भाइयो किसी को मोदी जी कि राजनीति समझ में आ रही है..?.
उत्तर प्रदेश और बिहार में भारी जीत का परचम फहराना चाहते हैं और राज ठाकरे का समर्थन ले रहे हैं..
भ्रस्टाचार मिटाना चाहते हैं और यदुरप्पा को टिकट दे रहे हैं गेगांग अपांग को पार्टी में शामिल कर लिया गुंडागर्दी मिटाना चाहते हैं और रादडिया और अमित शाह जैसे गुंडे को पाल रखा है..
महिला सशक्तिकरण कि बात कर रहे हैं और सुषमा को आज तक ठीक से पनपने तक नहीं दिया ..
मुसलमान समाज के वोट पाने के लिए दुनिया भर के पापड बेल रहे हैं मगर आज तक अपने भक्तों से अपील नहीं की कि कृपया मुसलमानो के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल ना करें..
काला धन लाने कि बात करते हैं मगर खुद अपने चंदे का हिसाब देने को राजी नहीं...
गरीब जनता कि भलाई कि बात करते हैं और कॉर्पोरेट के पैसों पर रैली करते हैं ..
पैदल चलने वाले कि भलाई चाहते हैं मगर हेलीकाप्टर से नीचे पैर रखने को तैयार नहीं.
चौकीदार बनना चाहते हैं मगर खुद इतनी टाइट सिक्यूरिटी में रहते हैं कि कोई आम आदमी उनसे मिल तक नहीं सकता..
कांग्रेस पर मुलायम सिंह पर सवाल उठाते हैं मगर खुद किसी सवाल का जवाब नहीं देते ..
क्या ऐसे खाली दिमाग वाले आदमी को राजनीति का धुरंधर माना जा सकता है ?..
देश में मौजूद अपने जैसे खाली दिमाग वालों के सपोर्ट पर प्रधान मंत्री बनने कि सोचने वाला मेरी नजर में तो कतई महान राजनेता नहीं हो सकता .
इतनी कच्ची राजनीति तो लालू यादव ने भी आज तक नहीं की होगी .
उत्तर प्रदेश और बिहार में भारी जीत का परचम फहराना चाहते हैं और राज ठाकरे का समर्थन ले रहे हैं..
भ्रस्टाचार मिटाना चाहते हैं और यदुरप्पा को टिकट दे रहे हैं गेगांग अपांग को पार्टी में शामिल कर लिया गुंडागर्दी मिटाना चाहते हैं और रादडिया और अमित शाह जैसे गुंडे को पाल रखा है..
महिला सशक्तिकरण कि बात कर रहे हैं और सुषमा को आज तक ठीक से पनपने तक नहीं दिया ..
मुसलमान समाज के वोट पाने के लिए दुनिया भर के पापड बेल रहे हैं मगर आज तक अपने भक्तों से अपील नहीं की कि कृपया मुसलमानो के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल ना करें..
काला धन लाने कि बात करते हैं मगर खुद अपने चंदे का हिसाब देने को राजी नहीं...
गरीब जनता कि भलाई कि बात करते हैं और कॉर्पोरेट के पैसों पर रैली करते हैं ..
पैदल चलने वाले कि भलाई चाहते हैं मगर हेलीकाप्टर से नीचे पैर रखने को तैयार नहीं.
चौकीदार बनना चाहते हैं मगर खुद इतनी टाइट सिक्यूरिटी में रहते हैं कि कोई आम आदमी उनसे मिल तक नहीं सकता..
कांग्रेस पर मुलायम सिंह पर सवाल उठाते हैं मगर खुद किसी सवाल का जवाब नहीं देते ..
क्या ऐसे खाली दिमाग वाले आदमी को राजनीति का धुरंधर माना जा सकता है ?..
देश में मौजूद अपने जैसे खाली दिमाग वालों के सपोर्ट पर प्रधान मंत्री बनने कि सोचने वाला मेरी नजर में तो कतई महान राजनेता नहीं हो सकता .
इतनी कच्ची राजनीति तो लालू यादव ने भी आज तक नहीं की होगी .
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