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भारत मे मात्र एक दल बीजेपी ही राष्ट्र भक्त है और सारे राष्ट्र विरोधी, किस आधार पर और कैसे ? - ध्यान रहे राष्ट्र के जवानो पर हुये हमले पुलवामा का अभी तक कोई खुलासा नही हो सका है । - तमाम सरकारी सम्पत्तियों को बेच देने वाला दल किस तरह का राष्ट्र भक्त और राष्ट्र हितैषी माना जा सकता है ? - यह राष्ट्रवादी दल राष्ट्र के नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं ( शिक्षा - स्वास्थ्य - रोजगार - सुरक्षा आदि ) पर अपनी उपलब्धियों को क्यों नही चुनाव के दौरान जनता के सामने रख सका ? - यदि इसमे इसने कोई उपलब्धि हासिल नही की है तो किस तरह से इसको विकासवादी सिद्ध किया जा रहा है ?

दिल्ली मे बिजली पानी की मुफ्त घोषणा पर जिन मतदाताओं को मुफ्तखोर सिद्ध कर दिया जा रहा है, उसी दिल्ली मे "यदि हमारी सरकार बनी तो छात्राओं को मुफ्त स्कूटी दी जायेगी" को किस रुप मे देखा जा सकता है ?
- क्या मतदाताओं का अपमान नही हो रहा है, ऐसी बातों से ?
- इसके पहले जो कुछ अन्य प्रदेशों मे नागरिकों देने की बात की गई है  / दिया गया है, जैसे - रसोई गैस सिलेंडर, 6000 रुपये, कर्ज माफी आदि को किस रुप मे रखा जा रहा है ?
- यह सब मुफ्तखोरी की संज्ञा से बाहर कैसे ? मतलब आप बाटों तो राष्ट्रहित और जनता का हक और कोई दूसरा बाटे तो देशद्रोही, मुफ्त्खोरी और हरामखोरी ।
एक और महत्वपूर्ण सवाल  -
- भारत मे मात्र एक दल बीजेपी ही राष्ट्र भक्त है और सारे राष्ट्र विरोधी, किस आधार पर और कैसे ?
- ध्यान रहे राष्ट्र के जवानो पर हुये हमले पुलवामा का अभी तक कोई खुलासा नही हो सका है ।
- तमाम सरकारी सम्पत्तियों को बेच देने वाला दल किस तरह का राष्ट्र भक्त और राष्ट्र हितैषी माना जा सकता है ?
- यह राष्ट्रवादी दल राष्ट्र के नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं  ( शिक्षा - स्वास्थ्य - रोजगार - सुरक्षा आदि ) पर अपनी उपलब्धियों को क्यों नही चुनाव के दौरान जनता के सामने रख सका ?
- यदि इसमे इसने कोई उपलब्धि हासिल नही की है तो किस तरह से इसको विकासवादी सिद्ध किया जा रहा है ?

देखते हैं, इन सवालों का क्या जबाब आता है । आता भी है या नही ।
Ajay Asur के Facebook Wall से

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