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जब इनके औतारों का ये हाल है तो बाकी का हाल का क्या पूछना ?

Published On:  Sun, Nov 23rd, 2014 राज्यवार ख़बरें  | By  KohraMhindi खुद को ईश्वर का अवतार बताकर सिंगर से रेप करता रहा यह बाबा नई दिल्ली। बाबा रामपाल की गिरफ्फ्तारी के बाद उसकी काली करतूतें सामने आने लगी है। धर्म के नाम पर लोगों की भावनाओं से खेलना और धर्म की आड़ में गंदे काम करने वाला रामपाल अकेला नहीं है। इससे पहले भी कई बाबा धर्म की आड़ में अपनी काली करतूतों को अंजाम दे चुके हैं। इनमें से एक है राघवेश्वरा भारती स्वामी। समाचार पत्र एशियन एज में छपी खबर के मुताबिक भारती स्वामी खुद को राम का अवतार बताकर एक गायिका से तीन साल तक बलात्कार करता रहा। रामचंद्रपुरा मठ से जुड़े भारती स्वामी पर 47 साल की गायिका ने बलात्कार का आरोप लगाया था। गायिका का आरोप है कि स्वामी अक्टूबर 2011 से उसका यौन शोषण कर रहा था। पीडिता ने यह भी आरोप लगाया था कि खुद को राम का अवतार बताकर भारती स्वामी उसका फायदा उठाता रहा। बकौल गायिका,भारती स्वामी ने कहा था कि राम चाहते हैं कि तुम मुझे पूरी तरह समर्पित कर दो। मामला गरमाने पर जांच सीआईडी को सौंपी गई। . जांच के दौरान सीआईडी ने...

पढ़ें इस्लाम के प्रति स्वामी लक्ष्मी शंकराचार्य जी की जुबानी :

Next Page ‎ Indian Muslims 1 hr  ·  पढ़ें इस्लाम के प्रति स्वामी लक्ष्मी शंकराचार्य जी की जुबानी : मैंने कर्इ साल पहले दैनिक जागरण मे श्री बलराज मधोक का लेख ‘दंगे क्यों होते हैं ?’’ पढ़ा था। इस लेख में हिन्दू-मुस्लिम दंगा होने का कारण कुरआन मजीद में काफिरों से लड़ने के लिए अल्लाह के फरमान बताए गए थे। लेख मे कुरआन मजीद की वे आयते भी दी गर्इ थी। इसके बाद दिल्ली से प्रकाशित एक पैम्फलेट (पर्चा) ‘कुरआन की चौबीस आयतें, जो अन्य धर्मावलम्बियों से झगड़ा करने का आदेश देती हैं’ किसी व्यक्ति ने मुझे दिया। इसे पढ़ने के बाद मेरे मन में जिज्ञासा हुर्इ कि मैं कुरआन पढूं। इस्लामी पुस्तकों की दुकान से कुरआन का हिन्दी अनुवाद मुझे मिला। कुरआन मजीद के इस हिन्दी अनुवाद मे वे सभी आयतें मिली, जो पैम्फलेट (पर्चे) मे लिखी थी। इससे मेरे मन में यह गलत धारणा बनी कि इतिहास में हिन्दू राजाओं व मुस्लिम बादशाहों के बीच जंग में हुर्इ मार-काट तथा आज के दंगों और आतंकवाद का कारण इस्लाम हैं। दिमाग भ्रमित हो चुका था, इसलिए हर आतंकवादी घटना मुझे इस्लाम से जु...

स्वर्ण यानी ऊँची जाति यानी राजपुत , भूंमिहार , बरहमन , लाला......इत्यादि टाइप लोग विदेशी हैं (बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी )

देखिये बिहार पुलिस के काले कारनामे । मासूम अंदर और गुनहगार बाहर । मासूम को मासूम होने के लिए देना पड़ा माल । जिसने नहीं दिया उन्हें जाना पड़ा अंदर ।

मांझी के मुख्यमंत्री रहते भले ही कुछ न हुआ हो , मगर बिहार पुलिस ईमानदार बहुत हो गयी है , निचे कुछ चौकाने वाली बात बताने जा रहा हूँ ,जिसे पढ़ने के बाद बिहार पुलिस की ईमानदारी की लोहा आप भी मानने पर मजबूर हो जायेंगे । निचे एक मामले से सम्बंधित खबर की रिपोर्टिंग है जो कुछ माह पहले लिखी गयी थी , इस मामले में एक और चौकाने वाली बात सामने आई है वह यह है की पीड़ित पक्ष को फंसाने के लिए पुलिस ने मुद्यालय पक्ष से पीड़ित पक्ष और उसके गाँव के मासूम लोगों के विरुद्ध औरत से छेड़खानी और हरिजन एक्ट के तहत मामला बनाने के लिए आवेदन लिखवाया । उसके बाद पूर्वी चंपारण की चकिया पुलिस मासूमों को मासूम लिखने के लिए पैसे की मोटी रकम की मांग करने लगी ,सूत्रों के अनुसार जिन लोगों ने चकिया पुलिस और सम्बंधित वरिये अधिकारी को मोटी रकम दे दी उन सभी को मासूम करार दे दिया और उसी मामले में जिन लोगों ने बतौर घुस मोटी रकम नहीं दी उसके विरुद्ध काउंटर केस के मामले में मामले को true करार दे कर सभी मासूमों को जेल भेज दिया । सभी मासूम कई महीने से जेल की हवा खाने को मजबूर हैं ।यानी अगर आप मासूम हैं और निर्दोष हैं इसके बावजूद बिहा...