आठ साल से वेतन पर बिना स्पष्ट कारण के लगी है रोक , पीड़ित पंचायत शिक्षक आठ साल से सेवा भी दे रहा मगर बदले में सरकार आठ सालों से एक चवन्नी भी नहीं दे रही ।जरा सोंचिये ऐसी नीतियों से माओवाद और अपराध का खात्मा होगा या बढ़ावा मिलेगा ?

आठ साल से वेतन पर बिना स्पष्ट कारण के लगी है रोक , पीड़ित पंचायत शिक्षक आठ साल से सेवा भी दे रहा मगर बदले में सरकार आठ सालों से एक चवन्नी भी नहीं दे रही ।जरा सोंचिये ऐसी नीतियों से माओवाद और अपराध का खात्मा होगा या बढ़ावा मिलेगा ?

सुनील कुमार पासवान जो पूर्वी चंपारण के फेन्हारा ब्लॉक के बारा परसौनी पंचायत के राजकीय प्राथमिक विध्यालय ईजोरबारा में पंचायत शिक्षक हैं , बताया जाता है की दबंग मुखिया ने अपने बेटे और भतीजी को बहाल करने के लिए सुनील कुमार पासवान की बहाली को गलत तरीके से अवैध करार देते हुए हटा दिए और इनके जगह पर मुखिया ने अपने बेटे और भतीजी को बहाल कर दिए ............
इस बीच गलत तरीके बहाल हुए मुखिया के बेटे और भतीजी को तन्खाह भी मिलने लगे यहाँ बताते चलें की जबकि मुखिया के बेटे जिनकी बहाली शिक्षक पद पर हुई थी शिक्षक के साथ साथ डाकपाल के पद भी बहाल रहे यानी एक साथ दो सरकारी नोकरी भी करते रहे ऐसे सख्स को वेतन मिलने में कहीं से कोई अर्चन  भी सामने नहीं आया दूसरी तरफ सुनील कुमार पासवान को आज आठ सालों से भी जेयादा समय से वेतन नहीं मिल रहा ,जबकि मजेदार तथ्य यह है की सरकार उनसे आठ सालों से भी जेयादा समय से लगातार काम भी ले रहा , जरा सोंचिये सरकार की इस दोहरी निति से माओवाद बढ़ेगा या घटेगा ? या यूँ कहा जाए की बढ़ते अपराध और माओवाद और आतंकवाद के लिए असल जिम्मेदार कौन ? www.biharbroadcasting.com 

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