Skip to main content

नरेंद्र मोदी पर लेख लिखने वाले आतिश अली तासीर का OCI कार्ड रद्द होने पर विवाद


आतिश अली तासीरइमेज कॉपीरइटTWITTER/@AATISHTASEER
लेखक और पत्रकार आतिश अली तासीर के ओवरसीज़ सिटीज़न ऑफ़ इंडिया (ओसीआई)/ पर्सन्स ऑफ़ इंडियन ओरिजन (पीआईओ) कार्ड को लेकर विवाद पैदा हो गया है.
भारत सरकार ने आतीश अली तासीर का ओसीआई कार्ड रद्द कर दिया है. गृह मंत्रालय का कहना है कि वो इसकी योग्यता पूरी नहीं करते हैं. लेकिन, आतीश अली तासीर का कहना है कि उन्हें अपना जवाब देने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया.
ओसीआई कार्ड भारतीय मूल के विदेशी लोगों को भारत आने, यहां रहने और काम करने का अधिकार देता है. हालांकि, उन्हें वोट देने और संवैधानिक पद प्राप्त करने जैसे कुछ अन्य अधिकार नहीं होते.
भारतीय मूल के लोगों (पीआईओ) को ओसीआई (विदेश में रहने वाले भारतीय) कार्ड दिया जाता है.
आतिश अली तासीर के पिता सलमान तासीर पाकिस्तान के उदारवादी नेता थे. सलमान को उनके अंगरक्षक ने ही पाकिस्तान में ईशनिंदा क़ानून के ख़िलाफ़ बोलने पर गोली मार दी थी. तासीर की मां भारत की जानी-मानी पत्रकार तवलीन सिंह हैं.
आतिश तासीरइमेज कॉपीरइटTWITTER.COM/AATISHTASEER

क्या है मामला

गुरुवार को अंग्रेज़ी न्यूज़ वेबसाइट 'द प्रिंट' ने अपनी एक स्टोरी में लिखा था कि 'टाइम पत्रिका में मोदी की आलोचना वाले लेख के बाद सरकार लेखक आतिश अली तासीर के ओसीआई कार्ड को रद्द करने पर विचार कर रही है.'
आतिश तासीर ने अमरीका की प्रतिष्ठित पत्रिका 'टाइम' के इस साल के मई अंक में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक लेख लिखा था.
पत्रिका के 20 मई 2019 वाले अंतरराष्ट्रीय संस्करण के कवर पेज पर छपे उस लेख के शीर्षक में नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ 'India's Divider In Chief (महाविभाजनकारी)' लिखा गया था. इस लेख को लेकर भारत में काफ़ी विवाद भी हुआ था.
टाइम मैगज़ीन का मई 2019 का अंकइमेज कॉपीरइटTIME
मगर 'द प्रिंट' की इस स्टोरी पर आपत्ति जताते हुए गृह मंत्रालय की प्रवक्ता ने गुरुवार रात को अपने ट्विटर हैंडल पर स्पष्टीकरण दिया और इसे ग़लत बताया.
आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कहा गया है, "द प्रिंट में जो रिपोर्ट किया गया है वो पूरी तरह से ग़लत है और उसमें कोई तथ्य नहीं है."
इसके आगे भी गृह मंत्रालय की प्रवक्ता के ट्विटर हैंडल से कई ट्वीट किए गए. इनमें से एक ट्वीट में लिखा गया है, "श्री आतिश अली ने पीआईओ आवेदन करते समय ये बात छिपाई कि उनके पिता पाकिस्तानी मूल के थे."
"श्रीमान् तासीर को उनके पीआईओ/ओसीआई कार्ड के संबंध में जवाब/आपत्तियां दर्ज करने का मौका दिया गया लेकिन वो ऐसा करने में असफ़ल रहे."
"इसलिए, आतिश अली तासीर नागरिकता अधिनियम, 1955 के अनुसार ओसीआई कार्ड प्राप्त करने के लिए आयोग्य हो जाते हैं. उन्होंने बुनियादी ज़रूरी बातों और छिपी हुई जानकारियों को लेकर स्पष्ट रूप से अनुपालन नहीं किया है."

