बंगाल सी आई डी और बंगाल के गृह सचिव की रिपोर्ट और बयान से सेंट्रल एजेंसियों के नियत पर लगा प्रश्न चिन्ह ?

बंगाल सी आई डी और बंगाल के गृह सचिव की रिपोर्ट और बयान से सेंट्रल एजेंसियों के नियत पर लगा प्रश्न चिन्ह ?
बंगाल के बर्धमान जिले में हुए रहस्मयी धमाके पे जो दावे और प्रति दावे का दौर चला उस दौर ने देश में तरह तरह के कयास और अटकलबाजी लगाने के सौ - सौ बहाने दे दिए हैं।
वजह भी है पहले सिलेंडर ब्लास्ट , उसके बाद आतंकी वारदात ,बाद में अल्कायेदा से संबंधों की बात ।
सेंट्रल एजेंसियां बड़े बड़े दावे करते नहीं थक रही , अल्कायेदा ,और सिमी का बखान बघारते नहीं थक रही तो वही दूसरी तरफ बंगाल के आला अफसरों ने सेंट्रल एजेंसियों के दावे की हवा कुछ यूँ निकाल दी है ।
पेश है दिनांक 6/10/14 और 7/10/14 की दैनिक जागरण में प्रकाशित रिपोर्ट ।
बंगाल के होम सेक्रेटरी ने सबूत मिटाने के आरोपों को खारिज करते हुए सेंट्रल जाँच एजेंसियों को खुद कटघेरे में ला खरा किया है ।
अगर होम सेक्रेटरी के बातों को सही मान लिया जाय तो देश में सवाल उठने लगा है की आखिर जांच एजेंसियां आखिर किस मकसद और किसके इशारे पर और किसे फायेदा पहुंचाने की खातिर जांच सबूत मिटाने का आरोप मढ़ते हुए बात का बतंगर बना रही ?
सी आई डी की रिपोर्ट से भी सेंट्रल जांच एजेंसी बेनकाब ।
NIA ने धमाके की रिपोर्ट केंद्रीय गृह सचिव को सोंपी है जिसमें सिमी से सम्बन्ध की बात कही गयी है  ।
जबकि सी आई डी की रिपोर्ट में सी मी  का उल्लेख तक नहीं है ।
क्या इतना बड़ा वुरोधाभास सेंट्रल जांच एजेंसियों के मंसा पर प्रश्न चिन्ह लागने के लिए काफी नहीं ?

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