देशभक्त है इसका पैमाना क्या है।। पाकिस्तान को गाली देना या फिर सेना के किसी अप्रेशन पर या फिर सेना पर सवाल खड़ा करना ही देशप्रेम और देशद्रोही का पैमाना है तो कल हमारे वायु सेना के एक विंग कमांडर राजशेखर रेड्डी गिरफ्तार हुए हैं इन पर आरोप यह है कि ये भारतीय वायु सेना के विशेषाधिकार के सहारे ड्रग्स को एयरपोर्ट से बाहर निकलवाते थे और इसके लिए वायु सेना के हवाई पट्टी का भी उपयोग करते थे।।। मुंबई का आदर्श घोटाला याद है ना सेना के कई अधिकारी जेल कि हवा खा रहे है उस परिवार से मिलिए जो ट्रेन छुट ना जाये इसलिए सेना के बोगी में चढ गया था उस परिवार के साथ अवध असम ट्रेन में क्या हुआ याद है ना,,,

Santosh Singh
सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल खड़ा करना देशद्रोह है वाह चार दिनों से इसको लेकर इस तरह कि प्रतिक्रियाये आ रही है कि जैसे मैं कोई आईएसआई का ऐंजेट हूं,,,,,
एक से एक लोग नसीहत दे रहे हैं इससे भी बात नही बन पायी तो यहां तक कहने लगे कि तुम किसके बेटे हो तुम्हारा बाप कौन है प्रमाण के लिए वीडियो जारी करो,,, इस हद तक लोग उतर गये।।
होता है होता जब लोगो का तर्क शक्ति क्षीण होने लगता है तो इसी तरह कि प्रवृति बढती है,,, दुर्भाग्य है इस तरह कि बात करने वाले कई ऐसे विचारक और पत्रकार हैं जिनके पास शब्द के साथ खेलने का बेहतर अनुभव है फिर भी वो इस स्थिति में अपने आपको सम्भाल नही पाये.. पता नही क्यों लेकिन सीधा सवाल आप सबों से भी है कि मैं ,आप और वो देशभक्त है इसका पैमाना क्या है।।
पाकिस्तान को गाली देना या फिर सेना के किसी अप्रेशन पर या फिर सेना पर सवाल खड़ा करना ही देशप्रेम और देशद्रोही का पैमाना है तो कल हमारे वायु सेना के एक विंग कमांडर राजशेखर रेड्डी गिरफ्तार हुए हैं इन पर आरोप यह है कि ये भारतीय वायु सेना के विशेषाधिकार के सहारे ड्रग्स को एयरपोर्ट से बाहर निकलवाते थे और इसके लिए वायु सेना के हवाई पट्टी का भी उपयोग करते थे।।।
मुंबई का आदर्श घोटाला याद है ना सेना के कई अधिकारी जेल कि हवा खा रहे है उस परिवार से मिलिए जो ट्रेन छुट ना जाये इसलिए सेना के बोगी में चढ गया था उस परिवार के साथ अवध असम ट्रेन में क्या हुआ याद है ना,,,
हम सब में ऐसे कई लोग होगे जिन्हें सेना का कैसा आचरण होता है या तो सूना होगा या फिर खुद महसूस किये होगे।
आप को लग रहा होगा कि इससे सर्जिकल स्ट्राइक का क्या रखा है रखा हुआ है उरी में जिस कैम्प पर हमला हुआ उसके हेड पर बड़ी ही गम्भीर आरोप है इसी तरह पठानकोर्ट पर जो हमला हुआ उसमें आंतकवादी कैम्प में कैसे घूसा इस जांच के जद में सेना के कई अधिकारी भी है,,,,
इसलिए सेना जो कह रहा है वो सही कह रहा है या जो दावा कर रहा है उस दावे पर सवाल इसलिए ना उठाये कि सेना का मनोबल गिर जायेगा अगर इससे मनोबल गिरता है तो गिर जाये ऐसे सेना से बेहतर यहां कि जनता ही पाकिस्तान के भाड़े के टटू से निपट लेगा,,,,,,
चलिए देखते चलिए आगे आगे होता है क्या लेकिन एक आग्रह होगा शेर को मानव खून का टेस्ट मत कराईए पाकिस्तान वाला हाल हो जायेगा जिस तरीके से सेना को राजनैतिक फायदे के लिए उपयोग किया जा रहा है गले कि हंड्डी बन जाये तो कोई बड़ी बात नही होगी।।
October 6 at 6:58pm · Public
More
Matter source :- https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=1174904142548708&id=100000874019109&refid=17&_ft_=top_level_post_id.1174904142548708%3Atl_objid.1174904142548708%3Athid.100000874019109%3A306061129499414%3A2%3A0%3A1477983599%3A2833178296039862540&__tn__=%2As

