Skip to main content

कोरोना वायरस: तब्लीग़ी जमात के लोगों पर नर्सों से बदतमीज़ी के आरोप में एनएसए नहीं लगा है ! ख़ुद को बेक़सूर बताते युवक......आरोप का सामना कर रहे एक युवक ने कहा, "हम पांच वक़्त के नमाज़ी हैं. कुरान की तिलावत करते हैं. क्या हमें ये शोभा देगा कि हम नगें घूमें. हमने ऐसा कुछ भी नहीं किया है. हम पर आरोप लगाया गया है कि हमने बीड़ी सिगरेट मांगी, क्या कोई भी समझदार व्यक्ति अस्पताल में बीड़ी या सिगरेट मांगेगा. सबको पता होता है कि अस्पताल में बीड़ी पीना मना होता है." नर्सों से छेड़ख़ानी के आरोप पर वो कहते हैं, "जब हमारा कोरोना का टेस्ट होने गया था तो हम इतने घबराए हुए थे कि अल्लाह का नाम लेने में लगे हुए थे. हम घबराए हुए थे कि कहीं टेस्ट पॉज़िटिव न आ जाए." महिला नर्सों से छेड़ख़ानी के आरोप के सवाल पर जमात से जुड़े एक युवा ने कहा, "हमारे सामने नर्स कभी आईं ही नहीं. जो मेडिकल स्टाफ़ हमारे वार्ड में आते थे वो ऐसे कपड़े पहने हुए होते थे कि ये पता नहीं चल पाता था कि वो लेडीज़ हैं या जेंट्स. वो पूरी तरह पैक होते थे."



तबलीगी जमातइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES

भारत में कोरोनावायरस के मामले

4421

कुल मामले

326

जो स्वस्थ हुए

114

मौतें

स्रोतः स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
11: 27 IST को अपडेट किया गया
पिछले दिनों ऐसी ख़बरें सुर्ख़ियों में रही थीं कि तब्लीग़ी जमात से जुड़े लोगों ने ग़ाज़ियाबाद के एक अस्पताल में महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ अभद्र बर्ताव किया है और उनके ख़िलाफ़ एनएसए के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया है.
इस मामले में तब्लीग़ी जमात से जुड़े लोगों ने अपनी सफ़ाई में कहा है कि उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और 'यह जमात को बदनाम करने की साज़िश है'.
इस समय ग़ाज़ियाबाद के आरकेजीआईटी कॉलेज में क्वारंटीन में रह रहे इनमें से कुछ युवकों से बीबीसी ने फ़ोन पर बातचीत की है.
ग़ाज़ियाबाद पुलिस ने मुक़दमा दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है. ग़ाज़ियाबाद पुलिस के पीआरओ ने बीबीसी को बताया, "इस संबंध में शिकायत के आधार पर मुक़दमा दर्ज किया गया है. तथ्यों के आधार पर जाँच चल रही है."
ग़ाज़ियाबाद पुलिस ने अभी तक अभद्रता के मामले में कोई गिरफ़्तारी नहीं की है. ग़ाज़ियाबाद पुलिस के मुताबिक़ अभी ये युवक पुलिस हिरासत में नहीं हैं. फ़िलहाल ये सीएमओ की निगरानी में हैं.
ग़ाज़ियाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र कुमार गुप्ता ने पुलिस को दी लिखित शिकायत में कहा था कि एमएमजी अस्पताल में क्वारंटीन किए गए जमात के सदस्यों ने अस्पताल की नर्सों के साथ बदसलूकी की है. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 'जमाती मरीज़ वार्ड में नंगे घूम रहे हैं और अश्लील गाने सुन रहे हैं.'
इसी शिकायत में ये भी कहा गया कि उन्होंने नर्सों को अश्लील इशारे किए और बीड़ी और सिगरेट मांगी.


तबलीगी जमातइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES

पुलिस ने जमात से जुड़े पाँच युवकों पर एफ़आईआर दर्ज की है. बीबीसी से बातचीत में इन लोगों ने इन आरोपों पर हैरानी ज़ाहिर की है.
ऐसी ख़बरें भी आई थीं कि इन लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (एनएसए) के तहत मुक़दमा चलाया जाएगा लेकिन ग़ाज़ियाबाद ज़िला और पुलिस प्रशासन ने बीबीसी से बातचीत में एनएसए लगाए जाने की पुष्टि नहीं की है.
ग़ाज़ियाबाद पुलिस के पीआरओ ने बीबीसी से कहा, "एनएसए जेल में बंद अपराधियों पर लगाया जाता है. अभी हमने उन्हें गिरफ़्तार ही नहीं किया है. अभी वो क्वारंटीन में हैं."

