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#Bihar_Crime_#Train_crime_News ।। चलती ट्रेन से 6 महीने के बच्चा चोरी ।। भरोसे का खून

 

Bihar: चलती ट्रेन में 6 महीने का बच्चा युवक के हवाले कर टॉयलेट गई महिला, लौटते ही उड़ गए होश, एक मां के भरोसे का खून


Indian Railways: चलती ट्रेन में किसी पर भरोसा करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है, इसकी बानगी देखने को मिली है। मामला बच्चे को चोरी कर ले जाने का है। एक महिला ट्रेन में 6 महीने के बच्चे के साथ सफर कर रही थी। इसी दौरान ये घटना हुई है।

औरंगाबाद: ट्रेन के सफर में किसी पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। भरोसे का खून भी हो सकता है। ऐसे ही भरोसे का खून औरंगाबाद के गोह प्रखंड में उपहारा थाना क्षेत्र के हमीदनगर निवासी स्व. प्रेमचंद चौधरी की पत्नी रेणु देवी के साथ भी हुआ है। उसने सफर के दौरान एक युवक पर भरोसा किया। 6 माह के अपने बच्चे को उसे दे वह शौचालय गई। वापस लौटी तो वह उसके बच्चे को लेकर फरार हो चुका था। हालांकि जिस स्टेशन पर यह घटना घटी, उस स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में युवक बच्चे को हाथ में लिए कैद हो गया है।
Youth absconded with child
Youth absconded with child


पीड़ित ने बताई घटना

पीड़िता रेणु देवी ने बताया कि वह अपने छह माह के पुत्र देवांश राज उर्फ आर्यन के साथ 23 अगस्त को कोटा से पटना लौट रही थीं। ट्रेन की जनरल बोगी में उसकी जान-पहचान एक अज्ञात युवक से हुई। यात्रा के दौरान युवक ने महिला से दोस्ती बढ़ाई और बातचीत करता रहा। ट्रेन के पटना जंक्शन पहुंचने से कुछ समय पहले वह अपने पुत्र को युवक की गोद में दे कर शौचालय गई। इसके बाद जब वह लौटी तो ट्रेन पटना जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या 10 पर लग गई थी और युवक पर किए गए उसके भरोसे का खून हो चुका था।

बच्चा लेकर हुआ गायब

उसने देखा कि यात्री उतर रहे थे लेकिन वह युवक अपने सीट से बच्चा समेत गायब था। मतलब युवक बच्चे को लेकर प्लेटफॉर्म से फरार हो चुका था। घटना के बाद महिला ने युवक और बच्चें की प्लेटफॉर्म पर काफी खोजबीन की लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में रेल पुलिस ने स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाला, जिसमें लाल टोपी पहना युवक बच्चे को लेकर तेजी से निकलता हुआ दिखाई पड़ा। मामले में पीड़िता ने 24 अगस्त को पटना रेल थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। फिलहाल रेणु देवी पटना पुलिस की अभिरक्षा में हैं और मामले की जांच की जा रही है। इस घटना के बाद पीड़िता के परिजन गमजदा है। पीड़िता का रो रोकर बुरा हाल है। इस बीच पीड़िता के गांव वालों और परिजनों ने रेल पुलिस से आरोपी युवक को जल्द गिरफ्तार कर बच्चे को सुरक्षित बरामद किए जाने की मांग की है।



लेखक के बारे मेंआशुतोष कुमार पांडेयआशुतोष कुमार पांडेय, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत हैं। डिजिटल, प्रिंट और इलेक्ट्रानिक पत्रकारिता में 22 वर्षों से ज्यादा समय से सक्रिय हैं। सियासत के अतीत वाले पन्ने, अनसुनी कहानियों को कुरेदने में माहिर। सियासी किस्सों को चुटीले अंदाज में पेश करते हैं। राजनीति, सिनेमा और क्राइम की खबरों पर विशेष पकड़। वर्ष 2005- 2009 के बीच ईटीवी नेटवर्क में 12 'बेस्ट स्टोरी ऑफ द डे' का पुरस्कार। राजनीति शास्त्र और हिंदी पत्रकारिता में डिग्री ली है। 2001 में जनसत्ता, हिंदुस्तान, दैनिक जागरण में स्वतंत्र रूप से लिखने की शुरुआत। इन्हें ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय, प्रभात खबर डॉट कॉम और नेटवर्क 18 में काम करने का सौभाग्य मिल चुका है। चार लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनावों में रिपोर्टिंग और डेस्क का काम। संगीत, रंगकर्म और लोक संस्कृति में दिलचस्पी। पुस्तकों से गहरा लगाव रखते हैं।... और पढ़ें

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