सर्जिकल स्ट्राइक: सबूत देने से मोदी सरकार का फ़ायदा ही' - BBC हिंदी]

सर्जिकल स्ट्राइक: सबूत देने से मोदी सरकार का फ़ायदा ही' - BBC हिंदी

भारत भूषण
वरिष्ठ पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
5 अक्तूबर 2016
साझा कीजिए
Image copyrightAFP
पाकिस्तान प्रशासित क्षेत्र में सर्जिकल स्ट्राइक के दावे पर भारत सरकार को पुख़्ता सबूत देना चाहिए. सरकार अगर सबूत देती है, तो उसका फ़ायदा ही होगा.
विपक्ष इस मुद्दे को उठा रहा है, उसमें भी कुछ ग़लत नहीं है.
पाकिस्तान को अगर छोड़ भी दें तो भी इंटरनेशनल मीडिया ने इस मुद्दे पर जो लिखा है, उसमें भी कई सवाल हैं.
न्यूयार्क टाइम्स ने आधे पन्ने का लेख लिखा है कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ बोल रहा है. वाशिंगटन पोस्ट ने भी कुछ ऐसा ही लिखा है.
बीबीसी ने अपने संवाददाता को सीमा पर भेजकर वहां के गांव का हाल लिखा है, जिसमें स्थानीय लोग बता रहे हैं कि गोलीबारी हुई थी, हमला नहीं हुआ और कोई हताहत नहीं हुआ था.
Image copyrightAFP
मैंने जहां तक पढ़ा है केवल आयशा सिद्दिका ने लिखा है कि एक जगह पर 200 मीटर अंदर तक भारतीय सेना गई और चार पांच चरमपंथियों को मारकर वापस लौट गई.
लेकिन बाक़ी कोई नहीं कह रहा है कि ऐसा हुआ है.
अगर ऐसा हुआ है, तो इसके कई परिणाम हो सकते हैं. पहली बात तो यही है कि भारत आज तक अपनी परंपरागत सेना का इस्तेमाल इस तरह नहीं करता था और ना ही वो नियंत्रण रेखा को पार करती थी.
चरमपंथियों पर कार्रवाई के लिए भी पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश नहीं करने का दबाव रहता था. पाकिस्तान के एटमी हमले को लेकर भारत को डराया जाता था, अब वह डर समाप्त हो गया है.
इसलिए रणनीतिक तौर पर भारत को फ़ायदा हुआ है.
लेकिन इस स्ट्राइक पर जो सवाल उठाए जा रहे हैं, वो अपनी जगह सही हैं. उनका जवाब देना बहुत ज़रूरी है.
क्या कोई सरकार अपने लोगों से झूठ बोल सकती है? अगर सच बोल रही है तो क्या लोगों को यक़ीन दिला सकती है कि हम सच बोल रहे हैं!

या आधा सच बोल रहे हैं? अगर किसी चीज़ के बारे में आधा सोच बोल रहे हैं तो क्या भरोसा कि किसी और मामले में पूरा सच बोलेंगे.
इस मौक़े पर विपक्षी दल पाकिस्तान के बहाने सरकार पर निशाना साध रहे हैं. क्योंकि मौजूदा समय में जिस तरह का राष्ट्रवादी माहौल बन गया है कि अगर आप सेना पर सवाल उठाएंगे तो लोग (मोदी भक्त) आपके पीछे पड़ जाएंगे.
आप एंटी नेशनल ठहरा दिए जाएंगे. कोई भी इस मौक़े पर ये नहीं कहना चाहता कि भारतीय सेना ने ग़लत काम किया है.
सब यही कह रहे हैं कि सही काम किया है, लेकिन सवालिया निशान उठ रहे हैं तो स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि किन सैनिकों ने किया है, कैसे किया है.
ये सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, इस बहाने विपक्षी दल अपनी राजनीति भी कर रहे हैं.
देखिए तीन राज्यों में चुनाव होने हैं - पंजाब, उत्तर प्रदेश और गुजरात. इन तीनों जगह पर भारतीय जनता पार्टी की स्थिति डवांडोल है.
ऐसे में वे इस हमले का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करेंगे. जो कुछ भी सेना ने किया है, और, प्रधानमंत्री के आदेश पर किया है तो वो उसका फ़ायदा लेने की कोशिश करेंगे.

