मोहम्मद अख़लाक मॉब लिंचिंग: अभियुक्तों के ख़िलाफ़ केस वापस लेने की यूपी सरकार की अर्ज़ी पर कोर्ट का फ़ैसला आया
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28 सितंबर, 2015 को भीड़ ने मोहम्मद अख़लाक के घर पर हमला कर दिया था
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा की एक कोर्ट ने राज्य सरकार की उस अर्ज़ी को ख़ारिज कर दिया है, जिसमें 2015 के दादरी लिंचिंग केस में सभी अभियुक्तों के ख़िलाफ़ केस वापस लेने की बात कही गई थी.
मोहम्मद अख़लाक की हत्या और उनके बेटे दानिश को गंभीर रूप से घायल करने के मामले में फ़िलहाल 18 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है.
28 सितंबर, 2015 को भीड़ ने मोहम्मद अख़लाक के घर पर हमला कर दिया था. आरोप था कि उन्होंने अपने घर में बीफ़ रखा था. भीड़ के हमले में मोहम्मद अख़लाक की मौत हो गई थी.
मोहम्मद अख़लाक के परिवार के वकील मोहम्मद यूसुफ़ सैफ़ी ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "कोर्ट ने कहा है कि सरकार की अर्ज़ी बेबुनियाद है. अब कोर्ट ने आदेश दिया है कि केस की सुनवाई रोज़ाना की जाए."
उन्होंने आगे कहा, "हमें कोर्ट से न्याय की उम्मीद थी और हमें न्याय मिला."
अब इस केस की सुनवाई 6 जनवरी को होगी, जहां ट्रायल जारी रहेगा. अब तक इस केस में एक गवाह से पूछताछ हो चुकी है. कोर्ट के आदेश की लिखित कॉपी अभी तक जारी नहीं हुई है.
25.12.2025
बीबीसी से साभार
भाजपा राज को समझने के लिए इस पैटर्न को समझिए ......
इस पैटर्न को समझिए बस-
1. उन्नाव में रेप किसने किया भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर ने, FIR किस पर चढ़ाई गई?...रेप पीड़ित बच्ची पर, अंत में उसके परिवार पर ट्रक चढ़वा दिया सो अलग
2. बलात्कार किसने किया बीजेपी के मंत्री"स्वामी चिन्मयानंद" ने, एफआईआर किसपर दर्ज हुई? पीड़ित बच्ची पर.
3. भीमा कोरेगांव में हिंसा किसने फैलाई? मोदी जी के गुरु सम्भाजी भिड़े ने, FIR किसपर हुई? पिटने वाले प्रोफेसरों, लेखकों और ऑर्गेनाइजरों पर.
4. छत्तीसगढ़ में आदिवासी सौनी सोरी के चेहरे पर तेजाब किसने फिंकवाया? डीएसपी कल्लूरी ने, FIR किसपर चढ़ाई गई? पीड़ित सौनी सोरी पर (कल्लूरी का क्या हुआ? कल्लूरी का प्रमोशन हुआ)
5. अखलाक की हत्या किसने की? बीजेपी विधायक संगीत सोम समर्थक भीड़ ने, FIR किसपर दर्ज हुई? मृतक अखलाक के परिवार पर
6. गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में 100 से अधिक बच्चों की मौत हुई, जिम्मेदारी आनी थी योगी पर, लेकिन FIR किसके नाम चढ़ा दी गई? डॉ कफ़ील पर... उस इंसान पर जो वहां बच्चों को बचाने के लिए दौड़-धूप कर रहा था. डा. कफील पर ही FIR क्यों चढ़वाई? क्योंकि उस बेचारे के नाम में ही मुसलमान था, और योगी का नाम उस केस में से कैसे भी करके निकालना था.
6. इंस्पेक्टर सुबोध सिंह को गोली किसने मारी? भाजपा समर्थकों ने ? माला पहनाकर स्वागत किसका किया गया? सुबोध के हत्यारों का..
