मोदी के प्रचार की जिम्मेदारी एन आई ए के हाथों में ?

आतंकी जाँच की राजनीतिकरण और भगवाकरण हो रही है :- माले
पटना 1/4/14 (PNS) सी पी आई माले पोलित ब्यूरो रुक्न कामरेड कविता कुनाल ,धिरेंदर झा ,रियासती परमानेंट कमिटी मेम्बर राजा राम और एन आई ए के हाथों टार्चर के शिकार अरवल के आबेल गाँव के मकसूद आलम और दीगर मज्लुमिन ( पीड़ित )ने आज पटना में आयोजित कांफ्रेंस से खाताब करते हुए कहा की दह्शात्गार्दाना सरगर्मियों की जांच की सेयासिकरण और भगवाकरण की जा रही है । जो देश और समाज के लिए बेहद खतरनाक है । माले रहनुमाओं ने कहा की जांच एजेंसियां अपना काम मुल्क के कानून के तेहत करे न की भगवा प्रोजेक्ट के तेहत । लोकतांत्रिक और स्वैन्धानिक संगठन का सांप्रदायिक प्रयोग हिंदुस्तान की सेक्युलर बुनियाद को कमजोर करेगा । एन आई ए कानून मानवाधिकार पर सेयाह धब्बा है ।इस ऐब को मुस्लिम बस्तियों को दह्शात्जुदा ( आतंकित ) करने के लिए और बेक़सूर मुस्लिम नवजवानों को फंसाने के खेलाफ लोकतंत्र और इन्साफ को माले अपना इशू बनाएगा । एन आई ए मोदी के हक में वोट देने का दबाव बना रहा  है और मुस्लिम बस्तियों में दहशत फैला रही है  । जांच टीम की रिपोर्ट में पीड़ितों का  बयान चौंकाने वाला  है । दिल्ली में मकसूद आलम से एन आई ए के अहलकारों ने पूछा की माले  में क्यों हो ? और कहा की तुम लोग माले को वोट क्यों दोगे? मोदी को क्यों नहीं ? माले नेताओं की एक टीम कल अरवल जिला के आबेला गाँव में मिले और इस तरह के मामलों की जांच करने गयी थी जिसमे दहशतगर्दी के नाम पर बेक़सूर मुस्लिम नौजवानों को फंसाने के  खेलाफ इन्साफ की मुहीम चलाने वाली संगठन रिहाई मंच के अधिवक्ता सोऐब ,सी पी आई पोलित ब्यूरो के सदस्य कविता कृष्णन ,धरमेंदर झा ,राजा राम ,माले नेता मोहम्मद हलिम ,अधिवक्ता प्रभात भारद्वाज वगैरह शामिल  थे

जांच टीम ने पीड़ितों के साथ साथ गाँव वालों के बयान की बुनियाद पर कहा है की एन आई ए की गाँव में दहशतगर्दी चल रही है । गाँव के 15 लोगों को थाना बुलाकर ,मांसिक ,और शारीरिक रूप से टार्चर किया  . जहानाबाद से एक युवक को दिल्ली बुलाकर ले गयी और अमानवीय हरकत की गयी है । घुटने की हड्डी तोड़ दी गयी है . पैर काला पड़ गया है । पानी में डुबो कर झूठ कबूल करने को कहा जा रहा है । असलम परवेज पिता का नाम मकसूद आलम को 5/3/14  को पिता के सामने बुलाया गया और उनके सामने पिटा गया । फिर दिल्ली ले जाया गया । और लगातार टार्चर किया जा रहा ।असलम के वालिद को दिल्ली बुलाया गया और उनपर दबाव डाला गया की बेटे को कहो की जुर्म कबूल कर ले । इरफ़ान के भाई रुस्तम अंसारी को दिल्ली बुलाकर एन आई ए ने दबाव डाला की अपने भाई से कहो की उसे सब बात की जानकारी हो गई है । तुम अपना जुर्म क़बूल कर लो नहीं तो खानदान बर्बाद हो जाएगा । वाजेह रहे की उन लोगों  पर एन आई ने इलज़ाम लगा रहा है की आतंकी हैदर से उन लोगों ने मोबाइल पर बात की  है । एन  आई ए ने गाँव के हिन्दू नौजवानों से भी पूछ ताछ की है । स्कूल  के  प्रिंसिपल जय चंद से भी बात की  है ।कयोंकि छात्रों से स्थानिये  टीचर से फ़ोन पर सर्टिफिकेट के सिलसिले में बातचीत की थी । एन आई ए का  इलज़ाम  है की उपरोक्त टीचर का नंबर  दहशतगर्द के नंबर से मिलता है
उर्दू दैनिक पिन्दार :- 2/4/14 पेज 9 से)

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