Skip to main content

पाकिस्तान का जेएफ़-17 थंडर ब्लॉक-थ्री लड़ाकू विमान रफ़ाल का मुक़ाबला कर सकेगा? || जेएफ़-17बी पहले से मौजूद जेएफ़-17 से कैसे अलग हैं? || ब्लॉक-थ्री क्या है? || जेएफ़-17 थंडर विमान की तुलना रफ़ाल के साथ करना उचित है? || जेएफ़-17 थंडर की क्षमताएं क्या हैं? || पाकिस्तान ने जेएफ़-17 पर कब काम शुरू किया?

 

पाकिस्तान का जेएफ़-17 थंडर ब्लॉक-थ्री लड़ाकू विमान रफ़ाल का मुक़ाबला कर सकेगा?

  • सना आसिफ़ डार
  • बीबीसी उर्दू, इस्लामाबाद
जेएफ़-17

पाकिस्तान वायु सेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान जेएफ़-17 के ब्लॉक-थ्री की तैयारी शुरू कर दी गई है. जबकि चीन के सहयोग से बने चौदह जेएफ़-17बी विमान पाकिस्तान वायु सेना को सौंप दिए गए हैं.

इन विमानों को पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स (पीएसी) ने तैयार किया है.

डबल सीटर जेएफ़-17बी विमान के पाकिस्तान वायु सेना के बेड़े में शामिल होने और जेएफ़-17 ब्लॉक-थ्री का उत्पादन शुरू करने के लिए बुधवार को कामरा एयरबेस में एक समारोह आयोजित किया गया था.

जेएफ़-17बी पहले से मौजूद जेएफ़-17 से कैसे अलग हैं?

पाकिस्तान वायु सेना के प्रवक्ता अहमर रज़ा ने बीबीसी को बताया कि पाकिस्तान वायु सेना में शामिल होने वाले नए जेएफ़-17बी मॉडल विमान में दो सीटें हैं. इसका इस्तेमाल ज़्यादातर प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा. हालांकि इनमें जो क्षमताएं हैं वो पहले से ही मौजूद जेएफ़-17 विमानों के जैसी ही हैं.

"नए विमानों में मिसाइल और रडार भी पुराने विमानों की तरह ही हैं. नए मॉडल में सिर्फ़ एक सीट जोड़ी गई है, ताकि दूसरा पायलट भी बैठ सके और हम इन विमानों का इस्तेमाल प्रशिक्षण में कर सकें."

पाकिस्तान वायु सेना का कहना है, कि इनके आने से सैन्य शक्ति बढ़ जाएगी. क्योंकि ये विमान प्रशिक्षण की ज़रूरतों को पूरा करने के साथ, सभी प्रकार के युद्ध अभियान में भी पूरी तरह से सक्षम हैं.

जेएफ़-17

ब्लॉक-थ्री क्या है?

जेएफ़-17बी के पाकिस्तान वायु सेना में शामिल होने के अलावा, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ़ मार्शल ने बुधवार को जेएफ़-17 थंडर के ब्लॉक-थ्री के उत्पादन का भी उद्घाटन किया है.

पाकिस्तान वायु सेना के अनुसार, ब्लॉक-थ्री का जेएफ़-17 विमान सबसे उन्नत मॉडल होगा. यह पाकिस्तान वायु सेना को इस क्षेत्र में बदलती स्थिति में जवाबी कार्रवाई में संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा.

जेएफ़-17 ब्लॉक-थ्री फ़ोर्थ जेनरेशन के फ़ाइटर जेट होंगे.

पाकिस्तान वायु सेना के प्रवक्ता ने हमें बताया कि "ब्लॉक-थ्री जेएफ़-17 का नेक्स्ट वजर्न है. जिसमें नए रडार लगाए जाएंगे. इस वजर्न का विमान नए और आधुनिक हथियारों और मिसाइलों से भी लैस होगा. इलेक्ट्रॉनिक वॉरफ़ेयर की क्षमता को भी हर कोण से बढ़ाया और बेहतर किया जाएगा."

प्रवक्ता के अनुसार, ब्लॉक-थ्री के विमान लगभग एक से डेढ़ साल में तैयार हो जाएंगे.

रिटायर्ड एयर मार्शल मक़सूद अख़्तर का कहना है कि ब्लॉक-थ्री के जेएफ़-17 विमानों में 'एक्टिव इलैक्ट्रॉनिकली सेकेंड्री रडार' होगा और बेहतर मिसाइलें होंगी.

"ब्लॉक-थ्री का जेएफ़-17 विमान हवा से ज़मीन और हवा से हवा में मार करने वाले हथियारों से लैस होगा. ये विमान फ़ोर्थ जेनरेशन में शामिल होंगे."