कांग्रेस भी करेगी, वो कह रही है कि उनके समय में भी ऐसे स्ट्राइक हुए थे, लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हमने उसे गोपनीय रखा.
पहले भी ऐसा होता रहा था. करगिल युद्ध के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उसी के नाम पर चुनाव लड़ा था और जीतकर आए थे.
हालांकि उस वक्त इस तरह के पोस्टर देखने को नहीं मिले थे और युद्ध के नाम पर वोट मांगने जैसी स्थिति भी नहीं थी. लेकिन पड़ोसी देशों के साथ तनाव की स्थिति का सियासी फ़ायदा उठाने की कोशिश होती रहती है.
इस बार ज़्यादा दिख रही है, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी के लिए दांव पर काफ़ी कुछ लगा हुआ है. अगर पंजाब और उत्तर प्रदेश का चुनाव वे हार जाते हैं तो सोचिए कि गुजरात में इनकी क्या स्थिति होगी!
http://www.bbc.com/hindi/india-37557438

सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत देने के लिए सेना कर रही फर्जी वीडियोग्राफी]


सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत देने के लिए सेना कर रही फर्जी वीडियोग्राफी
   
05 Oct, 2016   Ikram Saifi
NEW DELHI : PAKISTAN के कब्जे वाले PoK में आतंकी ठिकानों पर INDIA की SURGICAL STRIKE के सबूत सार्वजनिक किए जाने के बीच निर्दलीय विधायक शेख अब्दुल राशिद ने बुधवार को सेना के फर्जी सबूत दिए हैं

अब्दुल राशिद ने कहा है कि सेना सबूत पेश करने के लिए नियंत्रण रेखा के पास लीपा घाटी में ‘फर्जी कार्रवाई’ की वीडियोग्राफी कर रही है। कश्मीर में कुपवाड़ा जिले के लांगेट के विधायक राशिद ने दावा किया कि पिछले तीन दिनों से सेना उनके विधानसभा क्षेत्र में लीपा घाटी में फर्जी हमले की फुटेज बनवा रही है ताकि उन्हें लक्षित हमले के सबूत के तौर पर दिखा सके।
उन्होंने दावा किया कि फर्जी निशाने बनाए जा रहे हैं और मैं पूरी दुनिया को कहना चाहता हूं कि यदि वे कुछ सबूत पेश करें, तो यह लीपा का होगा और यह फर्जी है जिसे हम साबित कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पांच में दो स्थानों पर कोई गोलीबारी नहीं हुई जहां सेना ने अपने हमले करने का दावा किया है। विधायक ने कहा कि उन्होंने क्षेत्र के लोगों से जानने की कोशिश की और उनकी जानकारी के मुताबिक, पिछले 20 दिनों में वहां कोई गोलीबारी नहीं हुई। सर्जिकल स्ट्राइक एक नाटक था ताकि कश्मीर से ध्यान भटकाया जा सके जहां तीन महीने से हिंसा हो रही थी।

राशिद ने सेना से नेताओं के हाथों इस्तेमाल नहीं होने को कहा। विधायक ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मीडिया को नियंत्रण रेखा पर ले गया ताकि वह उन्हें दिखा सकते कि ऐसा कोई हमला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि भारत अपने दावों को लेकर सच्चा है तो वह भी ऐसा करता। दोनों देशों से अपने निहित हितों को लेकर कश्मीर को रणभूमि नहीं बनाने को भी कहा।
भारतीय सेना का दावा है कि उसके जवानों ने एलओसी पार कर पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक किए हैं। इस दौरान उन्होंने पीओके स्थित आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया है। वहीं पाकिस्तानी सेना भारतीय सेना के इन दावों को खारिज कर रही है। पाकिस्तानी सेना का कहना है कि भारतीय सेना ने कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं किए। सीमा पर दोनों पक्षों में फायरिंग हुई थी, जिसमें पाकिस्तानी सेना के दो जवान मारे गए।

http://liveindia.live/postdetail/index/id/99195/kashmir-mla-sheikh-abdul-rashid-says-army-recording-fake-exerc/