भारत में कोरोनावायरस के मामले

यह जानकारी नियमित रूप से अपडेट की जाती है, हालांकि मुमकिन है इनमें किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के नवीनतम आंकड़े तुरंत न दिखें.
राज्य या केंद्र शासित प्रदेशकुल मामलेजो स्वस्थ हुएमौतें
महाराष्ट्र7485645
तमिलनाडु62185
दिल्ली523197
केरल327582
तेलंगाना321347
उत्तर प्रदेश305213
राजस्थान288213
आंध्र प्रदेश26613
मध्य प्रदेश16509
कर्नाटक151124
गुजरात1442212
जम्मू और कश्मीर10942
पश्चिम बंगाल91133
हरियाणा90251
पंजाब7646
बिहार3201
उत्तराखंड3150
असम2600
ओडिशा2120
चंडीगढ़1800
लद्दाख14100
हिमाचल प्रदेश1321
अंडमान निकोबार द्वीप समूह1000
छत्तीसगढ़1080
गोवा700
पुडुचेरी510
झारखंड400
मणिपुर200
मिज़ोरम100


स्रोतः स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
11: 27 IST को अपडेट किया गया
नर्सों के आरोप सामने आने के बाद ग़ाज़ियाबाद के एसएसपी कलानिधि नैथिनी ने कहा था, "हमने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी सीटी और एडीएम सिटी से जाँच करने के लिए कहा था. उन्होंने जाँच की और यह पाया कि शिकायत एफ़आईआर दर्ज करने योग्य है."
शिकायत की जाँच में शामिल एडीएम शैलेंद्र सिंह ने बीबीसी से कहा, "नर्सों ने अपने आरोप दोहराए हैं. हमने मुक़दमा दर्ज करने की संस्तुति की है."
ख़ुद को बेक़सूर बताते युवक
आरोप का सामना कर रहे एक युवक ने कहा, "हम पांच वक़्त के नमाज़ी हैं. कुरान की तिलावत करते हैं. क्या हमें ये शोभा देगा कि हम नगें घूमें. हमने ऐसा कुछ भी नहीं किया है. हम पर आरोप लगाया गया है कि हमने बीड़ी सिगरेट मांगी, क्या कोई भी समझदार व्यक्ति अस्पताल में बीड़ी या सिगरेट मांगेगा. सबको पता होता है कि अस्पताल में बीड़ी पीना मना होता है."


कोरोनाइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES

नर्सों से छेड़ख़ानी के आरोप पर वो कहते हैं, "जब हमारा कोरोना का टेस्ट होने गया था तो हम इतने घबराए हुए थे कि अल्लाह का नाम लेने में लगे हुए थे. हम घबराए हुए थे कि कहीं टेस्ट पॉज़िटिव न आ जाए."
महिला नर्सों से छेड़ख़ानी के आरोप के सवाल पर जमात से जुड़े एक युवा ने कहा, "हमारे सामने नर्स कभी आईं ही नहीं. जो मेडिकल स्टाफ़ हमारे वार्ड में आते थे वो ऐसे कपड़े पहने हुए होते थे कि ये पता नहीं चल पाता था कि वो लेडीज़ हैं या जेंट्स. वो पूरी तरह पैक होते थे."
वो कहते हैं, "नर्स तो कभी हमारे वार्ड में आई ही नहीं. वो तो दूर से, शीशे से देखती थीं. ना उनकी कोई आवाज़ हमें आती थी और ना ही हमारी कोई आवाज़ उन्हें जाती होगी."
ये पूछने पर कि क्या उनका अस्पताल के किसी कर्मचारी से कोई विवाद हुआ था, उनका कहना था, "हमारा किसी से कोई विवाद नहीं हुआ था. एक अप्रैल को हमसे कहा गया था कि हमारी रिपोर्टें नेगेटिव हैं और हमें घर भेज दिया जाएगा."
उनका कहना है, "नर्स ने हमसे कहा था कि हमें घर भेज दिया जाएगा. बाद में क्या हुआ हमें नहीं पता. हम पर आरोप लगा दिए गए. मीडिया को बुलाया गया और हमारी तस्वीरें खींची गईं."
नेगेटिव आने वाले जमात के लोगों को ग़ाज़ियाबाद के आरकेजीआईटी कॉलेज में क्वारंटीन में भेज दिया गया. जबकि एक व्यक्ति में कोरोना की पुष्टि होने के बाद उन्हें ग़ाज़ियाबाद के ही एक दूसरे सेंटर में भेजा गया है.
बीबीसी ने ग़ाज़ियाबाद के सीएमओ नरेंद्र गुप्ता से उनका पक्ष जानने के लिए कई बार संपर्क किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिल सका.
इन युवकों का आरोप है कि पुलिस बार-बार उनके कमरे में आती है और उनके वीडियो बनाती है. एक युवक ने कहा, "पुलिसवाले कभी भी हमारे कमरे में आ जाते हैं. दरवाज़ा पीटते हैं. हमें डर लगता है. हम नहीं जानते आगे हमारे साथ क्या होगा."


