे ,पुलिस को पता चला के इस साजिश में हिन्दू barhamni संगठनों के गोरु कृपा partistha ,संस्था समिति का हाथ था .उन्हों ने हे साइन राज  सिनेमा हॉल और वाशी ऑडिटोरियम में बम रखवाए थे। ATS  ने उपरोक्त संगठनों के 6 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करके अहम् जानकारी ली ,जिनकी बुनियाद पर सितारह में एक नौजवान मंगेश निगम के घर से और पीन में दरयाये बाल गंगा के नजदीक छुपाया हुआ बहुत सा गोला बारूद बरामद किया।(इंडियन एक्सप्रेस की तहकीक से पता चलता है के महाराष्ट्र और गोवा के इन दहशत गार्डों के  सम्बन्ध आस्ट्रेलिया ,अमेरिका ,और कूछ अन्य देशों तक फैले हुए हैं . बहवाला :(कोमुनालिज्म कॉम्बैट ,मुंबई ,जुलाई - अगस्त 2008)
          29.    24 जनवरी 2008: तमिल नाडू के क़स्बा तिन्कासी जिला तर्विनल रेड्डी में स्थित आर एस एस के दफ्तर में एक जबरदस्त धमाका हुआ ....गहराई से जाँच परताल के बाद तमिल नाडू पुलिस ने संघ परिवार की विभिन्व संगठनों से सम्बन्ध आठ आदमी को गिरफ्तार किया गया .पुलिस ने बताया के आरोपी ने 14 पाइप बम बना लिए थे और वह इस साजिश में 2007 से लगे थे ......गिरफ्तार लोगों ने स्वीकार किया कि उनका संगठन प्रदेश में बड़े पैमाने पर संप्रादाइक नफरत फैलाना चाहते थे।(मिल्ली गजट  न्यू डेल्ही ,16-29 फरवरी 2008)
         30.   अप्रैल 2008: एक मामूली से फसादात की जाँच के दौरान पुलिस को पता चला के जिला जलगाँव के ताल्लुका चोप्रा के एक छोटे से गाँव  अमिरती (amirti)में खतरनाक हथियार मसलन पिस्तौल ,तलवार,चापड़ा वगैरा बड़ी मात्रा में बनाये जारहे हैं ,जाँच परताल के दौरान ये भी मालूम हुआ के एक शख्स "सिटी फेटने वाला " ने जो के संतज नगर का बाशिंदा है और एक फिरका परस्त पार्टी( साम्पर्दैक पार्टी  )का सरगरम मेम्बर है ,नौजवानों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी और उनको sampardaik  नजरिये से इन्तहाई इस्त आल अंगेज (अग्रेसिव) फ़िल्में और CD भी दिखाई  (मिल्ली गजट 16-31 मई 2008)
         31.    अप्रैल 2008: माले गाँव पुलिस ने 17 अप्रैल को एक ईमारत के बेसमेंट में स्थित एक टिब्बी लैब पर छापा मारा और वहां से 5 कार आमद (जिन्दा ) आर डी एक्स तीन इस्तेमाल शुदा बमों के खोल ,एक पिस्तौल ,एक लैप टॉप एक सकिज दो मोबाइल फोन ,एक हजार रूपये चार जाली नोट ,और पाँच हजार रूपये नकद  जब्त किये और तीन आदमी नीतेश आमरे ,साहब राव धरवे और जीतेन्दर खेमा को गिरफ्तार किया ,जिनका सम्बन्ध  अज्ञात संगठनों से था .( मिल्ली गजट न्यू डेल्ही 1-15 मई 2008)
        32.   जून-जुलाई 2008 बारा बंकी उत्तर प्रदेश : पुलिस ने आर एस एस के एक स्वंसेवक सूरज नारायण टंडन को गिरफ्तार किया ,जो शहर के ठाकुरद्वारा मंदिर में को तबाह करके दंगा फ़ैलाने की साजिश रच रहा था .(मिल्ली गजट न्यू डेल्ही 16-31 जुलाई 2008)

          33.     अक्टूबर-नवम्बर 2007 :मुंबई के मजाफात वासी और पानुवेल में बमों की तन्सीब और ठाणे में बमों के धमाके की जांच पड़ताल के दौरान ये पर्दाफ़ाश हुआ के इसी गिरोह ने बीते साल दिवाली के मौका पर रतन गिरी -पनुवेल रोड पर स्थित मुलिम कब्रिस्तान में बम रखा था ,खुशकिश्मती थी के के बम फटा नहीं ....(मिल्ली गजट ,न्यू डेल्ही ,16-31 जुलाई 2008)