'डियर पाकिस्तान और भारत, युद्ध ऐसा होता है'

'डियर पाकिस्तान और भारत, युद्ध ऐसा होता है'
4 घंटे पहले
साझा कीजिए
Image copyrightAP
भारत और पाकिस्तान के मौजूदा तनाव के बीच पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने अमन की बात की है.
उन्होंने ट्वीट किया है, "इसकी कोई अहमियत नहीं है कि नॉन स्टेट एक्टर क्या कह रहे हैं, हमारा मीडिया क्या चाहता है, हमारे नेता क्या चाहते हैं, इसकी भी अहमियत नहीं है. भारत और पाकिस्तान के लोग अमन-शांति चाहते हैं."
मौजूदा तनाव के बीच अमन की बात करने वाले बिलावल पाकिस्तान के इकलौते नेता हैं.
इससे पहले नवाज़ शरीफ़ ने भारत के सर्जिकल स्ट्राइक को ख़ारिज जरूर किया है लेकिन उन्होंने पाकिस्तान में सर्वदलीय बैठक भी बुलाई. उससे पहले उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान की ओर किसी की भी बुरी नज़र बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
Image copyrightTWITTER
हालांकि बिलावल भुट्टो पाकिस्तान में सोमवार को प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए थे और उन्होंने कश्मीर के मुद्दे पर किसी तरह के समझौते से इनकार पर अपनी सहमति जताई थी, लेकिन मीटिंग के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत में उन्होंने माना था कि कश्मीर समस्या का हल युद्ध नहीं है.
अपने एक अन्य ट्वीट में बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने चरमपंथी हिंसा से प्रभावित सीरियाई लोगों के फुटेज को पोस्ट करते हुए लिखा है, "डियर पाकिस्तान और भारत, युद्ध ऐसा होता है." पाकिस्तान सेना के प्रमुख राहील शरीफ़ ने भी कहा था कि पाकिस्तानी सेना किसी भी स्थिति के लिए तैयार है.
वहीं जमात उल दावा के मुखिया हाफिज सईद ने कहा था कि भारत पर पाकिस्तानी सेना सर्जिकल स्ट्राइक करेगी. ऐसे माहौल में अमन और शांति की बात करके बिलावल भुट्टो ने अपनी राजनीतिक परिपक्वता का परिचय दिया है.
Image copyrightTWITTER
बिलावल भुट्टो के मुताबिक कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की गाइडलाइंस के मुताबिक ही व्यवहार करना चाहिए. हालांकि उन्होंने ये भी कहा है कि उनकी पार्टी कश्मीर के मुद्दे पर किसी तरह की राजनीति नहीं कर रही है.

