संभलो , ख़तरा तुम्हारी दहलीज पर है !
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हिंदुओं , तुम RSS और भाजपा के नफरती एजेंडे की जिस राह पर बढ़ रहे हो, वह सबसे पहले तुम्हारी जिंदगी नारकीय बनाएगा । बज्रपात तुम्हीं से शुरू होगा ,याद रखो । अगर अभी भी बात नहीं समझ रहे हो , तो तुम्हारे समझते-समझते बहुत देर हो चुकी होगी । फिलहाल झांकी देखनी हो तो मेरठ देखो - व्यापारी छाती पीट रहे हैं, दिल्ली देखो - बस्तियाँ और बाजार उजाड़े जा रहे हैं , वहाँ के चीफ मिनिस्टर के विधान सभा क्षेत्र में लोग सरकार को गलिया रहे हैं और खुद को कोस रहे हैं । अभी हाल में जीता गया बंगाल देखो - लोग गाय बेचने के लिए आंदोलन कर रहे हैं और लाठियाँ खा रहे हैं । देश के युवाओं का भविष्य देखो , अंधकारमय है ( NEET ) , उनके पास नौकरी और काम नहीं है । तुमसे कहा जा रहा है - नौकरी और काम मत मांगो । मजदूरी बढ़ाने की मांग मत करो ,जितना मिल रहा है उसी में पेट काटकर जिओ। एक सांझ खाओ , तेल और ईंधन कम खर्च करो और दूसरी तरफ धूर्त , भ्रष्ट शासकों की ऐयाशी की कोई सीमा नहीं । अगर तुम्हें नहीं दिख रहा कि तुम्हें क्यों हिंदू - मुस्लिम में फांसा गया है , क्यों अगड़ा - पिछड़ा में उलझाया गया है और तुम्हें आखिर मिला क्या है इनसे , तो तुम वाकई अंधे और अंधभक्त हो ।
तुम बार बार अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार रहे हो , तुम आत्महत्या की तरफ बढ़ रहे हो , तुमने खुद अपने विनाश को आमंत्रित किया है । वक्त रहते नहीं संभले तो ...पता नहीं कब किसका सबकुछ लुट जाएगा , बर्बाद हो जाएगा ।
--- आदित्य कमल



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