          34.      10 अप्रैल 2008: उजारा जिला कोल्हापुर के पास 10 अप्रैल को पुलिस ने दो नौजवानों ओलिवर ब्रदेश करावर दत्ता और शंकर पचावाडेकर  को उस वक़्त गिरफ्तार किया गया जा वह एक मोटर साइकिल पर देशी सनाखत के 35 बम ,एक गन और कुछ कारतूस वगैरह ले जारहे थे .....(रोजनाम पोधारी ,कोल्हापुर 11 अप्रैल 2008)
          35.       जुलाई -अगस्त 2008 : आर एस एस की एक जैली  तंजीम राष्ट्रीय हिन्दू सेना के परमोद  मुतालिक ने  बैंगलोर में इन्स्दान दहशतगर्दी स्क्वाड (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड ) कायेम ,जिसमे बंगलोर से 150 और  पुरे रियासत से 700 volunteer भर्ती  किये गए हैं ,मुताल्लिक का दावा है के उसने ये गैर सरकारी फ़ौज रियासत से दहशतगर्दी का खात्मा करने के लिए खड़ी की है (पुणे मुरस ,23 अगस्त 2008 )
                    (परमोद मुतल्लिक श्रीराम सेना का भी मुखिया है .उसका दावा  है के उस के खुदकश दश्ते (सुसाइडल स्क्वाड )में अबतक 1132 हिन्दू नौजवानों को खुदकश बम्बार के तौर पर भारती कर चुके हैं ,श्रीराम सेना ने खुदकश दश्ते के इन बमबारों को ट्रेंनिंग देने और मानसिक रूप से तैयार करने (ब्रेन वाशिंग )के लिए मंगलोर ,बेलगाम और शिमोगा में ट्रेनिंग कैंप भी लगाए हैं (मिल्ली गजट ,न्यू डेल्ही ,1-15 नवम्बर 2008)
          36.     2 अगस्त 2006 : फैजाबाद (UP) पुलिस ने साधू के भेस में एक आदमी को उस वक़्त गिरफ्तार किया गया जब वह अपनी झोली में कार बमों के साथ अदालत में दाखिल हो रहा था ,मुलजिम का नाम संत "ननकौउ दास "बताया गया है (मिल्ली गजट ,न्यू डेल्ही 15 नवम्बर 2008)
          37.     24 अगस्त 2008 : कानपूर (उत्तर प्रदेश ) में 24 अगस्त को 2 बजरंग दली राजीव मिश्रा और भोपेंदर सिंह एक हॉस्टल के कमरे में बम तैयार करते हुए हाद्साती तौर पर मारे गए ,उपरोक्त हॉस्टल के कल्यापुरा इलाका में स्थित मिश्रा  के घर का हिस्सा है .कानपुर के आई जी पुलिस ए .के .सिंह ने संवादाताओं को बताया के जाँच से पता चला है के बड़ी तादाद में बम धमाका करने की साजिश थी ...पुलिस को बड़ी तादाद में वस्फोटक के अलावा एक डायरी और मुस्लिम बहुल इलाका  कस्बा "फिरोजाबाद का एक हाथ का बनाया हुआ नक्शा भी मिला है (आउट लुक 15 दिसम्बर 2008,कोमुनैलिज्म कॉम्बैट) सितम्बर 2008)
                इस मामले की तहकीकात के दौरान ATS (UP) को  पता चला के धमाका में मारे गए बजरंग दल के मिश्रा और भूपेंदर ने इस धमाके के दो माह पूर्व मुंबई के दो नम्बरों पर बार बार फोन किया था ....लेकिन जाँच से पता चला के दोनों सिम कार्ड फर्जी नामों पर लिए गए थे ....पुलिस का कहना है के जितनी बड़ी तादाद में गोल बारूद मिश्रा के घर से जब्त किया गया है वह गुजरात और बैंगलोर जैसी तबाही बरपा (मचाने)के लिए काफी था .(टाइम्स ऑफ़ इंडिया 29 अक्तूबर 2008)