जेएफ़-17

जेएफ़-17 थंडर विमान की तुलना रफ़ाल के साथ करना उचित है?

जेएफ़-17 ब्लॉक-थ्री के बारे में दावे किए जा रहे हैं कि यह भारत के रफ़ाल विमानों से भी बेहतर होंगे.

पाकिस्तान वायु सेना के प्रवक्ता ने कहा, "बेशक इस तरह का विश्लेषण बिल्कुल सही है, बल्कि ब्लॉक-थ्री कई चीज़ों में रफ़ाल से बेहतर होगा. यह वो विमान होगा जो रफ़ाल का मुक़ाबला कर सकेगा."

हालांकि, स्ट्रैटेजिक स्टडीज़ ऑफ़ एयर यूनिवर्सिटी के प्रमुख, आदिल सुल्तान का कहना है कि, "शत प्रतिशत ऐसा नहीं कह सकते."

अपनी बात को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा, "हम हर चीज़ की तुलना पाकिस्तान और भारत के संदर्भ में करते हैं. प्रत्येक विमान की अपनी भूमिका होती है. जेएफ़-17 ब्लॉक-थ्री पर लगने वाली मिसाइल और रडार रफ़ाल पर लगने वाली मिसाइल और रडार से बेहतर हैं. इस संदर्भ में तो हम कह सकते हैं कि, यह विमान रफ़ाल से थोड़ा बेहतर हो सकता है, लेकिन विमानों की तुलना करते समय और भी कई और चीज़ें देखनी होती हैं."

जेएफ़-17 थंडर की क्षमताएं क्या हैं?

रिटायर्ड एयर मार्शल मक़सूद अख़्तर ने पाकिस्तान वायु सेना में शामिल होने वाले 14 डबल-सीटर जेएफ़-17बी विमानों के महत्व के बारे में कहा कि निर्यात के लिहाज़ से पाकिस्तान के लिए इन विमानों की अहमियत बहुत ज़्यादा है.

"जब भी हम किसी ग्राहक से बात करते थे, तो वो कहते थे कि हमें प्रशिक्षण के लिए डबल-सीटर विमान चाहिए और इन विमानों को विशेष रूप से इसीलिए तैयार किया गया है."

जेएफ़-17

बुधवार को उन जेएफ़-17 विमानों का भी प्रदर्शन किया गया जो पाकिस्तान ने विभिन्न देशों को बेचने के लिए तैयार किए हैं.

जेएफ़-17 थंडर लड़ाकू विमान पाकिस्तान के लिए इस वजह से भी विशेष महत्वपूर्ण है क्योंकि पाकिस्तान इसे ख़ुद बनाता है.

पाकिस्तान ने चीन की मदद से ही इन विमानों को बनाने की क्षमता हासिल की है और विशेषज्ञों के मुताबिक़ यह विमान एक बहुआयामी, हल्का, फ़ोर्थ जेनरेशन का मल्टी-रोल एयर क्राफ्ट है.

विमान का निर्माण, अपग्रेडेशन और 'ओवरहॉलिंग' की सुविधाएं भी देश के अंदर ही उपलब्ध हैं. जिसका अर्थ यह है कि पाकिस्तान को इस विमान की तैयारी के लिए किसी अन्य देश की आवश्यकता नहीं है.

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, जेएफ़-थंडर विमान एफ़-16 फ़ॉल्कन की तरह, हल्के वज़न के साथ-साथ, सभी मौसम में ज़मीन और हवा में मार करने वाला बहुआयामी विमान है. यह विमान लंबी दूरी की मार करने वाली मिसाइलों से लैस है.

जेएफ़-17 थंडर ने इसी क्षमता के कारण बीवीआर (बियॉन्ड विज़ुअल रेंज) मिसाइल से बालाकोट घटना के बाद भारतीय वायु सेना के मिग को मार गिराया था. इसी वजह से जेएफ़-17 थंडर की ख़ूब तारीफ़ की गई थी.

जेएफ़-17 थंडर में भी वही अत्याधुनिक रडार लगी हुई है, जिसे रफ़ाल की भी एक बड़ी विशेषता माना जाता है. ये विमान टारगेट को लॉक करके मिसाइल दाग़ने में सक्षम है.

जेएफ़-17

मिसाइल की रेंज 150 किलोमीटर तक बताई जाती है और यह अपने लक्ष्य का ठीक उसी तरह पीछा करती है जैसा कि कई हॉलीवुड फ़िल्मों में दिखाया जाता है.

