Skip to main content

चाहे शरीर के किसी भी अंग में पथरी क्यों ना हो, ये 15 बुँदे उसको जड़ से हमेशा के लिए ख़त्म कर ऑपरेशन से निजात दिलाएगी, शेयर अवश्य कर

चाहे शरीर के किसी भी अंग में पथरी क्यों ना हो, ये 15 बुँदे उसको जड़ से हमेशा के लिए ख़त्म कर ऑपरेशन से निजात दिलाएगी, शेयर अवश्य करे
MONDAY, 5 SEPTEMBER 2016
दोस्तों पथरी आजकल की आम समस्या हो गयी हैं जिसका इलाज भी हमारे घर आंगन में ही हैं लेकिन हमारी मानसिकता हो गयी हैं डोक्टर के पास भागने की । ये पोधा हैं पथर चट्टा का जिसे पाखाण भेद भी कहते हैं जिसका अर्थ हैं पथर को तोड़ने वाला । इसके 3 पतो को सुबह व् शाम को खाली पेट 20 से 25 दिन सेवन करने से पत्थरी टूट कर निकल जाती हैं । आयुर्वेद अपनाये स्वास्थ्य बचाए। अगर आपको यह पौधा ना मिले तो आप होमियोपैथी उपचार करे । www.allayurvedic.org
➡ होमियोपेथी इलाज राजीव दीक्षित जी द्वारा :
अब होमियोपेथी मे एक दवा है ! वो आपको किसी भी होमियोपेथी के दुकान पर मिलेगी उसका नाम हे BERBERIS VULGARIS ये दवा के आगे लिखना है MOTHER TINCHER ! ये उसकी पोटेंसी है। वो दुकान वाला समझ जायेगा। यह दवा होमियोपेथी की दुकान से ले आइये।
ध्यान दे : ये BERBERIS VULGARIS दवा भी पथरचट नाम के पोधे से बनी है बस फर्क इतना है ये dilutions form मे हैं पथरचट पोधे का botanical name BERBERIS VULGARIS ही है।
➡ इस दवाई की प्रयोग विधि :
अब इस दवा की 10-15 बूंदों को एक चौथाई (1/ 4) कप गुण गुने पानी मे मिलाकर दिन मे चार बार (सुबह,दोपहर,शाम और रात) लेना है। चार बार अधिक से अधिक और कमसे कम तीन बार। इसको लगातार एक से डेढ़ महीने तक लेना है कभी कभी दो महीने भी लग जाते है।
इससे जीतने भी Stone है, कही भी हो गॉल ब्लेडर (Gall bladder) मे हो या फिर किडनी मे हो, या युनिद्रा के आसपास हो,या फिर मुत्रपिंड मे हो। वो सभी स्टोन को पिगलाकर ये निकाल देता हे।
99% केस मे डेढ़ से दो महीने मे ही सब टूट कर निकाल देता हे कभी कभी हो सकता हे तीन महीने भी हो सकता हे लेना पड़े|तो आप दो महिने बाद सोनोग्राफी करवा लीजिए आपको पता चल जायेगा कितना टूट गया है कितना रह गया है। अगर रह गया हहै तो थोड़े दिन और ले लीजिए। यह दवा का साइड इफेक्ट नहीं है। www.allayurvedic.org
ये तो हुआ जब stone टूट के निकल गया अब दोबारा भविष्य मे यह ना बने उसके लिए क्या??? क्योंकि कई लोगो को बार बार पथरी होती है |एक बार stone टूट के निकल गया अब कभी दोबारा नहीं आना चाहिए इसके लिए क्या ???
इसके लिए एक और होमियोपेथी मे दवा है CHINA 1000 प्रवाही स्वरुप की इस दवा के एक ही दिन सुबह-दोपहर-शाम मे दो-दो बूंद सीधे जीभ पर डाल दीजिए। सिर्फ एक ही दिन मे तीन बार ले लीजिए फिर भविष्य मे कभी भी स्टोन नहीं बनेगा।
[चाहे शरीर के किसी भी अंग में पथरी क्यों ना हो, ये 15 बुँदे उसको जड़ से हमेशा के लिए ख़त्म कर ऑपरेशन से निजात दिलाएगी, शेयर अवश्य करे - आयुर्वेदिक जगत (Ayurvedic Jagat)] is good,have a look at it!
http://www.allayurvedic.org/2016/09/15-drops-koi-sa-bhi-stone-ho-operation-se-nijat-dilayegi.html?m=1