       38.     21 डिसेम्बर 2008 :  दक्षिण कर्नाटक के क्राइम ब्रांच ने  21 अक्टूबर को मंगलोर( कर्नाटक )मेंएक सख्श दुर्रेश कामथ को को गिरफ्तार किया है ,जिसने पत्तौर के एक प्राइवेट तेजारती काम्प्लेक्स  (कमर्शियल काम्प्लेक्स ) में बहुत बड़ी तादाद में गैर कानूनी तरीके से जिलेटिन की छड़ें ,डेटोनेटर और दूसरा गोल बारूद जमा कर रख्खा था ...............(मिल्ली गजट ,1-15 अक्टूबर 2008)
       39.       3 अक्टूबर 2008 :VHP  और बजरंग दल ने टोले गाँव और भरे( जिला पूना )में 2 अक्टूबर को दशहरे के मौका पर एक मुसल्लह रैली निकाली ,जिसमें कम उम्र के लड़के तलवार , लाठियां  और झंडे उठाये हुए हुए थे .....(रोजनाम लोकमत ....{हलू }पूना ,4 अक्टूबर 2008)
                   इस तरह की रैलियाँ महाराष्ट्र में बहुत से जगहों पर निकाली गईं ,जिनमें तलवार ,लाठियों ,भालों और त्रिशूल वगैरा का मुजाहेरा (प्रदर्शन)किया गया और मुसलामानों के खेलाफ इश्तेआल अंगेज (भड़काऊ और उत्तेजक )नारे लगाये गए .....सबसे बड़ी रैली सांगली में निकाली गई ,जिसमे 5000 से जेयादा लोगों ने हिस्सा लिया ....
        40.        29 सितम्बर 2008 :    बीजेपी  की तोल्बा तंजीम (छात्र संगठन)अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद  से वाबिस्ता (संबध )इन्तहा पशंद  ग्रुप "हिन्दू जागरण मंच "ने जिसका सदर मुकाम (मुख्यालय )इंदौर में है ,29 सितम्बर को मालेगांव( महाराष्ट्र )और मोडासा (गुजरात ) में बिल्तार्तिब (क्रमशः ) छे (6) बम धमाके किये गए ,जिनमें एक शख्श की मौत हो गई ,मरने वाले सभी मुसलमान थे ........ (इंडियन एक्सप्रेस ,पूना ,23 अक्टूबर 2008)...........
                       बाद में तहकीकात बाद पता चला के इन धमाकों में हिंदुत्व (बर्हम्नी ,barhamni )दहशतगर्द ग्रुप अभिनव भारत ,चन्द फैजी अफसरान और कुछ नाम निहाद (कथित )साधू संतों का हाँथ था ......तरीका और धमाकों में इस्तेमाल किये गए सामान और तकनीक को देखते हुए ये समझा जाता है के समझौता एक्सप्रेस ,अजमेर दरगाह के अलावा चंद दीगर धमाके भी इसी गिरोह की साजिश का नतीजा हैं .इस सिलसिले में कुछ बहुत  ही चौंकाने वाले हकायेक (सत्य )सामने आये हैं ....मसलन अभिनव भारत नाम का शिद्दत पशन्द गिरोह 2002 से देश भर में दहशत गर्दी फैलाने और बम धमाके तैयारी कर रहा था .....दिसंबर 2002 मध्य प्रदेश ने भोपाल के एक रेलवे स्टेशन से एक खाना साज बम(टिफिन बम)बरामद किया  था .ठीक उसके एक साल बाद वैसा ही देशी शनाख्त का एक बम लाम्बा खेरा  के मजाफात में मिला .दोनों बम सालाना तबलीगी इज्तेमा के मद्देनजर रख्खे गए थे ,जिसमे कमसे कम पाँच  लाख लोंगों ने शिरकत की थी .....मध्य प्रदेश पुलिस ने जल्द हे सुराग लगा लिया के इस शाजिश में स्थानिये हिंदुत्व शिद्दत पशंद राम नारायण कालसांग राम ,और सुनील जोशी माखूज थे .महाराष्ट्र ATS  के मुताबिक़ इन दोनों अफराद के साथ पूछ ताछ की गई थी .गुमान है के उनका सम्बन्ध बजरंग दल की सरगर्मियों से है (हिन्दू ,20 नवम्बर 2008)
                   लेकिन ये मालूम न किया जा सका के इन दोनों दहशत गर्दों के जाँच से क्या हकीक़त सामने आये और उनके खेलाफ क्या करवाई की गई ?......बजाहिर उन्हें आजाद छोड़ दिया गया .....वर्ना ....माले गाँव,मोडासा ,अजमेर ,समझौता एक्सप्रेस ,मक्का मस्जिद और भी अनेक दुसरे जगहों पर बम धमाके न करा सकते थे .