जेएफ़-17 थंडर ज़मीन पर दुश्मन की निगरानी और हवाई हमले के साथ-साथ ज़मीनी हमले में भी सक्षम है. ये विमान हवा से ज़मीन, हवा से हवा और हवा से पानी की सतह पर मार करने वाली मिसाइल प्रणाली के अलावा अन्य हथियारों का इस्तेमाल करने में भी सक्षम है.

पाकिस्तान ने जेएफ़-17 पर कब काम शुरू किया?

ये कहानी 1995 से शुरू होती है, जब पाकिस्तान और चीन ने जेएफ़-17 से संबंधित एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.

इस विमान का पहला परीक्षण मॉडल सन 2003 में तैयार हुआ था और पाकिस्तानी वायु सेना ने साल 2010 में पहली बार जेएफ़-17 थंडर को अपने बेड़े में शामिल किया था.

एक मिग विमान बनाने वाली रूसी कंपनी मिकोयान भी इस परियोजना में शामिल हुई. पाकिस्तान वायु सेना ने जेएफ़ -17 थंडर को मिराज, एफ़-7 और ए-5 विमानों की जगह लाने के लिए डिज़ाइन किया.

जेएफ़-17

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर लोगों को पाकिस्तान वायु सेना में जेएफ़-17बी विमानों को शामिल करने की सराहना और इस पर चर्चा करते देखा गया.

मियां अय्यूब नाम के एक यूज़र ने जेएफ़-17 की एक तस्वीर साझा की और लिखा कि, "गहरी नींद सोइये, पाकिस्तान वायु सेना हमारे जीवन की रक्षा के लिए हर समय जाग रही है."

शेन एवन नामक यूज़र ने लिखा है कि यह राष्ट्रीय वायु रक्षा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. हमने और अधिक शक्ति प्राप्त कर ली है."

ज़रून नामक एक यूज़र ने जेएफ़-17 थंडर की एक तस्वीर साझा की और लिखा कि "पाकिस्तान वायु सेना की शक्ति को कम मत समझिए."

Comments

Popular posts from this blog

"बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!"

सिमरन प्रजापति  with  Rekha Vinod Jain  and  4 others Mon  ·  क्या खुब लिखा है किसी ने ... "बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!" न मेरा 'एक' होगा, न तेरा 'लाख' होगा, ... ! न 'तारिफ' तेरी होगी, न 'मजाक' मेरा होगा ... !! गुरुर न कर "शाह-ए-शरीर" का, ... ! मेरा भी 'खाक' होगा, तेरा भी 'खाक' होगा ... !! जिन्दगी भर 'ब्रांडेड-ब्रांडेड' करने वालों ... ! याद रखना 'कफ़न' का कोई ब्रांड नहीं होता ... !! कोई रो कर 'दिल बहलाता' है ... ! और कोई हँस कर 'दर्द' छुपाता है ... !! क्या करामात है 'कुदरत' की, ... ! 'ज़िंदा इंसान' पानी में डूब जाता है और 'मुर्दा' तैर के दिखाता है ... !! 'मौत' को देखा तो नहीं, पर शायद 'वो' बहुत "खूबसूरत" होगी, ... ! "कम्बख़त" जो भी ...

छिनतई होती रही और सामने से चली गई पुलिस.....

 DB Gaya 28.08.23

Magar Momino pe Kushada hain rahen || Parashtish karen Shauq se Jis ki chahein

  करे गैर गर बूत की पूजा तो काफिर  जो ठहराए बेटा खुदा का तो काफिर  गिरे आग पर बहर सिजदा तो काफिर  कवाकिब में मानें करिश्मा तो काफिर  मगर मोमिनो पर कुशादा हैं राहें  परस्तिश करें शौक से जिस की चाहें  नबी को जो चाहें खुदा कर दिखाएं  इमामों का रुतबा नबी से बढ़ाएं  मज़ारों पे दिन रात नजरें चढ़ाएं  शहीदों से जा जा के मांगें दुआएं  न तौहीद में कुछ खलल इससे आये  न इस्लाम बिगड़े न ईमान जाए । ( मुसद्दस हाली ) __________________________________________________ Padhne k baad kya Samjhe ? Agar Gair Boot ki Puja , Murti Puja , Yani ek khuda k Awala ki kisi Dusre ki puja kare to Kafir  Eesha Alaihissalam ko manne wale Agar Ek Allah ki Parastish karne k sath Eesha Alaihissalam ko Khuda maan Liya to  Fir bhi Kaafir  Aag ki sijdah Jisne Kiya wah bhi kaafir ho gaya  Falkiyaat Aur chaand aur sitaron k Wajud ko Allah ka banaya hua n maan kar Sirf Karishma maan liya to bhi Kaafir ... Lekin Musalmano ki Rahen Aasan aur Wasi  kai...