http://www.bbc.com/hindi/social-37567061?ocid=socialflow_facebook

पाकिस्तान और कश्मीर दोनों मजबूत हुए: नवाज़ शरीफ

पाकिस्तान और कश्मीर दोनों मजबूत हुए: नवाज़ शरीफ़
े
साझा कीजिए
Image copyrightAFP
Image caption
पाकिस्तान की संसद
भारत के साथ नियंत्रण रेखा पर हाल के तनाव को लेकर पाकिस्तान में संघीय मंत्रिमंडल और राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की विशेष बैठकों के बाद बुधवार को संसद का विशेष संयुक्त सत्र बुलाया गया है.
प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने भारत की ओर से पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक के दावों को अंतिम रूप से ख़ारिज कर दिया है.
पाकिस्तान का मानना है कि भारत ऐसा इसलिए कर रहा है ताकि दुनिया भर का ध्यान जम्मू कश्मीर में कथित 'मानवाधिकार उल्लंघन' पर ना जाए.
इस्लामाबाद में हुई संयुक्त बैठक में कश्मीर का मामला एजेंडे में सबसे ऊपर रखा गया.
सरकारी मीडिया के अनुसार पाकिस्तान के केंद्रीय सूचना मंत्री परवेज़ रशीद का कहना है कि यह बैठक भारतीय सेना की 'बर्बरता की शिकार' कश्मीरी जनता से एकजुटता जाहिर करने के लिए बुलाई गई.
Image copyrightGETTY IMAGES
Image caption
संसद में दूसरी बड़ी विपक्षी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने बैठक का बहिष्कार किया.
पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान ने मंगलवार को मीडिया से कहा कि उन्हें इस बैठक में किसी विशेष प्रगति की उम्मीद नहीं है.
उनका कहना था कि संभवतः यहां वही प्रस्ताव पेश किया जाएगा जो कुछ दिन पहले कश्मीर के मुद्दे पर संसदीय दलों के नेताओं के विशेष सत्र में पारित किया गया था.
इस बैठक में शरीक नेता कश्मीर समस्या पर सरकार का साथ देने और संयुक्त प्रयास करने पर सहमत हुए थे.
प्रधानमंत्री हाउस की ओर से जारी किए गए बयान के अनुसार नवाज़ शरीफ़ ने इस बैठक को संबोधित करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय महत्व के मामलों में शामिल कश्मीर के बारे में बात करने के लिए हम सब यहां आए हैं.
नवाज़ शरीफ़ का कहना था कि भारत अपनी आक्रामकता से कश्मीर आंदोलन को कुचल नहीं सकता.
उन्होंने कहा कि कश्मीरियों की दुर्दशा को विश्व स्तर पर सामने लाने के लिए राजनीतिक दलों के साथ मिलकर गंभीर प्रयास किए जाएंगे.
प्रधानमंत्री ने राजनीतिक दलों के सुझावों पर हर संभव पालन करने का आश्वासन दिया है और कहा है कि इस बैठक से पाकिस्तान और कश्मीर दोनों मजबूत हुए हैं.
Image copyrightPM HOUSE
Image caption
पाकिस्तान में संसद का संयुक्त सत्र
इसी मामले में मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक में फैसला लिया गया था कि पाकिस्तान शांति के संयुक्त प्रयासों का समर्थन करता है लेकिन वह किसी की सर्वोच्चता स्वीकार नहीं करेगा.
प्रधानमंत्री हाउस में आयोजित इस बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि कोई भी देश पाकिस्तान की रक्षा क्षमता को लेकर गलतफहमी न पाले.
http://www.bbc.com/hindi/international-37559845

मुसलमानों अपने हक को जानों :

❗❗❗❗❗❗❗

मुसलमानों अपने हक को जानों :

तमाम मुस्लिम बाशिंदों से गुज़ारिश है

कि हमारे देश में चारों ओर साजिशों का दौर चल पड़ा है

RSS एवं BJP हर रोज़ हिन्दू समाज को घर-घर जाकर मुसलमानों के खिलाफ जहर पिला रहे हैं।


प्रतिदिन देश के किसी न किसी कोने में मुसलमानों पर किसी भी बहाने से जुल्म को अंजाम दिया जा रहा है ।

RSS के लोग मुसलमानों पर ज्यादती के मौके तलाश रहे हैं ।

ऐसे में हमें भी चाहिए कि हम अपने अधिकारों को जाने

जो कि हमें भारत के संविधान ने दिये हैं

क्योंकि हम इस देश में किराएदार नहीं है इस मुल्क की एक एक इंच जमीन पर हमारा भी बराबर का अधिकार है ।

अगर कोई भी व्यक्ति आपसे बुरा व्यवहार करता है या आपसे मुस्लिम होने की वजह से मारपीट या गाली गलौज करता है

तो आप चुप न बैठें क्योंकि आपकी यही खामौशी इन देशद्रोहीयों के हौसलों को मजबूत करती है ।

आप एक इज्जतदार नागरिक होने का फर्ज निभाए

और ऐसे देश के दुश्मनों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएँ।


1. आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॅा आफ बोर्ड यानी की AIMPLB एक ऐसी संस्था है जो कई सालों से मुसलमानों के अधिकारों के लिये काम कर रही है।

जब बैरिस्टर असदउद्दीन औवेसी लंदन से वकालत की तालीम लेकर भारत आए

तो मुसलमानों के कमज़ोर हालात और उनके साथ हो रही नाइंसाफी को देखते हुए


उन्होंने हिन्दुस्तान के कुछ मशहूर मुस्लिम वकीलों और समाज सेवकों को साथ लेकर इस संस्था का गठन किया।


अगर किसी मुसलमान भाई को कोई भी परेशानी हो तो आप इस संस्था में कॅाल कर सकते हैं

जहाँ से आपको पूरी फ्री कानूनी मदद मिलेगी एवं वकील भी मुहैया कराए जाएंगे।



AIMPLB ( Delhi )
Contact: 91-11-26322991
Fax: 91-11-26314784
Email: aimplboard@gmail.com

