Skip to main content

समान नागरिक संहिता को अमर्त्य सेन ने क्यों बताया मूर्खतापूर्ण

 BBC News, हिंदी

समान नागरिक संहिता को अमर्त्य सेन ने क्यों बताया मूर्खतापूर्ण- प्रेस रिव्यू

अमर्त्य सेन

इमेज स्रोत,GETTY IMAGES

नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने कहा है कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने की कोशिश बेवकूफ़ी है.

विश्व भारती स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए प्रोफ़ेसर सेन ने सवाल पूछा कि इससे किसे फ़ायदा होगा.

उन्होंने कहा कि यह निश्चित रूप से हिंदू राष्ट्र के विचार से जुड़ा है.

अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू ने इस ख़बर को प्रमुखता दी है.

प्रोफ़ेसर सेन ने कहा, "मैंने अख़बारों में लिखा देखा कि समान नागरिक संहिता लागू करने में अब और देरी नहीं होनी चाहिए. ऐसी मूर्खतापूर्ण बातें आती कहां से हैं? हम हज़ारों सालों से यूसीसी के बग़ैर हैं और भविष्य में भी इसके बिना रह सकते हैं."

प्रोफ़ेसर सेन ने कहा, "हिंदू राष्ट्र ही केवल वो तरीक़ा नहीं हो सकता, जिससे राष्ट्र प्रगति करे और इन सवालों को व्यापक नज़रिए से देखना चाहिए."

उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से हिंदू धर्म का इस्तेमाल या दुरुपयोग करने की कोशिश की जा रही है."

साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि यूसीसी लागू करने की कोशिश उस मुद्दे को खुल्लम खुल्ला सामान्य बताने का प्रयास है जो जटिल है और जिसे लेकर लोगों के बीच कई सारे मतभेद हैं.

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारत मुसलमानों को लेकर पीएम मोदी के अमेरिका दौरे के वक़्त चिंता जताई थी.

ओबामा की टिप्पणी पर अमर्त्य सेन से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि भारत में वर्ग, मज़हब और लिंग के आधार पर बहुत असमानताएं हैं और ये चुनौती के रूप में उभर सकती हैं.

प्रोफ़ेसर सेन ने कहा, ''मैं ख़ुश हूँ कि ओबामा ने यह बात उठाई है. लेकिन हममें से कई लोग इस मुद्दे को आसानी से बता सकते थे.''

इमेज स्रोत,ANI

पीएम मोदी से बोले लालू यादव, "जहिया तू न रहबा..."

लैंड फ़ॉर जॉब मामले में सीबीआई की चार्जशीट फ़ाइल करने पर तमतमाए लालू यादव राष्ट्रीय जनता दल की स्थापना दिवस के मौक़े पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर खूब गरजे.

इस दौरान उन्होंने अपने पुराने चिर परिचित अंदाज और ठेठ भोजपुरी भाषा का भी खूब इस्तेमाल किया.

इंडियन एक्सप्रेस में छपी इस ख़बर के मुताबिक़ पार्टी के 26वें स्थापना दिवस के मौक़े पर लालू यादव ने अपने कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए कहा कि मोदी सरकार को उखाड़ फेंकना है.

उन्होंने कहा, "उखाड़ के फेंक देब, नरेंद्र मोदी, समझ ल, ज्यादा जुल्म नहीं करना, कोई ठहरा नहीं. जब तू ना रहबा, तब का होई."

लालू यादव ने सीधे सीधे सीबीआई की चार्ज़शीट का ज़िक्र को नहीं किया लेकिन यह कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जिस पर चाहते हैं मुक़दमा करवा देते हैं.

उन्होंने कहा, "जिस पर चाहता है, केस करवा देता है, मुक़दमा करवा देता है. ज़्यादा अन्याय और जुल्म ठीक नहीं है. जुल्म करने वाला ज़्यादा ठहरा नहीं है. केस करो, मुक़दमा करो..."

लालू अपने चिर परिचित अंदाज में बोले, "जहिया तू न रहबा तब तहार का होई. गति का होई, बुझा जाइए. सोच ल. हम लोग तो फूल माला बेच कर जी लेंगे."

इमेज स्रोत,ANI

मणिपुर में स्कूल खुले, पहले दिन बहुत कम बच्चे पहुंचे

पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में चुराचांदपुर को छोड़ कर अन्य सभी ज़िलों में दो महीने की अशांति के बाद बुधवार से कक्षा 1 से आठ तक के बच्चों के स्कूल खुल गए हैं.

मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने उन अभिभावकों की सराहना की जिन्होंने अपने बच्चों को स्कूल भेजना शुरू किया है. हालांकि अधिकांश माता-पिताओं ने पहले दिन बच्चों को स्कूल नहीं भेजा.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया समेत सभी प्रमुख अख़बारों ने मणिपुर की इस ख़बर को प्रमुखता दी है.