आतिश ने किया खंडन

आतिश अली तासीर ने गृह मंत्रालय की बातों को ग़लत बताते हुए एक तस्वीर ट्वीट की है.
उन्होंने गृह मंत्रालय की प्रवक्ता के एक ट्वीट का ज़िक्र करते हुए लिखा, ''ये सच नहीं है. मेरे जवाब पर ये कांउसिल जनरल की एक्नॉलेजमेंट (पावती) है. मुझे जवाब देने के लिए 21 दिनों की जगह सिर्फ़ 24 घंटों का समय दिया गया. तब से मंत्रालय की तरफ़ से मुझे कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है."
आतिश तासीर ने ट्वीट के साथ अपने मेबलॉक्स की एक तस्वीर भी लगाई है. इसमें दिख रहा है कि उन्होंने भारतीय गृह मंत्रालय से मिले एक पत्र के संबंध में अपना जवाब दिया है और डिप्टी काउंसिल जनरल के एक मेल में इस जवाब को प्राप्त करने की बात कही गई है.
इसके लगभग दो घंटे बाद अपने ओसीआई कोर्ड के रद्द होने की जानकारी दी और इस संबंध में मिली सूचना वाले ईमेल का स्क्रीनशॉट शेयर किया है.
इसमें नियमों का हवाला देते हुए ओसीआई पंजीकरण को रद्द करने की सूचना देते हुए आतिश तासीर को अपना ओसीआई कार्ड न्यूयॉर्क स्थित भारत के महावाणिज्यदूतावास में जमा करने के लिए कहा गया है.
इस स्क्रीनशॉट के साथ आतिश ने लिखा है, "मुझे ये प्राप्त हुआ. कुछ घंटे पहले तक गृह मंत्रालय ख़ुद मान रहा था कि उसे नहीं पता कि मैंने जवाब दिया है या नहीं. मगर अब वे किसी तरह- संभवत: जब गृह मंत्रालय बंद है- मेरे मामले की समीक्षा 'उचित अधिकारी' से करवाने और मेरे ओसीआई को रद्द करने में सफल रहे हैं
साभार बीबीसी हिंदी ------https://www.bbc.com/hindi/india-50340387

Comments

Popular posts from this blog

"बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!"

सिमरन प्रजापति  with  Rekha Vinod Jain  and  4 others Mon  ·  क्या खुब लिखा है किसी ने ... "बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!" न मेरा 'एक' होगा, न तेरा 'लाख' होगा, ... ! न 'तारिफ' तेरी होगी, न 'मजाक' मेरा होगा ... !! गुरुर न कर "शाह-ए-शरीर" का, ... ! मेरा भी 'खाक' होगा, तेरा भी 'खाक' होगा ... !! जिन्दगी भर 'ब्रांडेड-ब्रांडेड' करने वालों ... ! याद रखना 'कफ़न' का कोई ब्रांड नहीं होता ... !! कोई रो कर 'दिल बहलाता' है ... ! और कोई हँस कर 'दर्द' छुपाता है ... !! क्या करामात है 'कुदरत' की, ... ! 'ज़िंदा इंसान' पानी में डूब जाता है और 'मुर्दा' तैर के दिखाता है ... !! 'मौत' को देखा तो नहीं, पर शायद 'वो' बहुत "खूबसूरत" होगी, ... ! "कम्बख़त" जो भी ...

छिनतई होती रही और सामने से चली गई पुलिस.....

 DB Gaya 28.08.23

Magar Momino pe Kushada hain rahen || Parashtish karen Shauq se Jis ki chahein

  करे गैर गर बूत की पूजा तो काफिर  जो ठहराए बेटा खुदा का तो काफिर  गिरे आग पर बहर सिजदा तो काफिर  कवाकिब में मानें करिश्मा तो काफिर  मगर मोमिनो पर कुशादा हैं राहें  परस्तिश करें शौक से जिस की चाहें  नबी को जो चाहें खुदा कर दिखाएं  इमामों का रुतबा नबी से बढ़ाएं  मज़ारों पे दिन रात नजरें चढ़ाएं  शहीदों से जा जा के मांगें दुआएं  न तौहीद में कुछ खलल इससे आये  न इस्लाम बिगड़े न ईमान जाए । ( मुसद्दस हाली ) __________________________________________________ Padhne k baad kya Samjhe ? Agar Gair Boot ki Puja , Murti Puja , Yani ek khuda k Awala ki kisi Dusre ki puja kare to Kafir  Eesha Alaihissalam ko manne wale Agar Ek Allah ki Parastish karne k sath Eesha Alaihissalam ko Khuda maan Liya to  Fir bhi Kaafir  Aag ki sijdah Jisne Kiya wah bhi kaafir ho gaya  Falkiyaat Aur chaand aur sitaron k Wajud ko Allah ka banaya hua n maan kar Sirf Karishma maan liya to bhi Kaafir ... Lekin Musalmano ki Rahen Aasan aur Wasi  kai...