खिदमत ( Delhi )
अल्पसंख्यक हेल्पलाईन
1800112001 (toll free)
09002354354


. और भी कई मुस्लिम संस्थाएं हैं जिनपर सम्पर्क किया जा सकता है:

CAVE ( A. R. Agwan )
011-29946037
9911526380


MCED ( Gaffar sheikh)
0240-2321223/24
09422206541


Muslim Yuva Manch
(Wasim Irfani )
01477-220137


मुस्लिम वक्फ बोर्ड:

Andhra Pradesh
( M.J. Akbar )
09440810006
040-66106248


Assam
( Nakibur Jaman)
09864021968
0361-2235285


Bihar
( Syed Sharim Ali )
07739323777
0612-2230581

Gujarat
( A.I. Sayed )
09909908299
079-23235467

Madhya Pradesh
( Shokat Mohammed Khan)
09425004331
0755-2543175


Utter Pradesh
( Zafar Ahmed faruqui )
09455557777
0522-2239378

Delhi
( S. M. Ali )
09650131666
011-23274417

इसे अधिक से अधिक शेयर करें

ताकि किसी मुस्लिम भाई के साथ नाइंसाफी न हो।
Copied from whatsapp group

❗❗❗❗❗❗❗

जहां सर्जिकल स्ट्राइक हुई वहां का आंखों देखा हाल - BBC हिंदी

[जहां सर्जिकल स्ट्राइक हुई वहां का आंखों देखा हाल - BBC हिंदी]

शाइमा ख़लील
बीबीसी संवाददाता, एलओसी से
े
साझा कीजिए

जम्मू-कश्मीर के इलाक़े में नियंत्रण रेखा जिन हरे भरे पहाड़ों से होकर गुजरती है, उन्हें देख कर किसी को भी भ्रम हो सकता है.
नियंत्रण रेखा को ही दोनों मुल्कों - भारत और पाकिस्तान के बीच व्यावहारिक तौर पर सीमा रेखा माना गया है.
हाल में हुए चरमपंथी हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव काफ़ी बढ़ गया है.
पहली नज़र में देखने पर ये निहायत ही शांत और बेहद सुंदर लगे. लेकिन भारत और पाकिस्तान, दोनों ही तरफ थोड़ी-थोड़ी दूर पर सेना के चेक प्वाइंट्स बने हुए हैं.
यह दुनिया के सबसे ज़्यादा सैनिक जमावड़ा वाला इलाक़ा है.
सेना का नियंत्रण बहुत कड़ा है. सेना की निगरानी के बग़ैर पत्रकारों को आसपास कहीं फटकने भी नहीं दिया जाता है.

Image caption
नियंत्रण रेखा के पास तैनात सैनिक
पाकिस्तानी सेना हमें उन दो जगहों पर ले गई, जिसके बारे में भारत ने दावा किया है कि उसने वहां 'सर्जिकल स्ट्राइक' किए हैं - बागसर और तत्ता पानी.
भारत के सर्जिकल स्ट्राइक के दावे के ऐलान के फ़ौरन बाद ही पाकिस्तानी सेना ने इसे सिरे से ख़ारिज कर दिया था.
पाकिस्तानी सेना का कहना था कि भारत अपनी मीडिया को 'भ्रम में डालने की' कोशिश कर रहा है.
अपने दावे को साबित करने के लिए पाकिस्तानी सेना स्थानीय और विदेशी मीडिया को उन जगहों पर ले गई.
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ़्टिनेंट जनरल असीम बाजवा ने कहा, "हम आपको यहां लेकर आए हैं ताकि आप ख़ुद देख सकें."

Image caption
नियंत्रण रेखा के दोनों ही ओर बड़ी तादाद में सैनिक जमावड़ा है
पाकिस्तानी सेना भारत की ओर से हमले की बात से इंकार नहीं कर रही है. लेकिन उसका कहना है कि ये रूटीन था, जो इस इलाक़े में होता रहता है, भारत का सर्जिकल स्ट्राइ का दावा झूठ है.
उन्होंने पत्रकारों को नियंत्रण रेखा पर वह जगह भी दिखाई, जहां सीमा पार से गोलाबारी हुई. हालांकि वो बार-बार कहते रहे कि वे तो सीमा पार से बग़ैर किसी उकसावे के होने वाली गोलाबारी का जवाब भर दे रहे हैं.
लेफ़्टिनेंट जनरल बाजवा ने कहा, "जब नियंत्रण रेखा बन गई और युद्ध विराम हो गया, उसी समय से सीमा के दोनों ओर से फ़ायरिंग होती रही है."