7. JNU प्रेजिडेंट आयशा घोसि के सर पर रॉड किसने मारी? डीयू से बुलाए गए ABVP के नकाबपोश गुंडों ने, FIR किसपर दर्ज हुई? पीड़ित पर, जो खुद मरने से जैसे-तैसे बची है.
8. योगी ने मुख्यमंत्री बनते ही स्व जांच करके खुद के ऊपर की सारी FIR हटा लीं, कुछ दिन पहले मोदी जी को गुजरात दंगों के लिए क्लीन चिट मिल ही चुकी है, अमित शाह के केस में जज 'जस्टिस लोया' का क्या हुआ सबको मालूम है ही.
8. अंत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की एक बात "इस सरकार में मंत्रियों के इस्तीफे नहीं होते, ये एनडीए है, यूपीए नहीं" मतलब आप कितने भी कांड कर दीजिए, कोई एफआईआर नहीं होनी, कोई जांच नहीं होनी, कोई इस्तीफे नहीं होने.
और सबसे मजेदार चीज और सुनिए, सभी राज्यों की पुलिस, सेना, अर्धसैनिक, इस देश में होने वाले अपराधों के लिए, सुरक्षा के लिए, किसे रिपोर्ट करती है? गृह मंत्रालय को, यानी कि तड़ीपार अमित शाह को! जो खुद एक क्रिमिनल है, जिसपर खुद दर्जनों हत्याओं और अपहरणों के केस चल रहे हैं.
लेकिन आप टेंशन मत लीजिए, जबतक आपके खुद के किसी दोस्त, भाई, प्रेमिका, रिश्तेदार की 'सरकारी हत्या' नहीं होती, तबतक आप व्हाट्सएप पर गुड मॉर्निंग भेजते रहिए.
सिमरन प्रजापति with Rekha Vinod Jain and 4 others Mon · क्या खुब लिखा है किसी ने ... "बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!" न मेरा 'एक' होगा, न तेरा 'लाख' होगा, ... ! न 'तारिफ' तेरी होगी, न 'मजाक' मेरा होगा ... !! गुरुर न कर "शाह-ए-शरीर" का, ... ! मेरा भी 'खाक' होगा, तेरा भी 'खाक' होगा ... !! जिन्दगी भर 'ब्रांडेड-ब्रांडेड' करने वालों ... ! याद रखना 'कफ़न' का कोई ब्रांड नहीं होता ... !! कोई रो कर 'दिल बहलाता' है ... ! और कोई हँस कर 'दर्द' छुपाता है ... !! क्या करामात है 'कुदरत' की, ... ! 'ज़िंदा इंसान' पानी में डूब जाता है और 'मुर्दा' तैर के दिखाता है ... !! 'मौत' को देखा तो नहीं, पर शायद 'वो' बहुत "खूबसूरत" होगी, ... ! "कम्बख़त" जो भी ...
करे गैर गर बूत की पूजा तो काफिर जो ठहराए बेटा खुदा का तो काफिर गिरे आग पर बहर सिजदा तो काफिर कवाकिब में मानें करिश्मा तो काफिर मगर मोमिनो पर कुशादा हैं राहें परस्तिश करें शौक से जिस की चाहें नबी को जो चाहें खुदा कर दिखाएं इमामों का रुतबा नबी से बढ़ाएं मज़ारों पे दिन रात नजरें चढ़ाएं शहीदों से जा जा के मांगें दुआएं न तौहीद में कुछ खलल इससे आये न इस्लाम बिगड़े न ईमान जाए । ( मुसद्दस हाली ) __________________________________________________ Padhne k baad kya Samjhe ? Agar Gair Boot ki Puja , Murti Puja , Yani ek khuda k Awala ki kisi Dusre ki puja kare to Kafir Eesha Alaihissalam ko manne wale Agar Ek Allah ki Parastish karne k sath Eesha Alaihissalam ko Khuda maan Liya to Fir bhi Kaafir Aag ki sijdah Jisne Kiya wah bhi kaafir ho gaya Falkiyaat Aur chaand aur sitaron k Wajud ko Allah ka banaya hua n maan kar Sirf Karishma maan liya to bhi Kaafir ... Lekin Musalmano ki Rahen Aasan aur Wasi kai...
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