         
         41.       10 नवंबर 2008 :  आर एस एस दो कार्यकर्ता 10 नवम्बर को केरला के  जिला कनूर में बम बनाते हुए धमाके में मारे गए ......दुसरे दिन इलाके की छानबीन के दौरान पुलिस ने बीजेपी लीडर परकाशन के घर से 18 देशी किस्म के बम बरामद किये .......परकाशन का घर उस जगह से जहाँ ये धमका हुआ ,मुश्किल से 200 मीटर के फासले पर है (इंडियन एक्सप्रेस ,पूना ,11 नवम्बर और टाइम्स ऑफ़ इंडिया पूना 13 नवम्बर 2008)
         42.        4 नवंबर 2008 : एक ख़ुफ़िया इत्तेला (गुप्त सूचना ) के बुनियाद पर पुलिस ने 9 नवम्बर को बद्नापुर तहशील ,जिला जालना ,माहाराष्ट्र केएक गाँव "माँजर गाँव "से देशी किस्म के इन्तहाई ताक़तवर 7 बम बरामद किये ,जो एक इबादत गाह (धार्मिक जगह )के पास घास में छुपा कर रख्खे गए थे ......ये बम सौ मीटर तक तबाही मचा सकते थे ..इस सिलसिले में ATS ने पूना के राजेश दत तातारिया दावड़े और नांदेड (naander )के मारुती वाघ को गिरफ्तार किया .....वाघ पर जालना में  से एक मुक़दमा दर्ज है ....(इंडियन एक्सप्रेस,पूना ,इंडिया ".कॉम  बहवाला PTI ,11 नवम्बर 2008)....
          43.         11 नवम्बर 2008 :   आसाम की "उल्फा "संगठन के चेयरमैन अरबिंद राज खोवा ने 11 नवम्बर को खुलासा किया के बोड़ो (BODO ) इलाका में एक अक्टूबर में जो धमाका और नस्ली तशद्दूद के वाकेयात पेश हुए थे ,उनमे आर एस एस  शामिल थे .....इन वाकेआत में तक़रीबन 140 अफराद मारे गए थे ,जिनमें 85 हलाकतें (हत्याएँ )बम धमाकों में और 55 नस्ली तशद्दूद में में हुई थी .......इन्हों ने दावा किया के उल्फा के पास ये शाबित करने के लिए तशद्दूद के इन वारदातों में आर एस एस शामिल है ,काफी पुख्ता साबुत मौजूद हैं ......उल्फा ने अपने तर्जुमान  फ्रीडम में चंद माह पहले ही ये  बताया दिया था के आर एस एस ने देश के विभिन्न  भागों में बम धमाके कराने की हेदायत की जा रही हैं .......मगर सरकार ने इस दिशा में कोई क़दम नहीं उठाया (डी एन ए ,ऑनलाइन न्यूज़ ,11 नवम्बर 2008)
         44.         10 दिसंबर 2008 : शक की बुनिआद पर गुजरात पुलिस ने जाम नगर के पास खाम्बाला से महाराष्ट्र के दो नौजवान इंजिनियर  महेश पर्ब  और अनिल जगताप को पकड़ा उनके कब्जे से चार मोबाइल ,जाम नगर एयर पोर्ट का नक्शा ,सौ राष्ट्र इलाका का नक्शा ,गुजरात और राजस्थान के सरहदी इलाकों और रिलायंस एवं इसार के कारखानों के नक़्शे बरामद किये ......इनके कार पर जीपीएस डिवाइस फिट था ,जिससे वह इलाके का सर्वे कर रहे थे ......उनको मजीद जाँच परताल के लिए (गहन छान बीन )ATS के हवाले किया गया .......मगर गुजरात ATS ने एक हफ्ता बाद चुपके से छोड़ दिया .......और कहा के वह इजाजत लेकर इलाके का सर्वे कर रहे थे ........(मराठी रोजनामा पोधारी ,10 दिसंबर ,हेड लाइन्स इंडिया ,20 दिसंबर 2008)
         45.          27 दिसंबर 2008 :   बजरंग दल ने पुलिस की इजाजत लिए बगैर मुंबई के सेवेन कोकिल्वाडा इलाका में 27 से 29 दिसंबर नौजवानों का तीन रोजा कैंप लगाया ,जिसमे मुम्बई के 18 से 35 साल की उम्र के 110 नौजवान शरीक हुए ,उनको दहशत गर्दी से मुकाबके के नाम पर .....लाठी,तलवार,और राइफल चलाने की ट्रेनिंग दी गई ......मुबाहसों,तकरीरों के दौरान नौजवानों को ये बात भी जेहन नशीं (दिमाग में बैठाई गई )कराई गई के दहशत गर्दी के हालिया वाक्य (मामलों)के लिए इस्लामी जेहाद जिम्मेदार है (एशियन एज ,29 दिसंबर 2008 ,मिल्ली गजट ,16-31 जनवरी 2009).....
