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खामोश मिजाजी तुझे जीने नहीं देगी , इस दौर में जीना है तो कोहराम मचा दो !!


                                               Minority Welfare Foundation
                                                ( माइनॉरिटी वेलफेयर फाउंडेशन )

                                               मुसलमान पसमांदा और परीशान हाल
अकलियतों को पसमांदा और परीशान हाल रखने की मुसलसल साजिश की जा रही है । उन्हें न अपने हकूक की खबर है , न अपने दुश्मनों की पहचान , वह नहीं जानते कि हुकूमतें उनके फलाही मंसूबों का एलान तो कर देती हैं , बजट में रकम दिखा कर अकलियतों को खुश भी कर दिया जाता है लेकिन न रुपया दिया जाता है और न उनका कोई काम होता है , तालीम के फरोग , इक्तेसादी तरक्की और समाजी बेहतरी के लिए हुकूमत ने मुख्तलीफ़ मंसूबों के तहत जो अरबों रूपये जारी भी कर दिए उन्हें मुख्तलीफ़ हिले बहाने से मुसलमान तक पहुँचने नहीं दिया जाता है और हमारे अरबों रूपये सरकारी अफसरों की नज़र हो जाते हैं ।

लेकिन ये तब तक होता रहेगा जब तक वह हमारी पूंजी खाते रहेंगे और हम चैन की नींद सोते रहेंगे । अगर हालात बदलना है तो हमें लड़ना होगा और उनकी मुठ्ठी में दबी अपनी रकम छीननी होगी ।अगर छोड़ देंगे तो ये साजशी लोग आप के मुँह से निवाला और तन ढाँकने का कपड़ा भी छीन लेने की कोशीश करेंगे ।

                                           खामोश मिजाजी तुझे जीने नहीं देगी
                                           इस दौर में जीना है तो कोहराम मचा दो !!

आइये मिल कर जद्दोजहद करें और ये जद्दोजहद सिकुड़ कर सिमट कर नहीं मिल जुल कर करना है । और राजधानी से पंचायत तक लड़ना है । क्योंकि हमें एक खानदान की नहीं , एक खेत , एक बाग़ और एक शहर की लड़ाई नहीं लड़नी है ।
हमें हर हिस्सा में अपने हिस्सा की लड़ाई लड़नी है और तब जब तक हमें हमारा हिस्सा मिल नहीं जाता ।

                                                अगराज़ व मक़ासिद

1. अकलियतों की फलाह व बहबूद , तरक्की व बेदारी के लिए मुश्तरका जद्दोजहद

2. बा-सलाहियत तोलोबा , और नवजवानों की हौसला अफज़ाई और जिंदगी के हर शोबा में बेहतर ख्वान्दगी और मौजूदगी के लिए अकलियतों में बेदारी लाना ।

3. तालीम , सेहत , सफाई और तगजिया के शोबा में बेदारी लाने के लिए सेमीनार , मीटिंग , कॉन्फ्रेंस और जलसे जुलूस का एहतमाम और उससे मुतअल्लिक़ मरकज़ी और रियासती हुकूमतों के मंसूबों और स्कीमों से अकलियतों को रोशनास (अवगत) कराना

4. गाँव , देहात , झुग्गी झोंपडी में रहने वाले गरीब बेसहारा , महरूम , जईफ , ख्वातीन , बेवा और माज़ूर अफ़राद की जात पात , उंच नीच , मज़हब पर तवज्जो दिए बगैर उनकी हेमाजोहत तरक्की के लिए काम करना और उनके मसाएल हल करना ।

5. अकलियतों के हकूक दिलाने और उनके मआशी , तालीमी , समाजी तरक्की के लिए हर सतह पर जद्दोजहद करना ।

चेयरमैन :- अनवर अहमद
पाटलिपुत्रा मारकेट , सब्जीबाग
पटना :-800004

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