पर वे इस बात पर अडिग थे कि किसी भारतीय सैनिक ने सीमा पार कर पाकिस्तानी ठिकानों पर हमला नहीं किया.
यह बात दूसरी है कि ख़बरों में कहा गया है कि एक भारतीय सैनिक भूल से सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गया है.
उन्होंने कहा, "सैनिक ग़लती से सीमा पार तो करते ही रहते हैं. इसके लिए हमने एक प्रक्रिया तय कर रखी है. हम उनकी पहचान सुनिश्चित कर लेते हैं और उन्हें वापस भेज देते हैं. इसमें हमें थोड़ा समय लगता है."
उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए निचले स्तर पर दोनों पक्षों में बात चल रही है.

Image caption
नियंत्रण रेखा के पास बसा गांव
हाल की झड़पों से दोनों देशों के बीच तनाव बढने का ख़तरा पैदा हो गया है. ऐसा उन ख़बरों के बाद हुआ, जिनमें कहा गया है कि भारत में सीमा पर सेना का जमावड़ा बढ़ रहा है और गांव खाली कराए जा रहे हैं.
लेकिन लेफ़्टिनेंट बाजवा कहते हैं, "पाकिस्तान हमला शुरू करने के मूड में बिल्कुल नहीं है. वह भी ऐसे समय जब पश्चिमी सेक्टर के क़बाइली इलाक़ों में तालिबान चरमपंथियों के ख़िलाफ़ सेना का अभियान चल रहा है.''
वो कहते हैं, "यह निहायत ही दुर्भाग्यपूर्ण होगा कि हम वहां से अपनी सेना हटा कर पूर्वी सेक्टर में ले आएं. "
इसके साथ ही वो यह भी कहते हैं, "लेकिन यदि उनकी तरफ़ से कुछ किया गया तो ज़बरदस्त जवाब दिया जाएगा."

Image caption
नियंत्रण रेखा के पास प्रेस कांफ्रेंस करती हुई पाकिस्तान सेना
जब हम दूसरी जगह जाने की तैयारी करने लगे तो हमारे साथ चल रहे एक दूसरे वरिष्ठ अफ़सर ने कहा कि यदि वाक़ई कोई 'सर्जिकल स्ट्राइक' हुई होती तो मौतो की तादाद ज़्यादा होती और काफ़ी नुक़सान हुआ होता.
यह इलाक़ा तो देखने में सुरक्षित ही लगा.
लेकिन वहां मौतें कितनी हुई थीं ये जानने का कोई उपाय हमारे पास नहीं था. हम तो वही देख पा रहे थे, जो हमें दिखाया जा रहा था.
तत्ता पानी बेहद खूबसूरत जगह है, जहां पाकिस्तान प्रशासित इलाक़े में रहने वाले नागरिकों और भारतीय सैन्य ठिकानों के बीच एक नदी बहती है.
मैं यहां बरकत अली ख़ान से मिली, वो गांव में एक दुकान चलाते हैं.

Image caption
नियंत्रण रेखा के पास रहने वाले बरकत अली ख़ान ने कहा कि वो कभी भी गांव छोड़ कर नहीं जाएंगे.
हमारे अग़ल-बगल फ़ौज़ियों को देख उनके चेहरे पर किसी तरह की शिकन नहीं आई.
उन्होंने कहा कि तनाव बढ़ने का उनपर और उनके परिवार पर बुरा असर पड़ता है.
उन्होंने भारतीय सेना की चौकियों को तो नहीं देखा है, पर वो जानते हैं कि वहां ऐसी चौकियां बनी हुई हैं.
उन्होंने कहा, "भारत की ओर से होने वाली गोलाबारी से हमारे कामकाज और हमारी ज़िंदगी पर बुरा असर पड़ता है, पर हमें इसका डर नहीं है. हम यह जगह कभी नहीं छोड़ेंगे."

पाकिस्तानी सेना यह संकेत देने की कोशिश कर रही है कि कि सब ठीकठाक है. लेकिन जैसा कि हर बार तनाव के बाद होता है वही डर अब भी बना हुआ है, परमाणु हथियारों से लैस दो मुल्कों के बीच हालात बहुत बिगड़ जाने का.


http://www.bbc.com/hindi/india-37542966