तबलीगी जमात, कोरोनाइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES

इन युवकों का ये भी कहना है कि उन्हें अपने ऊपर दर्ज एफ़आईआर के बारे में न कोई जानकारी है और न ही उसकी कोई कॉपी उन्हें दी गई है.
बीबीसी से जब इनके परिजनों से बात की तो उनका कहना था कि प्रशासन की ओर से अभी उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है, ना ही किसी ने कोई संपर्क किया है.
इन युवकों का कहना है कि ये 22 से 26 मार्च के बीच दिल्ली के निज़ामुद्दीन स्थित मरकज़ गए थे. मरकज़ में कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने के बाद उन्हें क्वारंटीन किया गया.
ग़ाज़ियाबाद में जमात से जुड़े लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है. हालांकि बीबीसी से बात करने वाले पांचों युवक कोरोना नेगेटिव हैं.
देश भर में तब्लीग़ जमात से जुड़े बहुत सारे लोगों को क्वारंटीन किया गया है जबकि अब तक पॉज़िटिव पाए गए तक़रीबन डेढ़ हज़ार मामलों की कड़ी जमात से जुड़ी है.


कोरोना वायरस के बारे में जानकारी

Comments

Popular posts from this blog

"बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!"

सिमरन प्रजापति  with  Rekha Vinod Jain  and  4 others Mon  ·  क्या खुब लिखा है किसी ने ... "बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!" न मेरा 'एक' होगा, न तेरा 'लाख' होगा, ... ! न 'तारिफ' तेरी होगी, न 'मजाक' मेरा होगा ... !! गुरुर न कर "शाह-ए-शरीर" का, ... ! मेरा भी 'खाक' होगा, तेरा भी 'खाक' होगा ... !! जिन्दगी भर 'ब्रांडेड-ब्रांडेड' करने वालों ... ! याद रखना 'कफ़न' का कोई ब्रांड नहीं होता ... !! कोई रो कर 'दिल बहलाता' है ... ! और कोई हँस कर 'दर्द' छुपाता है ... !! क्या करामात है 'कुदरत' की, ... ! 'ज़िंदा इंसान' पानी में डूब जाता है और 'मुर्दा' तैर के दिखाता है ... !! 'मौत' को देखा तो नहीं, पर शायद 'वो' बहुत "खूबसूरत" होगी, ... ! "कम्बख़त" जो भी ...

छिनतई होती रही और सामने से चली गई पुलिस.....

 DB Gaya 28.08.23

Magar Momino pe Kushada hain rahen || Parashtish karen Shauq se Jis ki chahein

  करे गैर गर बूत की पूजा तो काफिर  जो ठहराए बेटा खुदा का तो काफिर  गिरे आग पर बहर सिजदा तो काफिर  कवाकिब में मानें करिश्मा तो काफिर  मगर मोमिनो पर कुशादा हैं राहें  परस्तिश करें शौक से जिस की चाहें  नबी को जो चाहें खुदा कर दिखाएं  इमामों का रुतबा नबी से बढ़ाएं  मज़ारों पे दिन रात नजरें चढ़ाएं  शहीदों से जा जा के मांगें दुआएं  न तौहीद में कुछ खलल इससे आये  न इस्लाम बिगड़े न ईमान जाए । ( मुसद्दस हाली ) __________________________________________________ Padhne k baad kya Samjhe ? Agar Gair Boot ki Puja , Murti Puja , Yani ek khuda k Awala ki kisi Dusre ki puja kare to Kafir  Eesha Alaihissalam ko manne wale Agar Ek Allah ki Parastish karne k sath Eesha Alaihissalam ko Khuda maan Liya to  Fir bhi Kaafir  Aag ki sijdah Jisne Kiya wah bhi kaafir ho gaya  Falkiyaat Aur chaand aur sitaron k Wajud ko Allah ka banaya hua n maan kar Sirf Karishma maan liya to bhi Kaafir ... Lekin Musalmano ki Rahen Aasan aur Wasi  kai...