तज़रबा तो यही कहता है की देश में दंगा कहीं भी हो लेकिन उसमे इस देश का एक बदनाम संगठन और उसके चेलों का ही हाथ ठीक उसी तरह रहता है

 तज़रबा तो यही कहता है की देश में दंगा कहीं भी हो लेकिन उसमे इस देश का एक बदनाम संगठन और उसके चेलों का ही हाथ ठीक उसी तरह रहता है जैसे समझौता एक्सप्रेस कांड ,अजमेर दरगाह काण्ड ,मक्का मस्जिद काण्ड , मालेगांव काण्ड में होता है ।वह अपने राज में तो खुल कर करता ही है दुसरे राज्यों में भी जहाँ उसकी सरकार नहीं इसलिए कराता है ताकि मुसलमानों को ये मेसेज जाए की हमारा सब दुश्मन है , देश के लोगों में मुहब्बत की जगह नफरत हो और जहाँ जहाँ हमारी सरकार नहीं वहां भी बनाने में कामयाब हो जाएँ , जब बात ये नहीं तो फिर दंगा निरोधक कानून को पास कराने और बनाने की बात पर चिल्लाता कुत्ते की तरह कौन है ? क्या कोंग्रेसी ? sp ? BSP ? या मुसलमान? कागज की नाव कभी चलती नहीं ,जुल्म की टहनी कभी फलती नहीं । सब देख रहा ,दुनिया से छुपा लेगा कोई ,मगर उससे भी छुपा लीजियेगा जिसने सारी काएनात यानी ब्रह्माण्ड को बनाया । एक उतरा खंड की तबाही ने मुसलमानों के साथ हुए पिछले 40 साल का बदला एक झटके में चूका लिया , छोटे छोटे रूपों में लगातार मिल भी रहा ,मगर उस झटके को समझने और चेतने के लिए भी अक़ल सूझ बुझ चाहिए । वैसे भी बुरा दिन ऊपर वाला देता है या देने वाला होता है तो सद्बुध्धि पहले छीन लेता है WWW.biharbroadcasting.com

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