        46.            12 जनवरी 2009 :   कर्नाटक के एक डाकू नाग राज जाम बागी ने ,जिसका संबंध हिन्दू ग्रुप से है ,ये स्वीकार  किया है के 10 मई 2008 को हुबली जिला अदालत में बम धमाके उसी ने किये थे ,रियासती ख़ुफ़िया जराए के मुताबिक़ जाम बागी और उसके दुसरे गुर्गों रमेश पवार ,और लंराज लालगर उपरोक्त शिद्दत पशंद  ग्रुप के मेंबर हैं .....ये धमाका ऐसे मौका पर कराया गया ,जबके कर्नाटक असेम्ली के चुनाव होने का पहला चरण चल रहा था ......ये इस मजिस्ट्रेट की अदालत में हुआ ,जिसमे सफ़दर नागौरी समेत सिमी के कुछ कार्यकता के खेलाफ दो दिन बाद मामले की सुवाई होने वाली थी . ...अगरचे जांच चल रही थी ,मगर आम तौर पे ताशिर पैदा किया गया के इस धमाका में सिमी का हाथ है ...(इंडियन एक्सप्रेस ,पूना ,13 जनवरी 2009)

         47.             4 अप्रैल 2009 :  महाराष्ट्र  के जिला बिड के एक छोटे से गाँव घट सावली में एक बम धमाका हुआ .....इस गाँव की आबादी मुश्किल से एक हाजार है और उसमें 70 से 80 मुसलमान रहते हैं ,धमाके की सूचना मिलने पर पुलिस ने छान बीन की और तीन  आदमी अशोक लांडे ,मयूर लांडे और तुलसी राम लांडे को गिरफ्तार किया,पुछ ताछ के दौरान उन्हों जुर्म का एतराफ किया और कहा के वह नहीं चाहते थे कि गाँव में मस्जिद बने ,इसलिए ये धमाका किया गया ......(मराठी वीकली "सुधान "29 मई  से जून 2009)

                            इन धमकों की नफ्सियती (साइको लोजिकल) असरात बहुत खतरनाक साबित हुए ,अगर फरार "मुस्लिम दहशत गर्दी "का हवा खड़ा करने के बजाये IB  ने असल बर्हम्नी (BARHAMNI ) दहशत गर्दी पर धेयान दी होती ,जो के हिन्दू राष्ट्र के नाम पर "बर्हम्नी राष्ट्र "कायेम करना चाहती है ,तो बम धामकों के इस सिलसिले को रोका जा सकता था ,जिसकी बदौलत देश के विभिन्व हिस्सों में भाड़ी जान और माली नुक्सान हुआ है लेकिन ऐसा जाहिर हित है के आई बी ने इन मामलों को अपने आकाओं के इशारे पर नजर अंदाज किया ,बर्हम्नी दहशतगर्दी सरगर्मियों में उनकी मदद की और उनके साथ साज बाज की और प्रदेश की सरकारों ने आई बी की हे रिपोर्ट को सही मान कर काम करती गई .जिसका नतीजा हुआ के सिमी,इंडियन मुजाहेदीन,और फौजी वगैरा के नाम पर बेकसूर मुस्लिम नौजवानों को फंसाती चली गई ...........और असल मुजरिमों के हर जुर्म पर पर्दा डालती रही ताके देश में मुसलामानों को बदनाम  कर हिन्दू राष्ट्र की बुनियाद डाली जा सके ......गौर करने वाली बात है के देश के इन हिन्दू संगठनों के सारे खुराफात को जानते हुए भी सरकारों ने अपनी आखें इनके तरफ से बंद किये रहे और बेक़सूर मुस्लिम नौजवानों पर जुल्म के पहाड़ तोड़े जा रहे हैं . किसी ने खूब कहा है                            
                                                     हम आह भी भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम
                                                      वह क़त्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता .

                                                                 

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