Comments

Anonymous said…
सबसे पहली बात तो यह है कि पत्थर चट का नाम berberis vulgaris नहीं होता । इसे हिंदी में दारू हल्दी कहते हैं । और पत्थर चट को Bryophyllum Pinnatum कहते हैं । दोनों का मदर टिंचर होम्योपैथी में अलग-अलग मिलता है । आप इसे जितने मर्जी चाहे दिन भी लीजिए निकलते ही नहीं पित्ते की । केवली यह गुर्दे की पथरी में काम करता है और दर्द में वह भी किसी मरीज को ।
Anonymous said…
सबसे पहली बात तो यह है कि पत्थर चट का नाम berberis vulgaris नहीं होता । इसे हिंदी में दारू हल्दी कहते हैं । और पत्थर चट को Bryophyllum Pinnatum कहते हैं । दोनों का मदर टिंचर होम्योपैथी में अलग-अलग मिलता है । आप इसे जितने मर्जी चाहे दिन भी लीजिए इससे पित्ते की पथरी नहीं निकलती । केवली यह गुर्दे की पथरी में काम करता है और दर्द में वह भी किसी मरीज की ।

Popular posts from this blog

"बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!"

सिमरन प्रजापति  with  Rekha Vinod Jain  and  4 others Mon  ·  क्या खुब लिखा है किसी ने ... "बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!" न मेरा 'एक' होगा, न तेरा 'लाख' होगा, ... ! न 'तारिफ' तेरी होगी, न 'मजाक' मेरा होगा ... !! गुरुर न कर "शाह-ए-शरीर" का, ... ! मेरा भी 'खाक' होगा, तेरा भी 'खाक' होगा ... !! जिन्दगी भर 'ब्रांडेड-ब्रांडेड' करने वालों ... ! याद रखना 'कफ़न' का कोई ब्रांड नहीं होता ... !! कोई रो कर 'दिल बहलाता' है ... ! और कोई हँस कर 'दर्द' छुपाता है ... !! क्या करामात है 'कुदरत' की, ... ! 'ज़िंदा इंसान' पानी में डूब जाता है और 'मुर्दा' तैर के दिखाता है ... !! 'मौत' को देखा तो नहीं, पर शायद 'वो' बहुत "खूबसूरत" होगी, ... ! "कम्बख़त" जो भी ...

छिनतई होती रही और सामने से चली गई पुलिस.....

 DB Gaya 28.08.23

Magar Momino pe Kushada hain rahen || Parashtish karen Shauq se Jis ki chahein

  करे गैर गर बूत की पूजा तो काफिर  जो ठहराए बेटा खुदा का तो काफिर  गिरे आग पर बहर सिजदा तो काफिर  कवाकिब में मानें करिश्मा तो काफिर  मगर मोमिनो पर कुशादा हैं राहें  परस्तिश करें शौक से जिस की चाहें  नबी को जो चाहें खुदा कर दिखाएं  इमामों का रुतबा नबी से बढ़ाएं  मज़ारों पे दिन रात नजरें चढ़ाएं  शहीदों से जा जा के मांगें दुआएं  न तौहीद में कुछ खलल इससे आये  न इस्लाम बिगड़े न ईमान जाए । ( मुसद्दस हाली ) __________________________________________________ Padhne k baad kya Samjhe ? Agar Gair Boot ki Puja , Murti Puja , Yani ek khuda k Awala ki kisi Dusre ki puja kare to Kafir  Eesha Alaihissalam ko manne wale Agar Ek Allah ki Parastish karne k sath Eesha Alaihissalam ko Khuda maan Liya to  Fir bhi Kaafir  Aag ki sijdah Jisne Kiya wah bhi kaafir ho gaya  Falkiyaat Aur chaand aur sitaron k Wajud ko Allah ka banaya hua n maan kar Sirf Karishma maan liya to bhi Kaafir ... Lekin Musalmano ki Rahen Aasan aur Wasi  kai...