बीरेन सिंह ने फ़ेसबुक पर लिखा, मैं हमारे बच्चों को स्कूल में वापस देख कर बहुत ख़ुश हूं. यह मणिपुर के लोगों के लिए बेहद मुश्किल दौर था, लेकिन हम अपने बच्चों को शिक्षा पाने से दूर नहीं रखेंगे."

उन्होंने कहा, "मैं मणिपुर में शांति बनाए रखने और बच्चों को बग़ैर किसी परेशानी स्कूल जाने देने में सभी का सहयोग चाहता हूं."

इमेज स्रोत,ANI

दिल्ली के तीस हज़ारी कोर्ट परिसर में वकीलों के बीच झड़प, गोली चली

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के तीस हज़ारी कोर्ट परिसर में बुधवार को वकीलों के दो गुटों के बीच झड़प में गोली चलने की घटना हुई. कुछ ही देर में इसका वीडियो भी आ गया.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक इस दौरान कम से कम पांच से छह राउंड की फ़ायरिंग हुई जिससे कोर्ट परिसर में भगदड़ मच गई. हालांकि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ. इस ख़बर के मुताबिक़ यह फ़ायरिंग देशी कट्टे से की गई.

यह फ़ायरिंग एक वकील ने की और अख़बार ने बताया कि यह पहला मौक़ा नहीं है जब वो व्यक्ति कोर्ट परिसर में यह हथियार ले कर आया था.

दिल्ली बार एसोसिएशन ने इस मामले में कम से कम एक वकील को निलंबित कर दिया है. दिल्ली पुलिस में डिप्टी कमिश्नर (नॉर्थ) सागर सिंह कालसी ने बताया कि इस मामले में एफ़आईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)


Comments

RMC Education said…
private medical colleges in Bangladesh play an important role in defining the future of healthcare by providing quality education, first-rate facilities, and a caring environment for aspiring medical professionals. These institutions serve as cornerstones of quality, guaranteeing that the dream of becoming a doctor, nurse, pharmacist, or researcher is attainable for everyone who wish to serve in the medical field.

Popular posts from this blog

"बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!"

सिमरन प्रजापति  with  Rekha Vinod Jain  and  4 others Mon  ·  क्या खुब लिखा है किसी ने ... "बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!" न मेरा 'एक' होगा, न तेरा 'लाख' होगा, ... ! न 'तारिफ' तेरी होगी, न 'मजाक' मेरा होगा ... !! गुरुर न कर "शाह-ए-शरीर" का, ... ! मेरा भी 'खाक' होगा, तेरा भी 'खाक' होगा ... !! जिन्दगी भर 'ब्रांडेड-ब्रांडेड' करने वालों ... ! याद रखना 'कफ़न' का कोई ब्रांड नहीं होता ... !! कोई रो कर 'दिल बहलाता' है ... ! और कोई हँस कर 'दर्द' छुपाता है ... !! क्या करामात है 'कुदरत' की, ... ! 'ज़िंदा इंसान' पानी में डूब जाता है और 'मुर्दा' तैर के दिखाता है ... !! 'मौत' को देखा तो नहीं, पर शायद 'वो' बहुत "खूबसूरत" होगी, ... ! "कम्बख़त" जो भी ...

छिनतई होती रही और सामने से चली गई पुलिस.....

 DB Gaya 28.08.23

Magar Momino pe Kushada hain rahen || Parashtish karen Shauq se Jis ki chahein

  करे गैर गर बूत की पूजा तो काफिर  जो ठहराए बेटा खुदा का तो काफिर  गिरे आग पर बहर सिजदा तो काफिर  कवाकिब में मानें करिश्मा तो काफिर  मगर मोमिनो पर कुशादा हैं राहें  परस्तिश करें शौक से जिस की चाहें  नबी को जो चाहें खुदा कर दिखाएं  इमामों का रुतबा नबी से बढ़ाएं  मज़ारों पे दिन रात नजरें चढ़ाएं  शहीदों से जा जा के मांगें दुआएं  न तौहीद में कुछ खलल इससे आये  न इस्लाम बिगड़े न ईमान जाए । ( मुसद्दस हाली ) __________________________________________________ Padhne k baad kya Samjhe ? Agar Gair Boot ki Puja , Murti Puja , Yani ek khuda k Awala ki kisi Dusre ki puja kare to Kafir  Eesha Alaihissalam ko manne wale Agar Ek Allah ki Parastish karne k sath Eesha Alaihissalam ko Khuda maan Liya to  Fir bhi Kaafir  Aag ki sijdah Jisne Kiya wah bhi kaafir ho gaya  Falkiyaat Aur chaand aur sitaron k Wajud ko Allah ka banaya hua n maan kar Sirf Karishma maan liya to bhi Kaafir ... Lekin Musalmano ki Rahen Aasan aur Wasi  kai...